
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सोमवार को विधान सभा स्थित कक्ष संख्या-101 में लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य विधान परिषद में लोक निर्माण विभाग से संबंधित उठाए गए मुद्दों और सदस्यों के सवालों का शीघ्र व गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करना था।
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अधिकारियों को दिए निर्देश
उप मुख्यमंत्री ने बैठक में विभागीय कार्यों में तेजी लाने और सदन में उठाए गए जनहित के मुद्दों पर अधिकारियों की जवाबदेही तय करने के स्पष्ट निर्देश दिए। इस दौरान प्रमुख सचिव (लोक निर्माण विभाग) अजय चौहान, PWD सचिव प्रकाश बिन्दुण और प्रमुख अभियंता अशोक कुमार द्विवेदी सहित विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
समस्याओं के निस्तारण में लापरवाही बर्दाश्त नहीं
बैठक के दौरान उप मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि, विधान परिषद और विधान सभा में सदस्यों द्वारा उठाए गए हर एक सवाल का समयबद्ध और तथ्यात्मक जवाब तैयार किया जाए। जनता से जुड़ी समस्याओं और विभागीय परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि, सदन में उठने वाले हर विषय को पूरी गंभीरता से लिया जाये और धरातल पर कार्यों को तेजी से पूरा किया जाये।
विपक्ष से सहयोग की अपील
सदन की कार्यवाही और लोकतांत्रिक मूल्यों पर जोर देते हुए डिप्टी सीएम ने कहा, हमारी सरकार हर हाल में सदन को सुचारू रूप से और नियम संगत तरीके से चलाना चाहती है। सदन की कार्यवाही प्रदेश के विकास और जनता की आवाज को उठाने का मंच है।

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए अपील की और कहा, मैं विपक्ष से अनुरोध करता हूं कि, वे सदन का कीमती समय बर्बाद न करें। सदन की कार्यवाही बाधित करने से न केवल जनता के मुद्दों की अनदेखी होती है, बल्कि प्रदेशवासियों के टैक्स के पैस का भी दुरुपयोग होता है। डिप्टी सीएम ने कहा, विपक्ष को सकारात्मक चर्चा में भाग लेना चाहिए।।
मांगी प्रगति रिपोर्ट
श्री मौर्य ने अधिकारियों को विभाग की चालू परियोजनाओं की प्रगति रिपोर्ट पेश करने को कहा और निर्देश दिया कि सड़कों के गड्ढा मुक्त अभियान, नए पुलों के निर्माण और ग्रामीण कनेक्टिविटी से जुड़े जिन कार्यों पर सदन में चर्चा हुई है, उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। इसमें किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
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