गोरखपुर हिट एंड रन केस: मंत्री संजय निषाद ने आरोपी गोल्डेन साहनी से रिश्ते पर दी सफाई

गोरखपुर। उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में होली की रात यानी 5 मार्च को मोहद्दीपुर-कौवाबाग ओवरब्रिज पर हुई भीषण हिट एंड रन की घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया था। इस हादसे में तेज रफ्तार टोयोटा फॉर्च्यूनर ने स्कूटी सवार दो लोगों को रौंद दिया था।इसमें गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज के तीसरे वर्ष के एमबीबीएस के छात्र आकाश पांडे (22) की मौके पर ही मौत हो गई थी जबकि उमेश शर्मा (52) गंभीर रूप से घायल हो गये थे और उन्होंने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस हादसे ने न केवल पीड़ित परिवारों को तोड़ा है, बल्कि राजनीतिक कनेक्शन और आरोपी के रसूख को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं।

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ओवरब्रिज की रेलिंग पर लटका शव

Gorakhpur hit-and-run case

जानकारी के अनुसार, होली की शाम को आकाश पांडे अपने दोस्त के घर होली मनाने गए थे। रात करीब 9 बजे वे स्कूटी से हॉस्टल लौट रहे थे। अभी वे मोहद्दीपुर-चारफाटक ओवरब्रिज पर पहुंचे ही थे कि गलत दिशा से आ रही एक तेज रफ्तार फॉर्च्यूनर ने उनकी स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबर्दस्त थी कि आकाश हवा में उछलकर ओवरब्रिज की रेलिंग से जा टकराए और उनका शरीर लगभग 15 मीटर दूर रेलिंग पर लटक गया। इस घटना में आकाश की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसके साथ स्कूटी पर सवार उमेश शर्मा भी बुरी तरह घायल हो गए। आनन फानन में उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी भी मौत हो गई।

पुलिस के अनुसार, हादसे के बाद आरोपी ड्राइवर फरार हो गया, लेकिन सीसीटीवी फुटेज और त्वरित जांच के आधार पर महज एक घंटे के भीतर शाहपुर थाने की पुलिस ने उसे दबोच लिया। आरोपी की पहचान गोल्डेन साहनी के रूप में हुई, जो स्थानीय प्रॉपर्टी डीलर है और फॉर्च्यूनर कार उसी के नाम पर रजिस्टर्ड थी। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए हैं। पहला मुकदमा आकाश पांडे के पिता की तहरीर पर और दूसरा उमेश शर्मा के भाई डॉ. कमलेश शर्मा की शिकायत पर दर्ज हुआ है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. कौस्तुभ ने बताया कि, आरोपी को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है।  आरोपी गोल्डेन साहनी के राजनीतिक कनेक्शन ने मामले को और विवादास्पद बना दिया है।

राजनीति में जगह बनाने में जुटा है गोल्डेन साहनी

बताया जा रहा है कि, गोल्डेन साहनी निषाद पार्टी का कार्यकर्ता हैं और राजनीति में अपनी मजबूत जगह बनाने की कोशिश कर रहा है। उसकी फेसबुक आईडी भी गोल्डेन प्रधान के नाम से चल रही है। आईडी में वह खुद को पिपरौली ब्लॉक का भावी प्रमुख बता रहा है।  ये भी बताया जा रहा है कि, गोल्डन साहनी ने अपनी पुश्तैनी जमीन बेंचकर प्रॉपर्टी डीलिंग का काम शुरू किया था और भारी मात्रा में मुनाफा कमाया।

Gorakhpur hit-and-run case

पंचायत चुनाव में उसने अपनी पत्नी को उम्मीदवार बनाया, लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। इसके बाद वह आसपास के गांवों में अपनी पकड़ मजबूत करने में जुट गया और ब्लॉक प्रमुख चुनाव की तैयारी करने लगा है। सोशल मीडिया पर उसके कई वीडियो और फोटो कैबिनेट मंत्री संजय निषाद के साथ वायरल हुए हैं, जिसमें वह मंत्री को फूफा या अंकल कहकर संबोधित करता हुआ नजर आ है।

कैबिनेट मंत्री ने दी सफाई

मामले में नाम उछलने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री और निषाद पार्टी के अध्यक्ष संजय निषाद ने एक बातचीत में सफाई दी और कहा इस दर्दनाक हादसे से मैं बेहद दुखी हूं। मेरी पूरी सहानुभूति पीड़ित परिवारों के साथ है। कानून से ऊपर कोई नहीं है और दोषी को संविधान के अनुसार सजा जरूर मिलेगी। उन्होंने आगे बताया कि, गोल्डेन साहनी उनके ससुराल वाले गांव का रहने वाला है, इसलिए गांव वाले उन्हें रिश्ते में फूफा कहकर बुलाते हैं। गोल्डेन सिर्फ निषाद पार्टी का एक कार्यकर्ता है। यदि उसने कोई अपराध किया है तो उसे कानून के मुताबिक सजा मिलेगी। उसके संबंध केवल हमारी पार्टी से ही नहीं, बल्कि अन्य राजनीतिक दलों के नेताओं से भी रहे हैं।

मंत्री ने गोरखपुर पुलिस से निष्पक्ष जांच की उम्मीद जताई और कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है। हालांकि, सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर कई लोग आरोपी के राजनीतिक रसूख को लेकर सवाल उठा रहे हैं। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि आरोपी नशे में था और हादसे के बाद पुलिस हिरासत में उसके व्यवहार को लेकर भी विवाद हुआ, जहां वह जींस की जेब में हाथ डाले आत्मविश्वास से दिखाई दिया। इस हादसे ने गोरखपुर में सड़क सुरक्षा, नशे में वाहन चलाने और राजनीतिक संरक्षण जैसे मुद्दों पर बहस छेड़ दी है।

छात्रों ने निकाला कैंडल मार्च

बीआरडी मेडिकल कॉलेज के छात्रों ने आकाश पांडे की मौत पर कैंडल मार्च निकाला और न्याय की मांग की। भारतीय मेडिकल एसोसिएशन ने भी शोक सभा बुलाई और हिट एंड रन को हत्या के रूप में दर्ज करने की मांग उठाई। पीड़ित परिवारों का कहना है कि आकाश एक होनहार छात्र था, जिसका सपना डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना था। उमेश शर्मा भी परिवार का सहारा थे।पुलिस ने मामले की गहन जांच शुरू कर दी है। फॉर्च्यूनर जब्त कर ली गई है और फोरेंसिक जांच जारी है।

 

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