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रियाद में दस्तखत, सीरियाई राष्ट्रपति अल-शरा एक महीने में दूसरी बार सऊदी पहुंचे
रियाद। पश्चिम एशिया की बदलती सियासत में सऊदी अरब और सीरिया के बीच नजदीकी एक और कदम आगे बढ़ गई है। दोनों देशों के रक्षा मंत्रालयों ने बुधवार को सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए। यह करार ऐसे वक्त हुआ है जब यमन के हूती विद्रोही सऊदी अरब पर लगातार मिसाइल और ड्रोन हमले कर रहे हैं और रियाद के लिए यह खतरा बड़ी चुनौती बनता जा रहा है।
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अल-शरा की यात्रा के दौरान हुआ करार
यह समझौता सीरियाई राष्ट्रपति अहमद अल-शरा की सऊदी यात्रा के दौरान हुआ। वे किंग सलमान के निमंत्रण पर आधिकारिक दौरे के लिए बुधवार को रियाद पहुंचे। यहां उन्होंने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से मुलाकात की। एक महीने के भीतर अल-शरा की यह दूसरी रियाद यात्रा है, जो दोनों देशों के बीच तेजी से बढ़ती करीबी को दर्शाती है।

रक्षा समझौते में कौन-कौन से क्षेत्र शामिल हैं। इसकी ज्यादा जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। हूतियों के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर सीरिया के एक राजनयिक ने कहा कि, सैन्य सहयोग के आदान-प्रदान से जुड़ा कोई भी अनुरोध पूरी तरह द्विपक्षीय समझौतों के दायरे में ही देखा जाएगा। इसे सधी हुई प्रतिक्रिया माना जा रहा है, क्योंकि न तो इसमें संभावना से इनकार किया गया और न ही कोई प्रतिबद्धता जताई गई।
हूतियों के खिलाफ मदद पर विचार
सीरिया में कथित तौर पर इस बात पर विचार हो रहा है कि, हूतियों के खिलाफ सऊदी अरब को मदद दी जाए। हालिया यात्राओं और बैठकों ने इस अटकल को और हवा दी है। यदि सऊदी को इस मोर्चे पर सीरिया का सहयोग मिलता है, तो रियाद की सुरक्षा के लिहाज से यह काफी फायदेमंद साबित हो सकता है। हालांकि, अब तक आधिकारिक तौर पर ऐसी किसी सैन्य तैनाती की पुष्टि नहीं हुई है।
कई क्षेत्रों में हुआ समझौते
सऊदी गैजेट के मुताबिक, रक्षा के अलावा कई अन्य क्षेत्रों में भी समझौते हुए। सऊदी उद्योग और खनिज संसाधन मंत्रालय तथा सीरिया के उद्योग और व्यापार मंत्रालय के बीच औद्योगिक सहयोग पर समझौता ज्ञापन (एमओयू) हुआ। इसके अलावा सऊदी पर्यावरण और कृषि मंत्रालय व सीरिया के संबंधित मंत्रालय के बीच कृषि और पर्यावरण संरक्षण के लिए दो एमओयू पर दस्तखत किए गए।
सऊदी फंड फॉर डेवलपमेंट और सीरियाई पक्ष के बीच भी कई करार हुए हैं। इनमें बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं, आवास और वित्तीय सेवाओं से जुड़ी परियोजनाएं शामिल हैं। साफ है कि, रियाद सीरिया के पुनर्निर्माण में आर्थिक भागीदारी बढ़ाने की दिशा में भी आगे बढ़ रहा है।
तनाव घटाने और जलमार्गों की सुरक्षा पर जोर
मोहम्मद बिन सलमान और अहमद अल-शरा के बीच हुई बातचीत में क्षेत्रीय तनाव कम करने, हालात बिगड़ने से रोकने और बढ़ते संकटों पर काबू पाने के प्रयास तेज करने पर जोर दिया गया। दोनों नेताओं ने कूटनीति को प्राथमिकता देने और विवादों के शांतिपूर्ण समाधान की प्रतिबद्धता दोहराई।
شهد السيد الرئيس أحمد الشرع وصاحب السمو الملكي الأمير محمد بن سلمان آل سعود، ولي العهد رئيس مجلس الوزراء في المملكة العربية السعودية، اليوم في قصر اليمامة بالعاصمة الرياض مراسم توقيع عدد من الاتفاقيات ومذكرات التفاهم بين البلدين.
وشملت الاتفاقيات ومذكرات التفاهم مجالات التنمية والبنية التحتية والطاقة والإسكان والصحة والصناعة والزراعة والبيئة والتعاون العسكري، إلى جانب الخدمات المالية.
وحضر مراسم التوقيع من الجانب السوري وزراء الخارجية والمغتربين والدفاع والمالية والصناعة والتجارة الداخلية، ورئيس جهاز الاستخبارات العامة، ومن الجانب السعودي وزراء الدفاع والخارجية والطاقة والصناعة والثروة المعدنية والبيئة والمياه والزراعة، وعدد من المسؤولين المعنيين من الجانبين.
#رئاسة_الجمهورية_العربية_السورية
— رئاسة الجمهورية العربية السورية (@SyPresidency) November 4, 2026
दोनों नेताओं ने उन गतिविधियों को रोकने की जरूरत बताई जो लाल सागर, बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य और होर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही और जलमार्गों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा करती हैं। द्विपक्षीय संबंधों की समीक्षा के साथ सभी क्षेत्रों में सहयोग मजबूत करने के तरीकों पर भी चर्चा हुई।
मक्का रक्षा समझौते की ओर सीरिया?
बीते कुछ महीनों में दोनों देशों का सहयोग बढ़ा है, खासकर रक्षा क्षेत्र में। सीरिया ने मक्का रक्षा समझौते में शामिल होने के संकेत भी दिए हैं। सीरियाई विदेश मंत्री के मुताबिक, उनकी सरकार इस पर विचार कर रही है। इस समझौते में फिलहाल पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब शामिल हैं और इस पर 7 अगस्त को हस्ताक्षर हुए थे।
बदल रहे समीकरण
सीरिया में दिसंबर 2024 में तख्तापलट हुआ था, जब बशर अल-असद को देश छोड़कर भागना पड़ा और अहमद अल-शरा की सरकार बनी। असद को ईरान और रूस का करीबी माना जाता था, जबकि मौजूदा सरकार सऊदी अरब और अमेरिका के ज्यादा नजदीक मानी जाती है। इसी बदले समीकरण के बीच सऊदी और सीरिया के नेताओं की लगातार मुलाकातें हो रही हैं।
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