बाराबंकी में बरसे CM योगी, बोले- ‘कट्टे-बम नहीं, अब लखनऊ में बन रहे ब्रह्मोस ‘

बाराबंकी। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को बाराबंकी दौरे के दौरान जिले को विकास कार्यों की एक बड़ी सौगात दी। उन्होंने कुल 542 करोड़ रुपये की लागत वाली 82 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया। इस कार्यक्रम के मंच से मुख्यमंत्री ने जहां एक ओर बाराबंकी के विकास से जुड़ी घोषणाएं कीं।

इसे भी पढ़ें- पौधरोपण महायज्ञ 2026: CM योगी गोरखपुर से करेंगे शुरुआत, रोपेंगे त्रिवेणी का पौधा

वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी को सीधे तौर पर घेरते हुए आरोप लगाया कि, इन दोनों दलों की सरकारों के दौर में सरकारी खजाने से केवल कब्रिस्तानों की बाउंड्री वॉल बनवाने के लिए धन आवंटित किया जाता था, जबकि सनातन धर्म और भारत की सांस्कृतिक विरासत को लगातार नजरअंदाज किया जाता रहा।

लोधेश्वर महादेव मंदिर कॉरिडोर के लिए बड़ा ऐलान

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बाराबंकी के प्रसिद्ध लोधेश्वर महादेव मंदिर के कॉरिडोर निर्माण के लिए धनराशि स्वीकृत किए जाने की घोषणा की। सीएम ने कहा कि जब उन्होंने मंदिर में दर्शन किए तो उन्हें गहरी आत्मिक शांति और आनंद का अनुभव हुआ।

cm yogi

उन्होंने बाराबंकी की पहचान को रेखांकित करते हुए कहा कि यह जिला भगवान लोधेश्वर महादेव, ऐतिहासिक पारिजात वृक्ष और हॉकी के महान खिलाड़ी केडी सिंह बाबू जैसी अमूल्य धरोहरों के लिए जाना जाता है,  लेकिन उन्होंने अफसोस जताते हुए कहा कि आजादी के इतने वर्षों बाद भी इन ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरों की लंबे समय तक अनदेखी होती रही।

 मन्दिर तक नहीं पहुंची विकास की रौशनी

अपने संबोधन में सीएम योगी ने एक तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि, आजादी के बाद के दशकों में लोधेश्वर महादेव मंदिर तक विकास की रोशनी नहीं पहुंच सकी, जबकि उसी दौर में कब्रिस्तानों की बाउंड्री वॉल बनवाने के लिए सरकारी खजाने में पैसों की कोई कमी नहीं होती थी। उन्होंने इसे तत्कालीन सरकारों की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़ा करने वाला बताया।

इसी क्रम में उन्होंने दोहराते हुए घोषणा की कि भगवान लोधेश्वर महादेव मंदिर के भव्य कॉरिडोर निर्माण के लिए अब सरकार ने बजट मंजूर कर दिया है। उनका कहना था कि इस कॉरिडोर के बन जाने से न सिर्फ श्रद्धालुओं को बेहतर और सुगम सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि इससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी नई रफ्तार मिलेगी, जिसका सीधा फायदा स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी होगा।

अपने भाषण में सबसे चर्चित टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की पुरानी छवि को याद दिलाते हुए बताया कि एक समय ऐसा भी था जब उत्तर प्रदेश में अवैध कट्टे और बम बनाने का अपराध जगत में बदनाम कारोबार चलता था, लेकिन आज हालात पूरी तरह बदल चुके हैं और अब लखनऊ में स्वदेशी ब्रह्मोस मिसाइल का निर्माण हो रहा है। इस टिप्पणी के जरिए उन्होंने प्रदेश की बदलती छवि और औद्योगिक-रक्षा क्षेत्र में हो रही प्रगति को उभारने की कोशिश की।

केडी सिंह बाबू की हवेली को बचाने का जिक्र

मुख्यमंत्री ने पूर्व ओलंपियन और हॉकी जगत के दिग्गज खिलाड़ी केडी सिंह बाबू का विशेष उल्लेख करते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी के शासनकाल में उनकी ऐतिहासिक हवेली बिकने की कगार पर पहुंच गई थी। उन्होंने दावा किया कि, उनकी सरकार ने समय रहते हस्तक्षेप करके इस हवेली को बिकने से बचाया, उससे जुड़ा भुगतान सुनिश्चित कराया और अब उस स्थान को केडी सिंह बाबू की स्मृतियों के संरक्षण के लिए विकसित किया जा रहा है। इसके साथ ही उन्होंने बाराबंकी के ऐतिहासिक पारिजात वृक्ष के संरक्षण को भी सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल बताया और कहा कि भारत की समृद्ध विरासत और सनातन संस्कृति ही देश की असली और मौलिक पहचान है।

‘सनातन सुरक्षित रहेगा तो देश सुरक्षित रहेगा’

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री योगी ने इतिहास के कई महापुरुषों का जिक्र किया, जिनमें राजा बलभद्र सिंह, महाराजा लाखन पासी, महाराजा बिजली पासी, महाराजा सुहेलदेव, महाराणा प्रताप, छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु गोबिंद सिंह जैसे नाम शामिल थे। उन्होंने कहा कि इन सभी महापुरुषों ने देश, संस्कृति और आत्मसम्मान की रक्षा के लिए अपना संपूर्ण जीवन समर्पित कर दिया था। सीएम ने कहा कि इन महान विभूतियों की विरासत को संजोए रखना सरकार की एक बड़ी जिम्मेदारी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सनातन धर्म की मजबूत नींव पर ही भारत का उज्ज्वल भविष्य टिका हुआ है। अगर सनातन संस्कृति सुरक्षित रहेगी, तभी पूरा देश सुरक्षित रह पाएगा, और यदि सनातन पर कभी कोई खतरा मंडराया, तो उस स्थिति में कोई भी सुरक्षित नहीं बचेगा।

 कब्रिस्तान की बाउंड्री बनाने में खर्च होता था पैसा

मुख्यमंत्री ने कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर सीधा आरोप लगाते हुए कहा कि इन दोनों दलों की सरकारों ने हमेशा तुष्टिकरण की राजनीति को प्राथमिकता दी। उन्होंने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौर में जनता के पैसे को धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण में लगाने के बजाय कब्रिस्तानों की बाउंड्री वॉल बनवाने पर खर्च किया जाता था। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि अयोध्या, काशी विश्वनाथ धाम, महादेवा, गोला गोकर्णनाथ जैसे धार्मिक स्थलों के साथ-साथ महाराजा सुहेलदेव और बिजली पासी जैसी ऐतिहासिक शख्सियतों से जुड़ी विरासतों के विकास के लिए भी पर्याप्त बजट नहीं दिया जाता था।

सीएम योगी ने एक और तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि पहले की सरकारों में कांवड़ यात्रा पर प्रतिबंध लगाना, रामनवमी की शोभायात्राओं को रोकना और जन्माष्टमी, दुर्गा पूजा जैसे धार्मिक आयोजनों पर तमाम पाबंदियां थोपना ही धर्मनिरपेक्षता का मापदंड समझा जाता था। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार ने इस मानसिकता को पूरी तरह बदल दिया है और अब प्रदेश में सभी पर्व-त्योहारों को पूरे सम्मान, उत्साह और सुरक्षा के साथ मनाए जाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

भारत की सैन्य ताकत से दुश्मनों की उड़ी नींद

कानून-व्यवस्था के मुद्दे पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने एक बार फिर विपक्ष को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश आज देश की रक्षा उत्पादन क्षमता को मजबूती देने में अहम भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि भारत की लगातार बढ़ती सैन्य शक्ति के चलते अब दुश्मन देशों की नींद उड़ी हुई है। मुख्यमंत्री ने पुरानी स्थिति को याद दिलाते हुए कहा कि एक समय ऐसा था जब व्यापारियों से खुलेआम रंगदारी वसूली जाती थी और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर हमेशा खतरा बना रहता था। उन्होंने विश्वास के साथ कहा कि अब उत्तर प्रदेश की वह पुरानी पहचान पूरी तरह बदल चुकी है और प्रदेश अब सुशासन तथा विकास के नए मॉडल के रूप में उभर रहा है।

 

इसे भी पढ़ें- CM योगी ने किया ‘स्कूल चलो अभियान-2026’ का शुभारंभ, बोले- शिक्षा ही राष्ट्र निर्माण की नींव

Related Articles

Back to top button