
लखनऊ। मिडिल ईस्ट में जारी मौजूदा संकट की गूंज अब उत्तर प्रदेश की रसोई और पेट्रोल पंपों तक पर भी सुनाई देने लगी है। खाड़ी देशों में अस्थिरता और अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ते तनाव के बीच प्रदेश के कुछ हिस्सों से रसोई गैस सिलेंडर की कथित किल्लत और कालाबाजारी की खबरें सामने आने लगी हैं। इसे लेकर उपभोक्ताओं के बीच अफरातफरी मची हुई है, जिसे देखते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अब सख्त रुख अख्तियार कर लिया है।
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मुनाफाखोरी पर जीरो टॉलरेंस की नीति
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कर दिया है कि, आम जनता की जरूरत से जुड़े किसी भी सामान के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि, सूबे में ईंधन और गैस की कोई कमी नहीं है और इस स्थिति का लाभ उठाकर मुनाफाखोरी करने वाले तत्वों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाएगी।
X पर जारी किया बयान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह सख्त रुख उस समय सामने आया है जब सोशल मीडिया और स्थानीय स्तर पर कुछ लोग गैस सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर अफवाहें फैला रहे थे। प्रदेश सरकार के आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल से जारी बयान में कहा गया है कि उत्तर प्रदेश में डीजल, पेट्रोल और रसोई गैस का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिए हैं कि, यदि कोई भी वितरक एजेंसी या कोई निजी व्यक्ति जमाखोरी या कालाबाजारी करते हुए पकड़ा जाता है, तो उसके खिलाफ तुरंत एफआईआर दर्ज की जाएगी और उसे कठोरतम कानूनी सजा दी जाएगी।
उत्तर प्रदेश में डीजल-पेट्रोल की कोई कमी नहीं है। रसोई गैस की कमी से संबंधित अफवाहों से बचें।
यदि कोई वितरक एजेंसी अथवा निजी व्यक्ति कालाबाजारी या जमाखोरी करते हुए पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध तत्काल एफआईआर दर्ज कर कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
आपकी सरकार हर परिस्थिति…
— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) March 12, 2026
यह निर्देश केवल एक आदेश नहीं, बल्कि प्रशासनिक महकमे के लिए एक स्पष्ट संदेश है कि, जनता के हितों के साथ किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा। मुख्यमंत्री के इस रुख के बाद प्रदेश भर का प्रशासनिक अमला अलर्ट मोड पर आ गया है। जिलाधिकारियों और आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि, वे फील्ड में उतरकर स्थिति का जायजा लें और आपूर्ति श्रृंखला की निगरानी सुनिश्चित करें।
जानबूझ कर पैदा की गई गैस की किल्लत
बता दें कि, पिछले कुछ दिनों से प्रदेश के विभिन्न जिलों से खबरें आ रही हैं कि, कुछ गैस एजेंसियों और बिचौलियों ने जानबूझ कर गैस की किल्लत पैदा कर दी है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि, उन्हें सिलेंडर मिलने में देरी हो रही है, जिसका फायदा उठाकर कुछ लोग ऊंचे दामों पर कालाबाजारी कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मध्य-पूर्व के संकट के कारण तेल की कीमतों में आए उतार-चढ़ाव और आपूर्ति को लेकर फैली अनिश्चितता का लाभ उठाने के लिए जमाखोर सक्रिय हो गए हैं।
सरकार के पास जब भारी संख्या में इस तरह की शिकायतें पहुंचने लगीं तो सीएम योगी ने समीक्षा बैठक बुलाई और अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए कहा कि, आपूर्ति व्यवस्था में यदि कहीं भी लापरवाही पाई जाती है, तो संबंधित अधिकारियों को भी इसके परिणामों के लिए तैयार रहना होगा।
जमीनी स्तर पर कार्रवाई के निर्देश
सीएम ने केवल कागजी आदेश देने के बजाय अधिकारियों को जमीनी स्तर पर कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि आपूर्ति व्यवस्था पर केवल दफ्तर में बैठकर नजर न रखी जाए, बल्कि औचक निरीक्षण और छापेमारी की जाए। यदि कहीं पर सिलेंडर की अवैध जमाखोरी पाई जाती है, तो उसे तुरंत जब्त कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए। वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने के लिए भी विशेष दिशा-निर्देश दिए गए हैं, ताकि हर नागरिक तक सरकारी मूल्य पर गैस और ईंधन की आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
प्रशासनिक सख्ती के साथ ही सरकार ने आम जनता से भी संयम बरतने की अपील की है। सीएम ने कहा गया है कि, बाजार में गैस की कोई किल्लत नहीं है। उपभोक्ता घबराहट में आकर एक साथ कई सिलेंडर बुक न करें या अनावश्यक भंडारण न करें। यदि नागरिक घबराहट में अधिक बुकिंग करेंगे, तो इससे आपूर्ति श्रृंखला पर दबाव बनेगा और वास्तविक जरूरत मंद लोगों को परेशानी हो सकती है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि, जनता केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करे और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दे।
भेजी जा रहीं जांच टीमें
योगी आदित्यनाथ ने अपने निर्देशों में यह भी दोहराया है कि, आम जनता को राहत देना और उनकी रोजमर्रा की आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित करना राज्य सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है। जानकारों का कहना है कि, सीएम का यह त्वरित कदम न केवल जमाखोरों की कमर तोड़ने का काम करेगा, बल्कि बाजार में एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और व्यवस्था भी कायम करेगा।
सीएम के निर्देश के बाद अब आपूर्ति विभाग हर जिले में वितरण केंद्रों की मैपिंग कर रहा है। जहां कहीं से भी असामान्य बुकिंग या सिलेंडर की कमी की सूचना मिल रही है, वहां तत्काल प्रभाव से जांच टीमें भेजी जा रही हैं। यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चल रहे तनाव का असर प्रदेश की आम जनता की रसोई और जेब पर न पड़े।
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