
लखनऊ: उत्तर प्रदेश विधानमंडल का शीतकालीन सत्र आज शुक्रवार से शुरू हो रहा है, जो 24 दिसंबर तक चलेगा। सत्र के दौरान 22 दिसंबर को वित्तीय वर्ष 2025-26 का अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा। इसी दिन ‘वंदे मातरम्’ विषय पर करीब पांच घंटे की विशेष चर्चा प्रस्तावित है।
शीतकालीन सत्र से पहले गुरुवार को विधान भवन में सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने की। उन्होंने सभी राजनीतिक दलों से सत्र के सुचारु संचालन में सहयोग की अपील करते हुए कहा कि बीते सत्रों में सकारात्मक और जनहित से जुड़े मुद्दों पर सार्थक चर्चा हुई है। सभी दलों के सहयोग से तार्किक और तथ्यपरक बहस के जरिए जन समस्याओं के समाधान संभव हैं।
सभी मुद्दों पर चर्चा का भरोसा
मुख्यमंत्री और नेता सदन योगी आदित्यनाथ ने कहा कि विधानसभा जन आकांक्षाओं को व्यक्त करने का सबसे बड़ा मंच है। मौजूदा सत्र में कई महत्वपूर्ण मुद्दों और विधेयकों पर व्यापक चर्चा होगी। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार हर चर्चा में सक्रिय भागीदारी करेगी और सदस्यों द्वारा उठाए गए प्रश्नों व सुझावों पर सकारात्मक रुख अपनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले सत्र में ‘विकसित उत्तर प्रदेश विजन डॉक्यूमेंट-2047’ पर लगातार 27 घंटे तक चर्चा हुई थी, जिससे उत्तर प्रदेश ऐसा करने वाला देश का एकमात्र राज्य बन गया। इस विषय पर प्रदेशभर से करीब 98 लाख सुझाव मिले हैं। विजन डॉक्यूमेंट को अंतिम रूप देने में आईआईटी कानपुर का सहयोग लिया जा रहा है।
एसआईआर अभियान की सराहना
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से 26 दिसंबर को वीर बाल दिवस के रूप में मनाए जाने की जानकारी दी। साथ ही निर्वाचन आयोग के एसआईआर अभियान की सराहना करते हुए कहा कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण से वास्तविक मतदाताओं के नाम शामिल होंगे और लोकतंत्र और मजबूत होगा।
शीतकालीन सत्र का पूरा कार्यक्रम
कार्य मंत्रणा समिति की बैठक में विधानसभा अध्यक्ष ने सत्र के कार्यक्रम की जानकारी दी। पहले दिन शुक्रवार को दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। शनिवार और रविवार को अवकाश रहेगा। 22 दिसंबर को अनुपूरक बजट पेश किया जाएगा और वंदे मातरम् पर विशेष चर्चा होगी। वहीं 23 और 24 दिसंबर को विधायी कार्यों और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी।



