
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 22 फरवरी से चार दिन के लिए विदेश दौरे पर रहेंगे। उनका ये दौरा सिंगापुर और जापान के लिए होगा। विदेश दौरे में भी सीएम भगवा वस्त्रों में ही नजर आएंगे। हालांकि, इस दौरान वे पारंपरिक सैंडल की बजाय जूते पहनेंगे। मुख्य उद्देश्य उत्तर प्रदेश को वैश्विक निवेश का प्रमुख केंद्र बनाने के लिए निवेशकों को आकर्षित करना है।
इसे भी पढ़ें- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गणतंत्र दिवस पर विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों का किया सम्मान
मुख्यमंत्री का यह दौरा राज्य की 1 ट्रिलियन डॉलर अर्थव्यवस्था के लक्ष्य को हासिल करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। वे ऑटोमोबाइल, सेमीकंडक्टर, इलेक्ट्रॉनिक्स, बायोटेक्नोलॉजी, नवीकरणीय ऊर्जा, फिनटेक और लॉजिस्टिक्स जैसे क्षेत्रों में निवेश के लिए कंपनियों को आमंत्रित करेंगे।
प्रतिनिधिमंडल में शामिल होने ये सदस्य
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के साथ 11 सदस्यीय उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल जाएगा। इस प्रतिनिधिमंडल में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता ‘नंदी’, मुख्यमंत्री के सलाहकार अवनीश अवस्थी, मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) आरबीएस रावत, विशेष सचिव अमित सिंह, आईएएस दीपक कुमार, प्रिंसिपल सेक्रेटरी (श्रम विभाग), प्रिंसिपल सेक्रेटरी (आईटी), प्रिंसिपल सेक्रेटरी (टूरिज्म), इंवेस्ट यूपी के सीईओ और निदेशक नेडा शामिल हैं। यह टीम विभिन्न क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखती है, जो निवेश वार्ताओं और रोडशो में मुख्यमंत्री का साथ निभाएगी।
कम्यूनिटी इवेंट में होंगे शामिल
सीएम का ये दौरा 22 फरवरी की शाम को शुरू होगा। 23 और 24 फरवरी को वे सिंगापुर में रहेंगे। यहां वे उच्चस्तरीय बैठकों में भाग लेंगे, जहां शहरी विकास, स्मार्ट सिटी, जल प्रबंधन, कौशल विकास और निवेश सहयोग पर फोकस रहेगा। सिंगापुर में मुख्यमंत्री भारतीय मूल के लोगों को संबोधित करेंगे और कम्यूनिटी इवेंट में भी शामिल होंगे।
23 फरवरी को एक कम्यूनिटी इवेंट का आयोजन होगा, जहां भारतीय डायस्पोरा से मुलाकात होगी। इसके अलावा, 24 फरवरी को शांगरी-ला होटल के टावर बॉलरूम में उत्तर प्रदेश इन्वेस्टर्स रोडशो होगा, जो सिंगापुर बिजनेस फेडरेशन, एफआईसीसीआई और भारत के उच्चायोग के सहयोग से आयोजित किया जाएगा। इस रोडशो में मुख्यमंत्री निवेश के अवसरों पर विस्तार से बात करेंगे और कंपनियों को राज्य में निवेश के लिए प्रोत्साहित करेंगे।
भारतीय समुदाय को करेंगे संबोधित
सिंगापुर के प्रधानमंत्री, राष्ट्रपति, गृह मंत्री और विदेश मंत्री से मुलाकात की संभावना भी है। 24 फरवरी की शाम या 25 फरवरी को मुख्यमंत्री जापान के लिए रवाना होंगे, जहां वे 25 और 26 फरवरी तक रहेंगे। जापान में दौरा टोक्यो, यामानाशी, ओसाका और क्योटो जैसे शहरों में केंद्रित रहेगा। यहां भी निवेशक रोडशो और उच्चस्तरीय बैठकें होंगी।
25 फरवरी को कम्यूनिटी इवेंट का आयोजन होगा, जहां भारतीय समुदाय को संबोधित किया जाएगा। जापान में मुख्यमंत्री यामानाशी प्रीफेक्चर के गवर्नर से मुलाकात कर सकते हैं। टोक्यो के इंपीरियल होटल में एक बड़ा रोडशो प्रस्तावित है, जहां मुख्यमंत्री जापानी भाषा में संक्षिप्त परिचयात्मक भाषण देंगे। यह दौरा जापान की उन्नत तकनीक से रूबरू होने का भी अवसर प्रदान करेगा।
मैग्लेव ट्रेन का लेंगे अनुभव
विशेष रूप से, मुख्यमंत्री जापान में मैग्लेव (मैग्नेटिक लेविटेशन) ट्रेन का अनुभव लेंगे, जो 600 किमी/घंटा की रफ्तार से चलती है। यह लगभग 100 किमी की यात्रा होगी, जो राज्य में आधुनिक परिवहन प्रणाली के लिए प्रेरणा देगी। इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री न केवल निवेशकों से मिलेंगे, बल्कि दोनों देशों में बसे भारतीयों से भी जुड़ेंगे। भारतीय डायस्पोरा को संबोधित करने से सांस्कृतिक और भावनात्मक जुड़ाव मजबूत होगा।
सिंगापुर में शांगरी-ला होटल और जापान में विभिन्न स्थानों पर ठहराव के दौरान सुरक्षा और प्रोटोकॉल का पूरा ध्यान रखा जाएगा। यह दौरा उत्तर प्रदेश के लिए रणनीतिक महत्व का है। राज्य सरकार पहले से ही ग्रेटर नोएडा में ‘जापान सिटी’ और ‘सिंगापुर सिटी’ के प्रस्ताव पर काम कर रही है, जहां इन देशों की कंपनियों को विशेष भूमि आवंटित की जाएगी।
MoU पर हस्ताक्षर की संभावना
निवेश आकर्षित करने से रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास और आर्थिक उछाल आएगा। मुख्यमंत्री की विदेश यात्राएं पहले भी सफल रही हैं, जैसे म्यांमार, मॉरीशस, नेपाल और रूस। यह दौरा भी यूपी को वैश्विक मानचित्र पर मजबूत करने में सहायक सिद्ध होगा।प्रतिनिधिमंडल की मौजूदगी से विभिन्न विभागों के बीच समन्वय सुनिश्चित होगा। वित्त, उद्योग, आईटी, टूरिज्म और ऊर्जा जैसे क्षेत्रों के विशेषज्ञ निवेश वार्ताओं को गति देंगे।
MoU पर हस्ताक्षर की संभावना भी है, जो राज्य में विदेशी पूंजी के प्रवाह को बढ़ावा देगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का भगवा वस्त्रों में विदेश दौरे पर जाना उनकी सादगी और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। यह दौरा न केवल आर्थिक, बल्कि सांस्कृतिक और कूटनीतिक स्तर पर भी महत्वपूर्ण है। राज्य सरकार ने विदेश मंत्रालय, भारत के टोक्यो दूतावास और सिंगापुर उच्चायोग के साथ समन्वय कर सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं।
इसे भी पढ़ें- मुख्यमंत्री योगी का आह्वान, किसी एक खेल को गोद लें विश्वविद्यालय-महाविद्यालय



