बाइडेन के राष्ट्रपति बनने पर किस ओर करवट लेगा भारत-अमेरिका रिश्ता, डालें एक नजर

दुनिया के सबसे शक्तिशाली राष्ट्र अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में जो बाइडेन बाजी मारते नजर आ रहे हैं, पूर्ण बहुमत से वह सिर्फ छह सीट ही पीछे रह गए हैं, जबकि उनके प्रतिद्वंदी डोनाल्ड ट्रंप उसने काफी पीछे हैं। अमेरिका में जारी इस चुनाव पर भारतीयों की नजर भी रुकी हुई है, सभी के मन में प्रश्न है कि अगर जो बाइडेन अमेरिका की सत्ता पर अपना आधिपत्य स्थापित कर लेते हैं, तो भारत-अमेरिका का रिश्ता किस ओर करवट लेगा।

जो बाइडेन पहले भी कर चुके हैं भारत के साथ काम

अगर आप के मन में भी यही प्रश्न कूंध रहा है तो चलिए हम आपको जो बाइडेन की कुछ ऐसी बातों से रूबरू कराते हैं, जिससे शायद आपको आपके प्रशनों का उत्तर मिल जाए।

दरअसल, बाइडेन पहली बार अमेरिकी सरकार का हिस्सा नहीं बनने जा रहे हैं, वे बराक ओबामा के शासनकाल में उपराष्ट्रपति के पद पर रह चुके हैं। तब उन्होंने भारत के साथ मिलकर काम भी किया था। इसके अलावा सीनेटर के तौर पर भी वो भारत के साथ काम कर चुके हैं।

हालांकि, बीते दिनों जो बाइडेन द्वारा से जम्मू-कश्मीर से हटाए गए आर्टिकिल 370 को लेकर बयानबाजी की थी। उन्होंने आर्टिकिल 370, मानवाधिकार, नागरिक संशोधन क़ानून (CAA) के खिलाफ देश में हुए विरोध प्रदर्शनों को लेकर भारत की आलोचना की थी। अगर उनकी इन आलोचनाओं पर नजर डाले तो यही महसूस होता है कि वे मोदी सरकार के फैसलों से खुश नहीं और इसके विरोधी हैं। लेकिन यह कहना भी गलत नहीं होगा कि कुछ मुद्दों को लेकर जो बाइडेन की विदेश नीति सुनिश्चित नहीं की जा सकती है।

जो बाइडेन वही शख्स हैं जो बराक ओबामा के शासनकाल में भारत और अमेरिका के बीच हुई न्यूक्लियर डील के पक्षधर थे। इसके अलावा वर्ष 2008 में भारत द्वारा किये गए न्यूक्लियर परीक्षण का भी उन्होंने सपोर्ट किया था। बराक ओबामा प्रशासन के दौरान हुए इन्वेस्टमेंट समिट समेत अन्य कई मामलों में उन्होंने अहम भूमिका निभाई है।

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अगर उनके चुनावी वादों को देखे तो बाइडेन ने अपने विजन डॉक्यूमेंट में H1B वीजा के मसले पर नरम रुख अपनाने का वादा किया है, जिससे भारतीय मूल के युवाओं को रोजगार में फायदा हो सकता है। साथ ही भारतीय मूल के स्टूडेंट को भी राहत मिल सकती है। इसके अलावा जो बाइडेन फिर से पेरिस एग्रीमेंट पर साइन करने की बात कह रहे हैं।

भारत के लिए अपने संदेश में जो बाइडेन ने कहा था कि वो चाहते हैं कि भारत और अमेरिका ट्रेड के मसले पर बिना किसी विवाद के आगे बढ़ें। ऐसे में जिस ट्रेड डील को लेकर लंबे वक्त से भारत और अमेरिका में विवाद हो रहा है, उसपर राहत मिल सकती है।

आपको बता दें कि अमेरिका राष्ट्रपति चुनाव में बाइडेन ने डोनाल्ड ट्रंप के खिलाफ बढ़त बना ली है। हालांकि, दोनों उम्मीदवार अपनी-अपनी जीत का दावा कर रहे हैं। 264 सीटों पर डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बाइडेन जीत गए हैं और 214 सीटों पर वर्तमान राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप की जीत हो चुकी है। मिशिगन में अभी वोटिंग चल रही है और यहां पेंच अभी भी फंसा हुआ है।

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