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रामधुन के माधुर्य में दिखेगा सरोज सुमन- अमित त्यागी का जादू

मुम्बई। राम मंदिर शिलान्यास के बाद पूरा भारत राम की भक्ति में डूब गया है। कहा जाता है कि रामनाम के उच्चारण मात्र से कष्ट दूर हो जाते हैं। राम भक्तों के भक्ति आनन्द को एक नए आत्मिक आनंद देने का कार्य सरोज सुमन और अमित त्यागी की जोड़ी ने किया है। सरोज सुमन की भक्तिमय आवाज़ और अमित त्यागी के दिव्य शब्दों का माधुर्य इस भजन में साफ दिखेगा।

यहां यह बात उल्लेखनीय है कि सरोज सुमन ने ही रामधुन को स्वर के साथ संगीत भी दिया है। घर पर ही धुन, रिकॉर्डिंग एवं मिक्सिंग का कार्य किया है। सरोज सुमन का रामधुन पर कहना है कि यह प्रभु श्रीराम का कार्य था जो उन्होंने करवा लिया है। सब कुछ उनका ही है। श्रीराम के व्यक्तित्व में विशालता है, गंभीरता है, धैर्य है। उनका धैर्य ही उनका शौर्य है। श्रीराम ने कभी अपनी शक्ति का सार्वजनिक प्रदर्शन नही किया बल्कि मर्यादा का हाथ थामे रहे । इसी कारण मर्यादा पुरुषोत्तम कहलाये। अमित त्यागी के शब्द भी रामधुन को अलौकिक और दिव्यता प्रदान कर रहे हैं। श्रोता सुनकर अवश्य ही मंत्रमुग्ध होंगे।


गौरतलब है कि अमित त्यागी सरकारी मंथन के संपादकीय सलाहकार भी हैं। रामधुन के शब्दों पर अमित त्यागी का कहना है कि जब प्रभु की कृपा हो तो वह स्वयं निमित्त चुन लेते हैं। विलक्षण कार्य किये नही जाते हैं प्रभु कृपा से स्वयं होते चले जाते हैं। रामधुन के शब्द स्वयं कागज़ पर उतरते चले गये। सरोज जी ने इसको इतना डूब कर गाया है कि इसको लगातार सुनता चला जाता हूँ। पहले मन्दिर शिलान्यास के साथ ही इस धुन को लोकार्पित करने की योजना थी किंतु जब भी इसके वीडियो संबंधित कार्यों के लिए बैठे तो बस रामधुन और आवाज़ में खो गए। शायद, रामधुन का यही गुण श्रोताओं को भी आनंदित करेगा।
दोहे, आस का दीप, भारत का अफसाना, मन से बड़े बने के बाद सरोज सुमन एवं अमित त्यागी की जुगलबंदी काफी पसंद की जा रही है। रामधुन के साथ ही अन्य कुछ विषयों पर दोनो काम कर रहे हैं।