नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ब्राजील के राष्ट्रपति लुइज इनासियो लूला डी सिल्वा के बीच व्यापक वार्ता के बाद, भारत और ब्राजील ने शनिवार को 2030 तक 30 अरब अमेरिकी डॉलर के वार्षिक द्विपक्षीय व्यापार का लक्ष्य निर्धारित किया और अमेरिकी उच्चतम न्यायालय द्वारा ट्रंप प्रशासन के पारस्परिक टैरिफ को रद्द करने के निहितार्थों पर भी चर्चा की।मोदी और लूला के बीच व्यापक वार्ता के बाद, दोनों पक्षों ने नौ समझौतों पर हस्ताक्षर किए, जिनमें दुर्लभ पृथ्वी खनिजों के क्षेत्र में सहयोग पर एक समझौता और भविष्योन्मुखी डिजिटल साझेदारी बनाने पर एक समझौता शामिल है।विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्वी क्षेत्र) पी. कुमारन ने एक प्रेस वार्ता में कहा कि दोनों पक्षों के बीच अमेरिकी व्यापार नीति और अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय के फैसले के निहितार्थों पर चर्चा हुई।
उन्होंने कहा, “दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि यह एक अपेक्षाकृत नया घटनाक्रम है जिसके निहितार्थों का दोनों पक्षों को अध्ययन करने और अमेरिकी प्रशासन द्वारा आगे के घटनाक्रमों की प्रतीक्षा करने की आवश्यकता है।उन्होंने कहा, “हम इस फैसले पर प्रशासन की प्रतिक्रिया और आगे उठाए जाने वाले कदमों पर नजर रखेंगे और अपने व्यापार पर इसके प्रभावों का अध्ययन करेंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारस्परिक टैरिफ को रद्द किए जाने के बाद 10 प्रतिशत का नया वैश्विक टैरिफ लागू कर दिया है।कुमारन ने कहा कि मोदी और लूला इस बात पर सहमत हुए कि द्विपक्षीय व्यापार को 2030 तक दोगुना करके 30 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंचाया जाना चाहिए।बातचीत के दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा, ऊर्जा, स्वास्थ्य सेवा एवं डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना सहित कई अन्य क्षेत्रों में संबंधों को मजबूत करने का भी संकल्प लिया, और साथ ही अस्थिर भू-राजनीतिक स्थिति से निपटने के लिए भारत-ब्राजील के बीच गहन रणनीतिक जुड़ाव पर जोर दिया।
मोदी ने कहा कि भारत और ब्राजील इस बात पर एकमत हैं कि आतंकवाद और उसके समर्थक मानवता के ‘‘दुश्मन’’ हैं। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हैं कि दुनिया के सामने आने वाली चुनौतियों से निपटने के लिए वैश्विक संस्थाओं में सुधार आवश्यक है।राष्ट्रपति लूला पांच दिवसीय भारत यात्रा पर हैं। उनकी यह यात्रा 18 फरवरी से शुरू हुई थी जिसका मुख्य उद्देश्य ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट’ में भाग लेना और मोदी के साथ वार्ता करना है।
मोदी ने ब्राजील के राष्ट्रपति की उपस्थिति में अपने मीडिया बयान में कहा, ‘‘ब्राजील लातिन अमेरिका में भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है। हम अगले पांच वर्षों में द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक तक ले जाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हमारा व्यापार सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह विश्वास का प्रतीक है।
भारत-ब्राजील व्यापार वर्ष 2024-25 में 12 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया, जिसमें भारतीय निर्यात 6.77 अरब अमेरिकी डॉलर और ब्राजील से आयात 5.43 अरब अमेरिकी डॉलर रहा।पिछले साल जुलाई में, मोदी और लूला ने 2030 तक 20 अरब अमेरिकी डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार लक्ष्य निर्धारित किया था। कुमारन ने कहा कि दोनों नेताओं ने “इस बात पर सहमति जताई कि 2030 तक व्यापार कम से कम दोगुना होकर 30 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच जाना चाहिए”।
प्रधानमंत्री ने कहा कि महत्वपूर्ण खनिजों और दुर्लभ पृथ्वी तत्वों पर हुआ समझौता लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं के निर्माण की दिशा में एक बड़ा कदम है। महत्वपूर्ण खनिजों पर समझौते के अलावा, भारत और ब्राजील ने डिजिटल साझेदारी पर एक संयुक्त घोषणा को भी अंतिम रूप दिया और खनन, लघु एवं मध्यम उद्यमों, स्वास्थ्य देखभाल और पारंपरिक ज्ञान प्रणाली के क्षेत्रों में सहयोग के लिए समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए।
मोदी ने कहा, रक्षा क्षेत्र में हमारा सहयोग भी लगातार बढ़ रहा है। यह आपसी विश्वास और रणनीतिक समन्वय का एक बेहतरीन उदाहरण है। हम इस लाभकारी साझेदारी को और मजबूत करना जारी रखेंगे। रक्षा संबंधों को मजबूत करने के संदर्भ में, दोनों पक्षों ने मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड और भारतीय और ब्राजील की नौसेनाओं के बीच एक त्रिपक्षीय समझौते के तहत अपनी फ्रांसीसी मूल की स्कॉर्पीन पनडुब्बियों के रखरखाव के लिए सहयोग पर चर्चा की।
चर्चा के दौरान ब्राजील की एयरोस्पेस कंपनी एम्ब्रेयर की भारत में अपने ई175 क्षेत्रीय जेट के लिए असेंबली लाइन स्थापित करने की योजना का भी जिक्र हुआ। भारतीय पक्ष ने एम्ब्रेयर से भारत में एक रखरखाव, मरम्मत और ओवरहाल (एमआरओ) सुविधा स्थापित करने का भी आह्वान किया।उन्होंने जोर देकर कहा कि जब भारत और ब्राजील मिलकर काम करते हैं, तो ‘ग्लोबल साउथ’ की आवाज मजबूत होती है।‘ग्लोबल साउथ’ शब्द का इस्तेमाल आम तौर पर आर्थिक रूप से कम विकसित देशों को संदर्भित करने के लिए किया जाता है।
उन्होंने कहा,वैश्विक मंच पर भारत-ब्राजील की साझेदारी मजबूत और प्रभावशाली रही है। लोकतांत्रिक देशों के रूप में, हम वैश्विक दक्षिण की प्राथमिकताओं और आकांक्षाओं को आगे बढ़ाना जारी रखेंगे।मोदी ने कहा, ‘‘हमारा मानना है कि हर समस्या का समाधान संवाद और कूटनीति के माध्यम से होना चाहिए। भारत और ब्राजील इस बात पर एकमत हैं कि आतंकवाद तथा उसके समर्थक पूरी मानवता के दुश्मन हैं।वहीं, लूला ने अपनी टिप्पणियों में कश्मीर में हुए आतंकी हमलों की निंदा की और कहा कि आतंकवाद को किसी भी धर्म या राष्ट्रीयता से नहीं जोड़ा जाना चाहिए।
राष्ट्रपति ने कहा कि अशांत वैश्विक माहौल के लिए भारत और ब्राजील को अपने रणनीतिक संबंधों को गहरा करने की आवश्यकता है तथा दोनों शक्तियों के बीच संवाद सर्वोत्तम स्तर की बातचीत है।उन्होंने कहा, ‘‘हम सिर्फ ‘ग्लोबल साउथ’ के दो सबसे बड़े लोकतंत्र ही नहीं हैं। यह एक डिजिटल महाशक्ति और नवीकरणीय ऊर्जा महाशक्ति का मिलन है। हम दोनों ही अत्यधिक विविधता वाले देश हैं और हम दोनों ही बहुपक्षवाद एवं शांति के समर्थक हैं।
ब्राजील के राष्ट्रपति ने कहा कि संघर्षग्रस्त दुनिया में निष्पक्ष और टिकाऊ विकास की कोई संभावना नहीं है। उन्होंने पिछले साल के ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में मोदी की उस टिप्पणी का हवाला दिया जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘‘20वीं सदी के टाइपराइटरों पर 21वीं सदी का सॉफ्टवेयर नहीं चलाया जा सकता’’।उन्होंने कहा, हमने संयुक्त राष्ट्र सुधार, विशेष रूप से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सुधार के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर जोर दिया, ताकि यह ‘ग्लोबल साउथ’ के हितों का प्रतिनिधित्व कर सके। ब्राजील और भारत सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य बनने के लिए स्वाभाविक उम्मीदवार हैं।
मोदी ने अपने बयान में कहा कि राष्ट्रपति लूला की दूरदर्शी सोच और प्रेरणादायक नेतृत्व से भारत तथा ब्राजील के बीच संबंधों को लंबे समय से लाभ मिलता रहा है, तथा उनकी यात्रा ने दोनों देशों के बीच रणनीतिक साझेदारी को नयी ऊर्जा प्रदान की है।प्रधानमंत्री ने भारत-मर्कोसुर व्यापार समझौते का भी उल्लेख किया तथा कहा कि इससे दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंध और मजबूत होंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रौद्योगिकी और नवाचार के क्षेत्र में हमारा सहयोग दोनों देशों के साथ-साथ पूरे ‘ग्लोबल साउथ’ के लिए महत्वपूर्ण है। मुझे खुशी है कि हम ब्राजील में डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना के लिए एक उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने पर काम कर रहे हैं।
मोदी ने कहा, ‘‘हम कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सुपरकंप्यूटर, सेमीकंडक्टर और ब्लॉकचेन जैसे क्षेत्रों में भी अपने सहयोग को प्राथमिकता दे रहे हैं। हम दोनों का मानना है कि प्रौद्योगिकी समावेशी होनी चाहिए और इसे साझा प्रगति का सेतु बनना चाहिए।उन्होंने भारत-ब्राजील ऊर्जा सहयोग को द्विपक्षीय संबंधों का एक मजबूत स्तंभ बताया।
प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘हाइड्रोकार्बन के साथ-साथ हम नवीकरणीय ऊर्जा, इथेनॉल मिश्रण, टिकाऊ विमानन ईंधन जैसे कई क्षेत्रों में सहयोग को गति दे रहे हैं। ‘ग्लोबल बायोफ्यूल एलायंस’ में ब्राजील की सक्रिय भागीदारी हरित भविष्य के प्रति हमारी साझा प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
बातचीत के दौरान, ब्राजील ने भारत समर्थित ‘कोअलिशन फॉर डिजास्टर रिजिलियंट इन्फ्रास्ट्रक्चर’ (सीडीआरआई) की सह-अध्यक्षता करने का भी प्रस्ताव रखा।मोदी ने कहा, मैं इस पहल के लिए राष्ट्रपति लूला को बधाई देता हूं। इस क्षेत्र में ब्राजील का व्यापक अनुभव सीडीआरआई को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण योगदान देगा।


