
देहरादून। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू अपने दो दिवसीय उत्तराखंड दौरे पर आज देहरादून पहुंची हैं। यह यात्रा भारतीय सैन्य अकादमी (आईएमए) की पासिंग आउट परेड को मुख्य रूप से समर्पित है, जो देश की सैन्य परंपराओं में एक अत्यंत प्रतिष्ठित और भावपूर्ण आयोजन माना जाता है। राष्ट्रपति का यह दौरा न केवल सैन्य प्रशिक्षण संस्थानों के प्रति सम्मान का प्रतीक है, बल्कि देश की युवा पीढ़ी को राष्ट्रसेवा के प्रति प्रेरित करने वाला भी है। जौलीग्रांट एयरपोर्ट पर राष्ट्रपति का भव्य स्वागत किया गया।
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सीएम धामी और राज्यपाल ने किया स्वागत
राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त) और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने एयरपोर्ट पहुंचकर राष्ट्रपति का औपचारिक स्वागत किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ सहित अनेक वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। स्वागत समारोह में पारंपरिक उत्तराखंडी संस्कृति की झलक भी दिखाई दी, जहां स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए।

राष्ट्रपति ने सभी का अभिवादन स्वीकार करते हुए अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज दोपहर बाद देहरादून पहुंचीं और दो दिन तक उत्तराखंड की राजधानी में प्रवास करेंगी। उनका यह दौरा मुख्य रूप से शनिवार 13 जून को होने वाली आईएमए की पासिंग आउट परेड पर केंद्रित है। राष्ट्रपति बतौर मुख्य अतिथि इस परेड की सलामी लेंगी। भारतीय सैन्य अकादमी की पासिंग आउट परेड भारतीय सेना की सबसे गरिमामयी परंपराओं में से एक है, जिसमें नव-प्रशिक्षित जेंटलमैन कैडेट्स औपचारिक रूप से भारतीय सेना के अधिकारियों के रूप में शामिल होते हैं।
मित्र राष्ट्रों के कैडेट भी लेते हैं हिस्सा
इस समारोह में देश के विभिन्न राज्यों से आए कैडेटों के साथ-साथ मित्र राष्ट्रों के कैडेट भी भाग लेते हैं, जो भारत की सैन्य कूटनीति और अंतरराष्ट्रीय संबंधों को भी मजबूत करता है। परेड के दौरान कैडेट्स वर्षों के कठोर प्रशिक्षण, अनुशासन, शारीरिक क्षमता और मानसिक दृढ़ता का प्रदर्शन करते हैं। अंतिम पग रखते ही वे सेना के जवान से अधिकारी बन जाते हैं और राष्ट्र की सेवा में अपनी जान समर्पित करने की शपथ लेते हैं। राष्ट्रपति की उपस्थिति इस कार्यक्रम को और अधिक गरिमा प्रदान करेगी। राष्ट्रपति देश की सर्वोच्च सेनाध्यक्ष के रूप में इस समारोह में शामिल होकर पूरे देश को गर्व का अनुभव कराती हैं।
आईएमए देहरादून न केवल भारत की सबसे पुरानी और प्रतिष्ठित सैन्य अकादमियों में से एक है, बल्कि यह उन हजारों युवाओं का सपना भी है जो देशसेवा के लिए अपना जीवन समर्पित करना चाहते हैं। राष्ट्रपति के आगमन को लेकर देहरादून में सुरक्षा व्यवस्था को अत्यंत कड़ी कर दी गई है। राष्ट्रपति के काफिले के शहर की सड़कों से गुजरने के दौरान पुलिस और सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई थी। मार्ग के दोनों ओर सुरक्षाकर्मी तैनात थे। देहरादून पुलिस, स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (एसपीजी), खुफिया एजेंसियां और अन्य सुरक्षा इकाइयों ने संयुक्त रूप से सुरक्षा की जिम्मेदारी संभाली।
नो ड्रोन जोन घोषित
संवेदनशील स्थानों पर अतिरिक्त बल तैनात किया गया था। लगातार निगरानी रखी जा रही है। पूरे क्षेत्र को नो ड्रोन जोन घोषित कर दिया गया है, जिसके तहत किसी भी प्रकार के निजी या व्यावसायिक ड्रोन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है। दोपहर बाद राष्ट्रपति का काफिला राजपुर रोड स्थित राष्ट्रपति निकेतन पहुंचा, जहां उनके ठहरने की समुचित व्यवस्था की गई है। राष्ट्रपति निकेतन में सुरक्षा और प्रोटोकॉल से संबंधित सभी तैयारियां पहले से ही पूर्ण कर ली गई थीं। यहां पर अत्याधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं और सुरक्षा के हर पहलू पर विशेष ध्यान दिया गया है। राष्ट्रपति शनिवार सुबह राष्ट्रपति निकेतन से भारतीय सैन्य अकादमी के लिए रवाना होंगी, जहां वे परेड की सलामी लेंगी।
देहरादून पुलिस के एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि राष्ट्रपति के भ्रमण को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था की उच्च स्तरीय ब्रीफिंग की गई है। सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने क्षेत्र में पड़ने वाले होटल, लॉज, धर्मशालाओं, बस स्टेशनों और रेलवे स्टेशनों पर निरंतर चेकिंग अभियान चलाएं। बाहरी और संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान कर उनका सत्यापन सुनिश्चित किया गया है। ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की गई है ताकि आम जनजीवन पर न्यूनतम प्रभाव पड़े और सुरक्षा भी सुनिश्चित रहे।
परेड ग्राउंड में हुई तैयारियां
शनिवार को होने वाली पासिंग आउट परेड की तैयारियां आईएमए में अंतिम चरण में हैं। अकादमी परिसर को भव्य रूप से सजाया गया है। परेड ग्राउंड पर परेड का अभ्यास दिन-रात चल रहा है। कैडेट्स अपनी बेस्ट ड्रेस यूनिफॉर्म में परेड करते हुए राष्ट्रपति और अन्य गणमान्य अतिथियों के समक्ष अपनी क्षमता प्रदर्शित करेंगे। इस समारोह में कैडेट्स के परिवार के सदस्य और सेना के वरिष्ठ अधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहेंगे। यह अवसर न केवल कैडेट्स के लिए, बल्कि उनके परिवारों के लिए भी गर्व का क्षण होता है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा उत्तराखंड राज्य के लिए भी महत्वपूर्ण है। उत्तराखंड अपनी वीरता, प्राकृतिक सौंदर्य और सैन्य परंपराओं के लिए जाना जाता है। यहां के युवा अक्सर सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करते हैं। राष्ट्रपति का आगमन राज्य की जनता में उत्साह का संचार कर रहा है। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर कहा है कि राष्ट्रपति का उत्तराखंड आना पूरे राज्य के लिए गौरव की बात है। राज्य सरकार ने सभी व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करने के लिए पूरी तत्परता दिखाई है।
और भी कार्यक्रमों में भाग लेंगी महामहिम
इस दो दिवसीय दौरे के दौरान राष्ट्रपति अन्य महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भी शामिल हो सकती हैं, हालांकि मुख्य फोकस पासिंग आउट परेड पर है। आईएमए की पासिंग आउट परेड न केवल एक सैन्य कार्यक्रम है, बल्कि यह अनुशासन, समर्पण और राष्ट्रभक्ति का प्रतीक है। हर वर्ष हजारों कैडेट इस परेड के माध्यम से सेना में शामिल होते हैं और देश की सीमाओं की रक्षा करने का दायित्व संभालते हैं। राष्ट्रपति द्वारा दी जाने वाली सलामी इन नव-निर्मित अधिकारियों को प्रेरणा प्रदान करती है। देहरादून शहर इन दिनों सुरक्षा के कड़े घेरे में है। सड़कों पर यातायात नियंत्रण के साथ-साथ आम नागरिकों की सुविधा का भी ध्यान रखा जा रहा है।
स्थानीय प्रशासन ने जनता से सहयोग की अपील की है ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सुव्यवस्थित रूप से संपन्न हो सके। राष्ट्रपति के दौरे से जुड़े सभी इंतजामों को लेकर अधिकारियों की टीम निरंतर सक्रिय है। इस ऐतिहासिक अवसर पर पूरा देश राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और नव-प्रशिक्षित अधिकारियों को शुभकामनाएं दे रहा है। आईएमए की पासिंग आउट परेड भारतीय सेना की शौर्य गाथा को आगे बढ़ाती है और देश के युवाओं को सशस्त्र बलों में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करती है। राष्ट्रपति का यह भ्रमण निश्चित रूप से युवा पीढ़ी में देशसेवा की भावना को और मजबूत करेगा।
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