रिकॉर्ड पर्यटक संख्या के बीच ‘अतिथि देवो भव’ के तहत 1 लाख नए कमरों की तैयारी: जयवीर सिंह

पिछले छह महीनों में तेजी से बढ़ी होमस्टे की संख्या, बेड एंड ब्रेकफास्ट (बी एंड बी) पॉलिसी से रुक रहा पलायन, हो रही घर वापस

  • यूपी में पर्यटन विभाग की होमस्टे नीति को मिली नई उड़ान, दो महीनों में प्रमाणन करीब 5 गुना, घर-घर रोजगार के अवसर बढ़े
  • अब अपना घर बन रहा आय का जरिया, पर्यटन विभाग की होमस्टे योजना से यूपी में बढ़ रहे रोजगार के अवसरलखनऊ। उत्तर प्रदेश में पर्यटन बढ़ने के साथ अब आम लोगों के घर भी आय का जरिया बन रहे हैं। प्रदेश की बेड एंड ब्रेकफास्ट (बी एंड बी) और होमस्टे पॉलिसी-2025 के तहत लोग अपने घर के खाली कमरों को पर्यटकों को किराये पर देकर अतिरिक्त कमाई कर रहे हैं। सरकार इस योजना के तहत पंजीकरण, प्रशिक्षण और प्रचार जैसी सुविधाएं भी दे रही है। इससे न सिर्फ ग्रामीण पलायन रुका है, बल्कि बाहर काम कर रहे लोग अब घर वापसी कर रहे हैं और होमस्टे पॉलिसी से रोजगार कर रहे हैं।

होमस्टे प्रमाणपत्र में पांच गुना वृद्धि
पिछले छह महीनों में होमस्टे योजना के तहत आवेदन और प्रमाणपत्र जारी होने की प्रक्रिया में उल्लेखनीय तेजी देखी गई है। फरवरी 2026 की शुरुआत तक 1700 से अधिक लोगों ने अपने घरों को होमस्टे के रूप में पंजीकृत कराने के लिए आवेदन किया, जिनमें से करीब 700 होमस्टे को आधिकारिक प्रमाणपत्र जारी किए जा चुके हैं। खास बात यह है कि जनवरी 2026 के पहले सप्ताह तक प्रमाणपत्र प्राप्त होमस्टे की संख्या केवल करीब 150 थी, जो अब बढ़कर लगभग 700 हो गई है। इसका मतलब है कि बहुत कम समय में प्रमाणपत्र जारी होने की संख्या में लगभग पांच गुना वृद्धि दर्ज की गई है। केवल जनवरी महीने में ही 400 से अधिक होमस्टे को प्रमाणपत्र दिए गए, जो इस योजना के तेजी से लागू होने और लोगों की बढ़ती रुचि को दर्शाता है। यह बढ़ोतरी इस बात का संकेत है कि अब आम लोग भी पर्यटन से जुड़कर अपने घरों को आय का नया स्रोत बना रहे हैं।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने बताया कि,“उत्तर प्रदेश में पर्यटन तेजी से बढ़ रहा है। बढ़ती पर्यटकों की संख्या को देखते हुए बेड एंड ब्रेकफास्ट योजना के तहत 1 लाख से अधिक कमरों की व्यवस्था करने का लक्ष्य रखा गया है। इससे ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में लोगों को घर के पास ही रोजगार मिल रहा है और उनकी आय बढ़ रही है।”

अपर मुख्य सचिव, पर्यटन संस्कृति एवं धर्मार्थ कार्य विभाग, अमृत अभिजात ने कहा,“यह योजना आम परिवारों को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए शुरू की गई है। जिन लोगों के पास अतिरिक्त कमरे हैं, वे अब उन्हें पर्यटकों को देकर नियमित आय प्राप्त कर सकते हैं। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ रहा है और लोगों को बाहर जाने की जरूरत कम हो रही है।”

योजना के तहत मिल रही प्रमुख सुविधाएं

  • उत्तर प्रदेश पर्यटन के अनुसार, इस योजना में पंजीकरण कराने वाले लोगों को कई लाभ मिलते हैं—
  • घर के खाली कमरे किराये पर देकर अतिरिक्त आय का मौका
  • बिजली, पानी और हाउस टैक्स में आवासीय दरों का लाभ
  • पर्यटन विभाग की वेबसाइट पर होमस्टे का प्रचार-प्रसार
  • मुफ्त प्रशिक्षण और कौशल विकास की सुविधा
  • सोलर ऊर्जा योजना से जुड़ने पर अतिरिक्त लाभ
  • सुरक्षित संचालन के लिए सीसीटीवी और जरूरी सुरक्षा व्यवस्था
  • होमस्टे में मालिक का घर में रहना जरूरी होता है और अधिकतम छह कमरे (12 बेड) पर्यटकों को दिए जा सकते हैं। वहीं बेड एंड ब्रेकफास्ट श्रेणी में केयरटेकर रखना अनिवार्य होता है।

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