दांतों की सेंसिटिविटी से हैं परेशान? सॉफ्ट ब्रश से सेंसिटिव टूथपेस्ट तक अपनाएं ये उपाय

  • गलत ब्रशिंग, कमजोर इनेमल और मसूड़ों का पीछे हटना हैं बड़ी वजह

  • आदतों में बदलाव से कम हो सकती है परेशानी

  • लंबे समय तक दर्द रहे तो डेंटिस्ट से जरूर मिलें

ठंडा पानी पीते ही दांतों में अचानक झनझनाहट हो जाए, गर्म चाय की चुस्की पर सनसनाहट दौड़ जाए या आइसक्रीम, मिठाई और खट्टी चीजें खाते वक्त तेज दर्द महसूस हो, तो यह दांतों की संवेदनशीलता यानी सेंसिटिविटी का संकेत हो सकता है। यह समस्या हर उम्र के लोगों में आम है और रोजमर्रा के खान-पान को मुश्किल बना देती है। राहत की बात यह है कि, कुछ सरल आदतें अपनाकर इसे काफी हद तक कम किया जा सकता है।

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क्यों होती है झनझनाहट

दांत कई परतों से बने होते हैं। सबसे ऊपर इनेमल की मजबूत परत होती है, जिसके नीचे डेंटिन नाम की परत होती है। डेंटिन में बेहद बारीक नलिकाएं होती हैं, जो सीधे दांत की नसों तक जाती हैं। जब इनेमल घिस जाता है या मसूड़े पीछे हट जाते हैं और डेंटिन खुल जाती है, तो ठंडे-गर्म, मीठे या खट्टे पदार्थों का असर सीधे नसों तक पहुंचने लगता है। नतीजा होता है अचानक उठने वाली झनझनाहट। दांतों की ऊपरी परत कमजोर होना, मसूड़ों का पीछे हटना और कैविटी इसकी मुख्य वजहें हैं। कई बार गलत तरीके से ब्रश करने पर भी दांत सेंसिटिव हो जाते हैं।

tooth sensitivity

इनके अलावा रात में दांत पीसने की आदत, दांत का टूटना या उसमें दरार आना और सोडा जैसे एसिड वाले पेय का ज्यादा सेवन भी समस्या बढ़ा सकता है। फिलिंग या दांतों की सफाई-ब्लीचिंग जैसी प्रक्रियाओं के बाद भी कुछ समय के लिए संवेदनशीलता महसूस हो सकती है। कई लोगों को ब्रश या फ्लॉस करते समय, यहां तक कि ठंडी हवा लगने पर भी दांतों में सनसनाहट होती है। यह दर्द आमतौर पर कुछ पल का होता है और उत्तेजक चीज हटते ही कम हो जाता है।

बहुत ठंडा या गर्म खाने से बचें

अगर दांतों में झनझनाहट रहती है, तो कुछ समय तक बहुत ठंडी और बहुत गर्म चीजों से दूरी बनाना फायदेमंद रहता है। ठंडा पानी, आइसक्रीम और खौलती चाय-कॉफी से परेशानी बढ़ती है। ऐसे में सामान्य तापमान का पानी पिएं और खाना ज्यादा गर्म हो तो उसे थोड़ा ठंडा करके खाएं। इससे दांतों को तापमान में अचानक आने वाले बदलाव से बचाने में मदद मिलती है।

सेंसिटिविटी वाले टूथपेस्ट का करें इस्तेमाल

दांतों की झनझनाहट कम करने के लिए खासतौर पर सेंसिटिव दांतों के लिए बना टूथपेस्ट इस्तेमाल करना चाहिए। इसमें मौजूद कुछ तत्व दांत की सतह से नसों तक पहुंचने वाले दर्द के संकेतों को कम करने में मदद करते हैं। नियमित इस्तेमाल से कुछ दिनों या हफ्तों में फर्क महसूस होने लगता है। टूथपेस्ट का इस्तेमाल पैक पर दिए गए निर्देशों के अनुसार ही करें। अगर कोई पेस्ट चुनने में उलझन हो, तो डेंटिस्ट से सलाह लेना बेहतर है।

सॉफ्ट ब्रश का करें इस्तेमाल

दांत साफ करते समय ज्यादा जोर लगाने से बचें। हमेशा सॉफ्ट ब्रिसल वाले टूथब्रश का इस्तेमाल करें और हल्के हाथों से सफाई करें। जोर से ब्रश करने पर दांतों की ऊपरी परत को नुकसान पहुंचता है और मसूड़े भी पीछे हटने लगते हैं।

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इससे दांतों की सेंसिटिविटी और बढ़ जाती है। कई लोग ज्यादा साफ-सफाई के चक्कर में बार-बार और जोर से ब्रश करते हैं, जबकि सही तरीका नरमी और नियमितता का है।

खट्टा खाने के तुरंत बाद न करें ब्रश

नींबू, संतरा और दूसरे खट्टे खाद्य पदार्थों में एसिड होता है, जो दांतों की ऊपरी परत को कुछ समय के लिए कमजोर कर सकता है। ऐसे में खट्टी चीज खाने के तुरंत बाद ब्रश करने से बचना चाहिए। इसके बजाय सादे पानी से कुल्ला करें और करीब 30 मिनट बाद ब्रश करें। इससे दांतों की ऊपरी परत सुरक्षित रहती है। इसके साथ ही सोडा और दूसरे मीठे या एसिड वाले पेय पदार्थों का ज्यादा सेवन करने से भी बचें।

कब जरूरी है डेंटिस्ट से मिलना

घरेलू उपाय और आदतों में बदलाव हल्की परेशानी में राहत दे सकते हैं, लेकिन यह हर मामले का इलाज नहीं हैं। अगर झनझनाहट एक-दो हफ्ते से ज्यादा बनी रहे, लगातार बढ़ती जाए या साथ में मसूड़ों में सूजन, दांत का रंग बदलना, मसूड़ों का पीछे हटना या दांत में छेद जैसे लक्षण दिखें, तो देर न करें। ये संकेत कैविटी, दांत में दरार या मसूड़ों की बीमारी की ओर इशारा कर सकते हैं। जांच के बाद डेंटिस्ट कारण के आधार पर फ्लोराइड ट्रीटमेंट, सेंसिटिविटी कम करने वाली परत, फिलिंग या जरूरत पड़ने पर दूसरा उपचार सुझा सकते हैं।

आदतें सुधारें, दांत रहेंगे सेहतमंद

दांतों की झनझनाहट को शुरुआती दौर में गंभीरता से लेना जरूरी है। सही टूथपेस्ट, नरम ब्रश, खान-पान में सावधानी और ब्रश करने के सही समय का ध्यान रखकर इस परेशानी को काफी कम किया जा सकता है। फिर भी दर्द लंबे समय तक बना रहे तो खुद इलाज करने के बजाय विशेषज्ञ की सलाह लें।

 

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