नई दिल्ली/फरीदाबाद। भारतीय निशानेबाजी जगत से एक शर्मनाक खबर सामने आई है। भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) ने राष्ट्रीय कोचिंग स्टाफ के सदस्य अंकुश भारद्वाज को एक नाबालिग निशानेबाज के यौन उत्पीड़न के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। फरीदाबाद पुलिस ने आरोपी कोच के खिलाफ पॉक्सो (पॉक्सो ) अधिनियम की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।
प्रदर्शन विश्लेषण के बहाने होटल के कमरे में बुलाया
पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई FIR के अनुसार, यह घटना पिछले महीने करणी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित राष्ट्रीय चैंपियनशिप के दौरान हुई। पीड़िता ने आरोप लगाया कि कोच ने उसके खेल प्रदर्शन का विश्लेषण (Performance Analysis) करने के बहाने उसे रुकने को कहा।कोच ने पहले उसे सूरजकुंड के एक होटल की लॉबी में बुलाया, लेकिन वहां पहुंचने पर उसे जबरदस्ती अपने कमरे में ले गया। खिलाड़ी ने बताया कि कोच ने ‘बैक बोन क्रैकिंग’ (एक प्रकार की फिजियोथेरेपी) करने के बहाने उसे पेट के बल लिटाया और उसका यौन उत्पीड़न किया।
करियर बर्बाद करने की धमकी
शिकायत के मुताबिक, जब खिलाड़ी ने विरोध किया तो कोच ने उसे धमकी दी कि वह इस बारे में किसी को न बताए, अन्यथा वह उसका पेशेवर करियर बर्बाद कर देगा। डरी हुई छात्रा ने कई दिनों तक किसी को कुछ नहीं बताया, लेकिन उसके व्यवहार में बदलाव देखकर जब उसकी मां ने दबाव डाला, तब 1 जनवरी को उसने आपबीती सुनाई।
NRAI के सचिव राजीव भाटिया ने बताया कि संघ ने कोच को निलंबित कर दिया है और उन्हें ‘कारण बताओ नोटिस’ जारी किया जा रहा है। उन्होंने कहा,उन्हें नैतिक आधार पर निलंबित किया गया है। अब उन्हें खुद को निर्दोष साबित करना होगा। जांच पूरी होने तक वह किसी भी कोचिंग गतिविधि से नहीं जुड़ेंगे।
विवादास्पद रहा है कोच का इतिहास
अंकुश भारद्वाज का विवादों से पुराना नाता रहा है। साल 2010 में उन्हें डोपिंग (बीटा-ब्लॉकर के सेवन) के लिए प्रतिबंध का सामना करना पड़ा था। इसके बावजूद, पेरिस ओलंपिक 2024 के बाद NRAI की सिफारिश पर भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) ने उन्हें राष्ट्रीय कोचिंग टीम में जगह दी थी।वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के अनुसार, मामले की गहन जांच जारी है और होटल के सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्यों को कब्जे में लिया जा रहा है।
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