
रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों की आय बढ़ाने और फसल विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक फैसला लिया है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। सबसे चर्चित फैसला किसानों से जुड़ा है, जिसमें धान की जगह अन्य फसलें लगाने पर प्रति एकड़ 15,000 रुपये की सहायता राशि देने का प्रावधान किया गया है। इसके अलावा बिजली कंपनी के आईपीओ, इलेक्ट्रिक बसों, योग शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में भी बड़े फैसले लिए गए।
इसे भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ के जशपुर में हाथियों का आतंक, दो सगे भाइयों को कुचलकर मार डाला
किसानों को मिलेगी आर्थिक मदद
कैबिनेट ने कृषक उन्नति योजना के नए स्वरूप को मंजूरी दे दी है। खरीफ सीजन 2026 से लागू होने वाली इस योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य में धान पर अत्यधिक निर्भरता कम करना, फसल विविधीकरण को प्रोत्साहन देना और किसानों की आय में वृद्धि करना है, जिन किसानों द्वारा धान की जगह दलहन, तिलहन, मक्का, कोदो, कुटकी, रागी और कपास जैसी अन्य खरीफ फसलें लगाई जाएंगी, उन्हें प्रति एकड़ 15,000 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

यह राशि सीधे किसानों के खातों में ट्रांसफर की जाएगी। सरकार का मानना है कि छत्तीसगढ़ में लंबे समय से धान की एकल फसल पर निर्भरता के कारण मिट्टी की उर्वरता घट रही है, भूजल स्तर नीचे जा रहा है और किसानों की आय में स्थिरता नहीं आ पा रही है। नई योजना से इन समस्याओं का समाधान होने की उम्मीद है।
दलहन-तिलहन का रकबा बढ़ेगा
योजना का लाभ लेने के लिए किसानों को एकीकृत किसान पोर्टल, एग्रीस्टेक पंजीयन और डिजिटल क्रॉप सर्वे में पंजीकरण करना होगा। इससे पारदर्शिता बनी रहेगी और वास्तविक लाभार्थियों तक मदद पहुंचेगी।

इस फैसले से प्रदेश में दलहन-तिलहन का रकबा बढ़ेगा, कृषि क्षेत्र में विविधता आएगी और किसान बेहतर बाजार मूल्य वाली फसलों से अधिक आय कमा सकेंगे। साथ ही राज्य की खाद्यान्न सुरक्षा भी बनी रहेगी।
बिजली कंपनी का आईपीओ लांच होगा
कैबिनेट ने छत्तीसगढ़ स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड को आईपीओ के माध्यम से स्टॉक एक्सचेंज में सूचीबद्ध करने की सहमति दे दी है। इस फैसले के बाद आम नागरिक, निवेशक और संस्थागत निवेशक कंपनी में पैसे लगा सकेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि, कंपनी को नई पूंजी मिले, पारदर्शिता बढ़े और बिजली क्षेत्र में आधुनिकीकरण तेज हो। IPO से प्राप्त धन का उपयोग ट्रांसमिशन नेटवर्क के विस्तार, सबस्टेशनों के आधुनिकीकरण और नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं में किया जाएगा।
ये फैसले भी हुए
चना क्रय पर सर्विस चार्ज की अनुमति
कैबिनेट ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत वर्ष 2026-27 के लिए चना वितरण की निरंतरता बनाए रखने का फैसला किया। छत्तीसगढ़ राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को NeML के ई-ऑक्शन प्लेटफॉर्म से अधिकतम 0.25 फीसदी सर्विस चार्ज पर चना खरीदने की अनुमति दी गई है। इससे राशन कार्डधारियों को सस्ता चना उपलब्ध हो सकेगा।
योग चिकित्सा, शिक्षा विभाग में स्थानांतरित
‘योग’ विषय को समाज कल्याण विभाग से हटाकर चिकित्सा शिक्षा विभाग के अंतर्गत लाया जाएगा। योग को आयुष प्रणाली का महत्वपूर्ण अंग मानते हुए यह बदलाव किया गया है। इससे योग शिक्षा, प्रशिक्षण और अनुसंधान को बेहतर ढंग से बढ़ावा मिल सकेगा।
240 इलेक्ट्रिक बसें चलेंगी
प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत रायपुर, दुर्ग-भिलाई, बिलासपुर और कोरबा शहरों में कुल 240 इलेक्ट्रिक बसों के संचालन को मंजूरी दी गई है। पेमेंट सिक्योरिटी मैकेनिज्म के अंतर्गत डायरेक्ट डेबिट मैंडेट की सहमति भारत सरकार को भेजी जाएगी। इससे प्रदूषण कम होगा और सार्वजनिक परिवहन सुविधा बेहतर बनेगी।
नवा रायपुर में स्टाम्प ड्यूटी छूट बढ़ाई
नवा रायपुर अटल नगर विकास प्राधिकरण को आपसी सहमति से भूमि क्रय पर दी जा रही स्टाम्प ड्यूटी छूट की अवधि 31 मार्च 2028 तक बढ़ा दी गई है। इससे नवा रायपुर के विकास कार्यों में तेजी आएगी और आधारभूत संरचना मजबूत होगी।
खनिज नियमों में बदलाव
छत्तीसगढ़ खनिज नियम 2009 में संशोधन कर खनिज परिवहन करने वाले वाहनों में RFID टैग और वाहन ट्रैकिंग सिस्टम को अनिवार्य कर दिया गया है। खनिजों के ग्रेड निर्धारण और मात्रा आकलन के लिए आधुनिक तकनीक अपनाई जाएगी। इससे खनन क्षेत्र में पारदर्शिता बढ़ेगी और अवैध परिवहन पर अंकुश लगेगा।
इन फैसलों आएगा व्यापक बदलाव
छत्तीसगढ़ सरकार के इन फैसलों से राज्य के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों कृषि, ऊर्जा, स्वास्थ्य, परिवहन, शहरी विकास और खनन में व्यापक बदलाव आने की उम्मीद है।
कृषक उन्नति योजना विशेष रूप से सराहनीय है क्योंकि यह लंबे समय से चली आ रही धान-केंद्रित कृषि व्यवस्था को बदलने की दिशा में एक ठोस कदम है। यदि योजना सफल रही तो न सिर्फ किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और जल संरक्षण में भी मदद मिलेगी।

आईपीओ के जरिए बिजली क्षेत्र में निजी पूंजी का आना राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा। वहीं, इलेक्ट्रिक बसें और योग शिक्षा जैसे फैसले पर्यावरण और स्वास्थ्य क्षेत्र में सरकार की दूरदर्शिता को दर्शाते हैं। नवा रायपुर के विकास को गति देने और खनिज नियमों को आधुनिक बनाने के फैसले भी राज्य की प्रगति में सहायक सिद्ध होंगे।
योजनाओं के क्रियान्वयन पर टिकी निगाहें
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली कैबिनेट ने एक साथ कई क्षेत्रों में जनहित के फैसले लिए हैं। इनमें सबसे बड़ा और प्रत्यक्ष लाभ किसानों को पहुंचने वाला है। सरकार का फोकस अब इन फैसलों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर होगा। किसानों, निवेशकों, आम नागरिकों और उद्योग जगत की नजरें अब इन योजनाओं के क्रियान्वयन पर टिकी हुई हैं।
इसे भी पढ़ें- छत्तीसगढ़ में योगी ने कांगेस पर साधा निशाना, बोले- घोटालों, आतंकवाद और नक्सलवाद का पर्याय है कांग्रेस



