दो दिवसीय दौरे पर सिंगापुर पहुंचे सीएम योगी, प्रदेश में 1000 करोड़ से ज्यादा के निवेश की उम्मीद!

  • सिंगापुर में सीएम योगी ने जीआईसी के साथ की निवेश पर विस्तार से बात की
  •  रिन्यूएबल एनर्जी, लॉजिस्टिक्स कॉरिडोर,डेटा सेंटर, इंटीग्रेटेड टाउनशिप और स्किल डेवलपमेंट में सहयोग के आसार

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सिंगापुर के आधिकारिक दौरे पर पहुंचे हैं, जहां उन्होंने पहले दिन यानी 23 फरवरी 2026 को कई प्रमुख विदेशी निवेशकों और कॉरपोरेट नेताओं के साथ उच्च-स्तरीय बैठकें कीं। यह दौरा 22 से 24 फरवरी तक चल रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देना, औद्योगिक सहयोग मजबूत करना और राज्य को वैश्विक निवेश मानचित्र पर और मजबूत बनाना है।

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टेमासेक होल्डिंग्स के चेयरमैन से की मुलाकात

सीएम योगी

सीएम योगी ने सिंगापुर की प्रमुख निवेश कंपनी टेमासेक होल्डिंग्स के चेयरमैन टियो ची हीन और उनकी टीम से विशेष मुलाकात की, जिसमें यूपी में विभिन्न क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में मुख्यमंत्री ने टेमासेक को उत्तर प्रदेश में अवसंरचना (इंफ्रास्ट्रक्चर), लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य, वेयरहाउसिंग, फिनटेक आधारित शहरी विकास, डेटा सेंटर, नवीकरणीय ऊर्जा और अन्य संबद्ध क्षेत्रों में निवेश के लिए औपचारिक रूप से आमंत्रित किया। टेमासेक के वैश्विक निवेश पोर्टफोलियो और यूपी की विकास योजनाओं पर फोकस करते हुए दोनों पक्षों ने दीर्घकालिक साझेदारी की संभावनाओं को तलाशा।

निवेश के अनुकूल माहौल बनाना है मकसद

सीएम योगी ने प्रदेश की मजबूत कानून-व्यवस्था, विश्वस्तरीय कनेक्टिविटी, एक्सप्रेसवे नेटवर्क, डिफेंस कॉरिडोर, डेटा सेंटर नीति, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण और लॉजिस्टिक्स हब जैसी सुविधाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने जोर दिया कि उत्तर प्रदेश आज भारत की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और राज्य सरकार ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ के तहत पारदर्शी, त्वरित और निवेशक-अनुकूल माहौल प्रदान कर रही है।

स्वास्थ्य क्षेत्र में निवेश की उम्मीद

इस दौरान टेमासेक की पोर्टफोलियो कंपनियों से जुड़े महत्वपूर्ण निवेश प्रस्तावों की भी जानकारी साझा की गई। मनिपाल हॉस्पिटल्स  द्वारा गाजियाबाद में लगभग 500 करोड़ रुपये के निवेश से स्वास्थ्य क्षेत्र में नई गति मिलेगी। इसी तरह असेंडास द्वारा राज्य में लॉजिस्टिक्स एवं वेयरहाउसिंग सुविधाओं के विकास के लिए करीब 500 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। ये निवेश यूपी की स्वास्थ्य और औद्योगिक अवसंरचना को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

बैठक में डेटा सेंटर और कौशल विकास जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग पर भी सहमति बनी, जो राज्य की भविष्योन्मुखी अवसंरचना और व्यापक रोजगार सृजन की दिशा में सहायक सिद्ध होगा। इससे यूपी तकनीकी रूप से सशक्त और आर्थिक रूप से अधिक सक्षम बनेगा। सीएम योगी ने निवेशकों को आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार निवेशकों के साथ दीर्घकालिक, भरोसेमंद और पारस्परिक लाभ वाली साझेदारी के लिए पूर्ण प्रतिबद्ध है। इसका उद्देश्य बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन, तकनीकी क्षमता विकास और राज्य की आर्थिक प्रगति को नई ऊंचाइयों तक ले जाना है।

व्यापक रणनीतिक साझेदारी का रोडमैप

यह दौरा भारत-सिंगापुर व्यापक रणनीतिक साझेदारी के रोडमैप के अनुरूप है, जिसमें आर्थिक सहयोग, डिजिटलाइजेशन, कौशल विकास, सतत विकास, कनेक्टिविटी और उन्नत विनिर्माण को प्राथमिकता दी गई है। सिंगापुर भारत में सबसे बड़ा प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) स्रोत है, जहां 2024-25 में 14.94 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निवेश आया। यूपी इस FDI को आकर्षित करने के लिए सक्रिय प्रयास कर रहा है। इस निवेश प्रोत्साहन मुहिम के तहत डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य वर्तमान में यूरोप दौरे पर हैं, जबकि योगी आदित्यनाथ का यह सिंगापुर दौरा (और उसके बाद जापान) राज्य की ‘मैन्युफैक्चरिंग हब ऑफ इंडिया’ बनने की महत्वाकांक्षा को बल दे रहा है।

दौरे में सिंगापुर के राष्ट्रपति थरमन शनमुगरत्नम, प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग, विदेश मंत्री विवियन बालाकृष्णन और अन्य शीर्ष नेताओं से भी मुलाकातें प्रस्तावित हैं। साथ ही ‘इन्वेस्ट यूपी मेगा रोडशो’ में डेटा सेंटर ऑपरेटर्स, लॉजिस्टिक्स डेवलपर्स, रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियां और सोवरेन वेल्थ फंड्स के साथ संवाद होगा।

प्रदेश के लिए गेम-चेंजर होगा दौरा 

यह दौरा उत्तर प्रदेश के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकता है, क्योंकि सिंगापुर की विशेषज्ञता सस्टेनेबल डेवलपमेंट, ग्रीन सप्लाई चेन, एयरपोर्ट और स्मार्ट सिटी डेवलपमेंट में है, जो यूपी के नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, इंटीग्रेटेड इंडस्ट्रियल कॉरिडोर और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों से मेल खाती है। मुख्यमंत्री की यह पहल राज्य में बड़े पैमाने पर पूंजी प्रवाह, रोजगार और तकनीकी उन्नति लाने की दिशा में मजबूत कदम है।

 

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