देहरादून। उत्तराखंड में यूसीसी लागू हुए आज एक साल पूरा हो गया। इस अवसर पर देवभूमि की धरती पर कई कार्यक्रम हुए, जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी शिरकत की।

राज्य के लिए अहम दिन है 27 जनवरी
इस दौरान कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने कहा, 27 जनवरी हमारे राज्य के लिए बहुत अहम दिन है। आज़ादी के बाद संविधान बनाने वालों ने आर्टिकल 44 में यूनिफ़ॉर्म सिविल कोड का जिक्र किया था, जिसे उत्तराखंड ने सबसे पहले लागू किया। सेरेमनी के दौरान मुख्यमंत्री ने UCC को सोशल जस्टिस और बराबरी की दिशा में एक हिस्टोरिक कदम बताया।

उन्होंने कहा कि, UCC लागू होने के बाद जब भी वे देश के किसी और राज्य में गये, तो उनसे पूछा गया कि, यह आइडिया कैसे आया, तो मैंने उनसे कहा, देश की आज़ादी के बाद यह सबसे ज़रूरी कामों में से एक था, इसलिए इसे करना अनिवार्य था और इसके लिए मैंने जनता से वादा भी किया था।
संविधान में है यूसीसी का जिक्र
धामी ने कहा, हमारी पुरानी संस्कृति सामाजिक बराबरी की रही है। संबोधन में उन्होंने गीता का एक श्लोक पढ़ा, जिसमें भगवान कृष्ण ने बराबरी की बात कही थी, “मैं किसी का दुश्मन नहीं हूं, मैं सबको बराबर देखता हूं।” यही भावना संविधान में भी दिखती है। उन्होंने कहा, यूनिफार्म सिविल कोड की बात संविधान के आर्टिकल 44 में कही गई है, लेकिन किसी ने भी इसे लागू करने की जरूरत नहीं समझी। हर देश का कानून सभी के लिए एक जैसा होना चाहिए।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के दूरदर्शी नेतृत्व और मार्गदर्शन में हम समरस, सशक्त और न्यायपूर्ण उत्तराखंड के निर्माण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहे हैं।
इस अवसर पर माननीय राज्यसभा सांसद श्री @bjpnareshbansal जी, माननीय कैबिनेट मंत्री @drdhansinghuk जी, श्री… pic.twitter.com/jQZc2ahDcO
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) January 27, 2026
विपक्ष ने उड़ाया था मजाक
धामी ने कहा, जो लोग तुष्टिकरण करके राजनीति करते हैं, उन्होंने इसे लागू करने के बारे में नहीं सोचा, लेकिन हमने इसे लागू किया। उन्होंने कहा, जब एक साल पहले मैंने इसे लागू किया था, तब विपक्ष ने मेरा बहुत मजाक उड़ाया था। उन्होंने कहा, ऐसी परंपरा यहां नहीं है। धामी ने कहा, उन्होंने मज़ाक में कहा, तुम तो थोड़े दिन के मेहमान हो, लेकिन मुझे भरोसा था और मैंने इसे लागू कर दिया।

इस तरह से उत्तराखंड यूसीसी लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया। आज राज्य में UCC लागू हुए एक साल हो गया है। यही वजह है कि, पूरे राज्य में UCC दिवस मनाने का फ़ैसला किया गया है। राज्य के सभी जिलों, शहरी और ग्रामीण इलाकों में जागरूकता कार्यक्रम, पब्लिक डायलॉग और UCC महिला सशक्तिकरण, सामाजिक समानता और सभी नागरिकों की सुरक्षा के मामले में एक ऐतिहासिक और दूरगामी कदम साबित हुए हैं।
हरीश रावत ने बोला हमला

इधर, कांग्रेस नेता हरीश रावत ने यूसीसी का विरोध जताते हुए कहा कि, यूनिफार्म सिविल कोड को लेकर बीजेपी की धामी सरकार कितनी भी तारीफ़ कर ले, लेकिन ये सनातन धर्म पर हमला है। बीजेपी आज इसका जश्न मना रही है, लेकिन सच ये है कि, उसके पास करने के लिए कोई पॉजिटिव एजेंडा नहीं है। उत्तराखंड में पलायन बढ़ा है। साथ ही बेरोजगारी, भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था भी चरमराई है और धामी सरकार के पास इसका कोई जवाब नहीं है।
हल्द्वानी में भी हुआ कार्यक्रम
इधर, हल्द्वानी में भी यूसीसी के साल पूरा होने पर कार्यक्रम हुआ। यहां जिला प्रशासन की तरफ से MBPG कॉलेज में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में नगर निगम के मेयर, शहर के जागरूक नागरिक और अलग-अलग तबके के लोग शामिल हुए। इस दौरान नगर निगम की तरफ से UCC सर्टिफिकेट रजिस्ट्रेशन के लिए एक खास कैंप भी लगाया गया, जिसमें बड़ी संख्या में नागरिकों ने रजिस्ट्रेशन करवाया। प्रशासन ने लोगों को UCC से जुड़े प्रोसेस, अधिकारों और जिम्मेदारियों के बारे में डिटेल में जानकारी दी। इस दौरान यहां सेल्फ-हेल्प ग्रुप्स की तरफ से स्टॉल लगाए गए।
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