अमेरिका ने PoK और अक्साई चिन को माना भारत का हिस्सा, ट्रेड डील के साथ जारी किया नक्शा

नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच अंतरिम ट्रेड डील के फ्रेमवर्क की घोषणा के साथ एक ऐसा नक्शा सामने आया है, जिसने वैश्विक कूटनीति में हलचल मचा दी है। अमेरिकी ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव ऑफिस (USTR) द्वारा जारी भारत के नक्शे में पूरा जम्मू-कश्मीर, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और अक्साई चिन को भारत का अभिन्न अंग दिखाया गया है। यह कदम ट्रंप प्रशासन की ओर से आया है, जिसे पाकिस्तान के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।

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टैरिफ घटाने पर बनी सहमति

अमेरिका

विशेषज्ञों और सोशल मीडिया पर इसे अमेरिका का स्पष्ट संदेश बताया जा रहा है कि वह भारत की क्षेत्रीय संप्रभुता को मान्यता दे रहा है। शनिवार 7 फरवरी को भारत और अमेरिका ने अंतरिम ट्रेड एग्रीमेंट फ्रेमवर्क की घोषणा की, जिसमें दोनों देशों के बीच टैरिफ को 18 प्रतिशत तक घटाने पर सहमति बनी। इस घोषणा के साथ USTR ने एक इन्फोग्राफिक जारी किया, जिसमें भारत का राजनीतिक नक्शा दिखाया गया। इस नक्शे में कोई विवादित रेखा या अलग छायांकन नहीं है। इसमें, पूरा जम्मू-कश्मीर, पीओके भी, लद्दाख का अक्साई चिन क्षेत्र और अरुणाचल प्रदेश भारत के हिस्से में दिखाए गए हैं।

पुरानी परंपरा से अलग है नक्शा

नये नक्शे में PoK और अक्साई चिन को अलग से चिह्नित नहीं किया गया, जो अमेरिकी सरकारी नक्शों की पुरानी परंपरा से अलग है। इससे पहले में अमेरिकी विदेश विभाग और एजेंसिया PoK को अलग दिखाती थीं या विवादित क्षेत्र के रूप में चिह्नित करती थीं, ताकि पाकिस्तान और चीन की आपत्तियों को संतुलित किया जा सके। लेकिन ट्रंप प्रशासन द्वारा जारी किया गया ये नया नक्शा पाकिस्तान और चीन के दावों को पूरी तरह ख़ारिज करता हुआ नजर आ रहा है।

उल्लेखनीय है कि, भारत सरकार ने हमेशा जम्मू-कश्मीर के पीओके को अपना अभिन्न अंग बताया है। साल 2019 में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद PoK व अक्साई चिन पर भारत ने अपना दावा और मजबूत किया है। इस नक्शे को भारत की इन पुरानी आपत्तियों का अमेरिकी स्वीकारोक्ति माना जा रहा है।

मजबूत संबंध के संकेत

बता दें कि, ये वाकया ऐसे समय में हुआ है जब भारत-अमेरिका संबंध ट्रंप के दूसरे कार्यकाल में नई ऊंचाई को छो रहे हैं। ट्रेड डील को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से खींचतान चल रही थी। ट्रंप प्रशासन ने पहले भारत पर स्टील और एल्युमिनियम जैसे उत्पादों पर 50 प्रतिशत तक टैरिफ लगाया था, जो अमेरिका के सहयोगी देशों में सबसे ऊंचा था। अब अंतरिम डील के तहत इसे 18 प्रतिशत कर दिया गया है, जो एशियाई देशों में सबसे कम दरों में से एक है।

इससे भारतीय निर्यातकों, खासकर स्टील, एल्युमिनियम, कॉपर, फार्मा, ऑटो पार्ट्स और कार सेक्टर  को बड़ी राहत मिली है। ट्रेड डील मार्च के मध्य तक अंतिम रूप ले सकती है। भारत ने कृषि और डेयरी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों पर अपनी ‘रेड लाइन’ बरकरार रखी है, जबकि अमेरिका को कुछ बाजार में पहुंच मिली है, लेकिन अमेरिका द्वारा जारी किया गया ये नया नक्शा ट्रेंड से ज्यादा लोगों का ध्यान खींच रहा है।

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पाकिस्तान की शर्मिंदगी की वजह बना नक्शा

पाकिस्तान की शर्मिंदगी की वजह बना नक्शा

पाकिस्तान के लिए यह नक्शा कूटनीतिक स्तर पर शर्मिंदगी की वजह बन गया है। दरअसल,  पिछले छह महीनों में पाकिस्तान आक्रामक कूटनीति चला रहा था। पाकिस्तानी सेना प्रमुख असीम मुनीर तीन बार अमेरिका गए और दो बार ट्रंप से उनकी मुलाकात भी हुई। जून 2025 में ट्रंप के साथ हुई उनकी लंच मीटिंग ने खूब सुर्खियां भी बटोरी थी, क्योंकि ऐसा पहली बार हुआ था जब किसी अमेरिकी राष्ट्रपति ने पाकिस्तानी सेना प्रमुख से बिना नागरिक नेतृत्व के मुलाकात की थी। लेकिन अब इस नक्शे ने उन सारी कोशिशों पर पानी फेर दिया। सोशल मीडिया पर भारतीय यूजर्स ने इसे ‘गेमचेंजर’ बता रहे हैं। रिटायर्ड मेजर गौरव आर्य ने लिखा, “मैप के लिए अमेरिका को पूरे नंबर। शानदार कदम।”

यूजर्स बोले- तिलमिला जायेगा पाकिस्तान

एक अन्य यूजर ने लिखा है, “यह पाकिस्तान, असीम मुनीर और वॉशिंगटन यात्राओं के प्रचार पर बड़ा झटका है।” कई ने इसे ‘पाकिस्तान तिलमिला जाएगा’ वाली स्थिति बताया।

नक्शे की सबसे बड़ी बात ये है कि इसमें अक्साई चिन को भी भारत का अहम हिस्सा बताया गया है। यह क्षेत्र 1962 के भारत-चीन युद्ध के बाद से चीन के नियंत्रण में है, लेकिन भारत हमेशा से इस पर अपना दावा ठोकता रहा है। वहीं चीन इसे अपने देश का हिस्सा मानता है। अमेरिका का यह कदम भारत-चीन सीमा तनाव के बीच महत्वपूर्ण है। भारत ने पहले कई बार अमेरिकी नक्शों में अरुणाचल प्रदेश और लद्दाख की गलत प्रस्तुति पर आपत्ति जताई है।

नक्शे में कोई विवादित चिह्न नहीं

ट्रंप प्रशासन का नक्शा इन आपत्तियों को दूर करने जैसा लगता है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि, ये नक्शा अमेरिका-भारत गठबंधन की मजबूती का स्पष्ट संकेत बताया। एक रिपोर्ट में कहा गया कि, नक्शे में कोई विवादित चिह्न नहीं है, जो अमेरिकी नीति में बदलाव का संकेत है। हालांकि, यह औपचारिक नीति परिवर्तन नहीं है, लेकिन कार्टोग्राफी में ऐसे बदलाव दुर्घटना से नहीं होते।

ट्रेड डील से भारत को मिला फायदा

टैरिफ 50% से घटकर 18% – निर्यातकों को राहत।
स्टील, फार्मा, ऑटो सेक्टर में रियायतें।
कृषि-डेयरी पर भारत की स्थिति मजबूत।
व्यापक BTA (बाइलेटरल ट्रेड एग्रीमेंट) की दिशा में कदम।

यह डील भारत-अमेरिका संबंधों में नया अध्याय है, जहां आर्थिक सहयोग के साथ भू-राजनीतिक संदेश भी जुड़ गया है। पाकिस्तान और चीन के लिए यह स्पष्ट संकेत है कि अमेरिका अब भारत के साथ मजबूती से खड़ा है।

 

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