एक्टिंग की तरह चैरिटी कामों के लिए भी मशहूर हैं एक्‍टर प्रकाश राज

प्रकाश राज ने फिल्म शक्ति: द पावर (2002) से हिंदी फिल्‍मों में डेब्यू किया था। इसके बाद वो ‘खाकी’ (2004) में नजर आए थे। सलमान खान स्‍टारर फिल्म वॉन्टेड (2009) में प्रकाश राज के काम को पहली बार नोटिस किया गया।

साउथ के पॉपुलर एक्‍टर्स में से एक जाने माने केरेक्‍टर एक्‍टर प्रकाश राज ने साल 1988 में फिल्‍म ‘मिथिलेया सीथेयारू’ से डेब्यू करने के बाद तमिल, कन्नड़ और कई शानदार तेलुगू फिल्‍में करते हुए विलेन के रोल में पहचान बनाई है। उनकी एक्टिंग को फैंस बहुत पसंद करते हैं। प्रकाश राज ने फिल्म शक्ति: द पावर (2002) से हिंदी फिल्‍मों में डेब्यू किया था। इसके बाद वो ‘खाकी’ (2004) में नजर आए थे। सलमान खान स्‍टारर फिल्म वॉन्टेड (2009) में प्रकाश राज के काम को पहली बार नोटिस किया गया।

उसके बाद उन्होंने ‘सिंघम’, ‘दबंग-2’, ‘मुंबई मिरर’, ‘पुलिसगिरी’, ‘हीरोपंती’, ‘गोलमाल अगेन’, ‘सिंह साहेब द ग्रेट’, ‘एंटरटेनमेंट’ और ‘जंजीर’ जैसी कई बॉलीवुड फिल्‍मों में शानदार किरदार निभाये।साउथ की तरह हिंदी सिने दर्शक भी प्रकाश राज के काम को काफी पसंद करते हैं। साउथ की तरह यहां भी उनका एक बड़ा फैन बेस है। हिंदी फिल्‍मों में भी उनकी एक अलग पहचान है।

प्रकाश राज को तमिल फिल्म ‘कोचीवरम’ के लिए बेस्ट एक्टर केटेगरी में और साल 1998 में आई फिल्‍म ‘इरूवर’ के लिए बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर केटेगरी में नेशनल अवॉर्ड मिल चुके है।‘प्रकाश राज प्रोडक्शन’ के तहत बनी कन्नड़ फिल्‍म ‘पुट्टाकान्‍ना हाईवे’ के लिए भी उन्हें बेस्ट फीचर फिल्म केटेगरी में नेशनल अवॉर्ड मिल चुका है।प्रकाश राज को अब तक कुल 5 नेशनल, 5 फिल्मफेयर और 3 विजय अवॉर्ड से सम्मानित किया जा चुका है।

26 मार्च 1965 को बैंगलुरू की एक कन्नड़ फैमिली में जन्मे प्रकाश राज ने शुरुआती पढ़ाई सेंट जोसेफ इंडियन हाई स्कूल से करने के बाद आगे की पढ़ाई के लिए बेंगलुरु के सेंट जोसेफ कॉलेज में एडमीशिन लिया और वहां से कॉमर्स में डिग्री हासिल की।प्रकाश राज ने शुरू से ही अपना लक्ष्‍य निर्धारित कर लिया था कि पढाई खत्‍म करने के बाद उन्हें एक्टिंग में आना है। इसी वजह से कॉलेज की पढाई के दौरान उन्‍होंने बैंगलुरू के एक ड्रामा स्कूल से एक्टिंग की बाकायदा ट्रेनिंग भी ली।

पढाई खत्‍म करने के बाद प्रकाश राज ने थिएटर में काम करते हुए अपने करियर की शुरूआत की। काम के एवज में हर महीने उन्हें 300 रुपए मिल जाते थे। इसके अलावा वे स्ट्रीट प्ले भी करते थे। स्टेज शोज के जरिए अपनी एक्टिंग स्किल को बेहतर करने के बाद उन्‍होंने कुछ टीवी सीरियल में काम किया।उसके बाद साल 1988 में पहली बार उन्हें फिल्‍म ‘मिथिलेया सीथेयारू’ का ऑफर मिला, जो उनकी डेब्यू फिल्‍म बनी। उसके बाद उन्‍होंने अनेक तमिल, कन्नड़ तेलुगू और हिंदी फिल्‍में कर अपनी पहचान स्‍थापित की।

प्रकाश राज अपनी एक्टिंग से ज्‍यादा सत्‍ता धारी पार्टी की बखिया उधेड़ने वाले बयानों के लिए जाने जाते है। प्रकाश राज संभवत एंटरटेनमेंट इंडस्‍ट्री के पहले ऐसे एक्‍टर हैं जिन्‍होंने आज तक कोई मैनेजर नहीं रखा है। वह फोन कॉल अटेंड करने से लेकर फिल्म के सिलेक्शन, स्टोरी और फीस सब कुछ खुद ही डिसाइड करते हैं।प्रकाश राज अपनी कमाई का 20 परसेंट हिस्सा चैरिटी में देते हैं। उन्‍होंने तेलंगाना के पिछड़े महबूबनगर जिले के एक गांव को गोद लिया है और उसके विकास के जिए उनसे जो कुछ बनता है, करते रहते हैं।

 

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