बजट 2026-27: 7 हाई-स्पीड रेल, रेयर अर्थ कॉरिडोर, कनेक्टिविटी और ग्रीन एनर्जी पर फोकस

 नई दिल्ली। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया, जो उनका नौवां बजट है। इस बजट का मुख्य फोकस ‘विकसित भारत’ की दिशा में टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), गेमिंग, कंटेंट क्रिएशन, मेक इन इंडिया और ग्रीन एनर्जी पर रहा। हालांकि, आम आदमी की जेब पर सबसे ज्यादा असर कस्टम ड्यूटी, एक्साइज और जीएसटी से जुड़े बदलावों का पड़ा है।

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सरकार ने घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देने, एक्सपोर्ट बूस्ट करने और क्रिटिकल सेक्टर्स में छूट देकर कई जरूरी चीजें सस्ती की हैं, जबकि लग्जरी और ‘सिन गुड्स’ पर सख्ती बढ़ाकर रेवेन्यू जुटाने का प्रयास किया है।

बजट 2026

क्या सस्ता हुआ

बजट में कस्टम ड्यूटी में छूट, एग्जेम्प्शन और रेशनलाइजेशन से कई रोजमर्रा और महत्वपूर्ण आइटम्स की कीमतें कम होने की उम्मीद है। फोकस मेक इन इंडिया, क्लीन एनर्जी और हेल्थकेयर पर रहा।

मोबाइल फोन और कंपोनेंट्स- कैमरा मॉड्यूल, डिस्प्ले पैनल, अन्य पार्ट्स और कैपिटल गुड्स पर बेसिक कस्टम ड्यूटी (BCD) कम की गई। भारत में असेंबल्ड स्मार्टफोन, टैबलेट्स और इलेक्ट्रॉनिक्स 5-10% सस्ते हो सकते हैं। यह मेक इन इंडिया को मजबूत करेगा।
इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) और बैटरी, लिथियम-आयन बैटरी कंपोनेंट्स, EV पार्ट्स, क्रिटिकल मिनरल्स (जैसे कोबाल्ट, लिथियम) और बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम्स पर BCD एग्जेम्प्ट या कम। EV कारें, स्कूटर्स और चार्जिंग इंफ्रा सस्ता होगा।

दवाएं और मेडिकल आइटम्स- कैंसर ट्रीटमेंट की 17 दवाओं पर BCD पूरी तरह एग्जेम्प्ट। डायबिटीज, लाइफ-सेविंग और कुछ रेयर डिजीज दवाओं पर छूट बढ़ाई गई। इसमें सात नई रेयर डिजीज  भी शामिल, जिससे इलाज का खर्च 10-20% तक घट सकता है।
सोलर पैनल और रिन्यूएबल एनर्जी-  सोलर ग्लास, उपकरण, क्रिटिकल मिनरल्स प्रोसेसिंग कैपिटल गुड्स और सोडियम एंटीमोनेट पर BCD एग्जेम्प्ट। ग्रीन एनर्जी प्रोडक्ट्स सस्ते होंगे।

खेल सामग्री और स्पोर्ट्स गुड्स- Khelo India मिशन के तहत स्पोर्ट्स इक्विपमेंट (बैट, बॉल, जूते आदि) पर ड्यूटी हटाई गई, जिससे ये चीजें भी सस्ती होंगी और खेल को बढ़ावा मिलेगा ।

लेदर गुड्स और जूते- कुछ कैटेगरी में ड्यूटी राहत, एक्सपोर्ट-ओरिएंटेड प्रोडक्ट्स सस्ते। शू अपर एक्सपोर्ट्स के लिए ड्यूटी-फ्री इनपुट्स।

माइक्रोवेव ओवन और होम अप्लायंसेज – स्पेसिफाइड पार्ट्स पर BCD एग्जेम्प्ट, घरेलू मैन्युफैक्चरिंग को बूस्ट।
सीफूड प्रोसेसिंग – एक्सपोर्ट के लिए ड्यूटी-फ्री इनपुट लिमिट 1% से बढ़ाकर 3%। मरीन एक्सपोर्ट्स सस्ते और कॉम्पिटिटिव।
पर्सनल इंपोर्ट्स – सभी ड्यूटिएबल गुड्स के लिए पर्सनल यूज पर टैरिफ 20% से घटाकर 10%। विदेश से ऑर्डर करने वाले सामान सस्ते।

ये बदलाव मिडिल क्लास, युवाओं, हेल्थ और ग्रीन मोबिलिटी से जुड़े लोगों के लिए बड़ा फायदा साबित होंगे।

क्या महंगा हुआ?

सरकार ने घरेलू इंडस्ट्री प्रोटेक्ट करने और रेवेन्यू बढ़ाने के लिए कुछ इंपोर्टेड और सिन गुड्स पर ड्यूटी/सेस बढ़ाया या छूट हटाई।

सिगरेट, तंबाकू और पान मसाला- एक्साइज ड्यूटी, हेल्थ सेस और नेशनल सिक्योरिटी सेस बढ़ाया। सिगरेट की कीमतें तेजी से बढ़ेंगी (₹18 वाली पैकेट ₹70+ तक पहुंच सकती है)। बीड़ी, गुटखा आदि महंगे।

इंपोर्टेड लग्जरी गुड्स- लग्जरी वॉचेस, डिजाइनर कपड़े, फुटवियर, परफ्यूम, कॉस्मेटिक्स और अल्कोहलिक ड्रिंक्स पर कस्टम ड्यूटी बढ़ाई या रिवाइज्ड। ये  चीजेंम हंगी होंगे।

हाई-एंड इंपोर्टेड कारें- प्रीमियम फॉरेन कारों (CBU) पर ड्यूटी प्रभाव से कीमतें ऊपर।

गोल्ड, सिल्वर और ज्वेलरी-  कोई बड़ा कट नहीं, कुछ मामूली बढ़ोतरी या स्थिर। कीमतें थोड़ी ऊपर रह सकती हैं।

कुछ इंडस्ट्रियल आइटम्स जहां एग्जेम्प्शन हटाए गए, वे भी महंगे हो सकते हैं।

बजट में कैपिटल एक्सपेंडिचर ₹12.2 लाख करोड़ रखा गया, जो इंफ्रास्ट्रक्चर, 5G/6G, डेटा सेंटर्स और डिजिटल कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा।

टेक सेक्टर में बड़ी घोषणाएं

AVGC (एनीमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स) के लिए 15,000 स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्स।

गेमिंग स्टार्टअप्स के लिए ₹10,000 करोड़ फंड।
सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के लिए ₹40,000 करोड़।
AI और डीप-टेक में 10,000 नई फेलोशिप IITs/IISc में।

इसके अलावा 7 हाईस्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणा की गई, इसमें मुंबई -पुणे, पुणे-हैदराबाद, हैदराबाद-बेंगलुरु, हैदराबाद-चेन्नई, चेन्नई-बेंगलुरु, दिल्ली-वाराणसी और वाराणसी-सिलिगुड़ी।

बजट 2026-27

3 आयुर्वेदिक AIIMS खोले जाने की घोषणा। मेडिकल टूरिज्म को बढ़ाने के लिए 5 मेडिकल हब भी बनेंगे।

5 लाख से ज्यादा आबादी वाले टियर-2 और टियर-3 शहरों के विकास के लिए 12.2 लाख करोड़ खर्च करने का ऐलान।

15 हजार सेकेंडरी स्कूलों और 500 कॉलेजों में कंटेंट क्रिएटर लैब्‍स बनाई जाएंगी।

करीब 800 जिलों में लड़कियों के लिए हॉस्टल बनेंगे। हर जिले में एक हॉस्टल बनाया जाएगा। इनकम टैक्स स्लैब में कोई बदलाव नहीं। रिवाइज्ड रिटर्न फाइल करने के लिए 3 महीने का ज्यादा समय दिया। यानी अब 31 दिसंबर के बदले 31 मार्च तक रिवाइज्ड रिटर्न फाइल कर सकते हैं।

कुल मिलकर ये बजट आम आदमी को टेक, हेल्थ, EV और एक्सपोर्ट से जुड़े सेक्टर्स में राहत देता है, लेकिन लग्जरी और सिन गुड्स पर टैक्स से रेवेन्यू बढ़ाने का संतुलन बनाया है। असली असर मार्केट डायनामिक्स, कंपनियों की प्राइसिंग और जीएसटी के साथ आने वाले महीनों में दिखेगा। अगर कोई स्पेसिफिक आइटम पर और जानकारी चाहिए तो बताएं

 

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