भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर सहमति से भारतीय निर्यातकों के लिए खुला 30,000 अरब डॉलर का बाजार

दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए कई वस्तुओं पर आयात शुल्क में बड़ी कटौती करेंगे।

नई दिल्ली/वाशिंगटन, सरकारी मंथन न्यूज डेस्ट । भारत और अमेरिका ने शनिवार को एक अंतरिम व्यापार समझौते की रूपरेखा पर सहमति जताई है, जिसके तहत दोनों देश द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए कई वस्तुओं पर आयात शुल्क में बड़ी कटौती करेंगे। इस समझौते को भारत-अमेरिका आर्थिक संबंधों में एक ऐतिहासिक मोड़ माना जा रहा है।

समझौते के तहत अमेरिका भारतीय उत्पादों पर लगाया जाने वाला आयात शुल्क 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत करेगा। वहीं भारत, अमेरिका से आयात होने वाली सभी औद्योगिक वस्तुओं और खाद्य व कृषि उत्पादों की एक विस्तृत श्रृंखला पर शुल्क समाप्त या कम करेगा। इनमें सूखे अनाज, पशु आहार के लिए लाल ज्वार, मेवे, ताजे और प्रसंस्कृत फल, सोयाबीन तेल, शराब और स्पिरिट जैसे उत्पाद शामिल हैं।

500 अरब डॉलर की अमेरिकी खरीद का इरादा

दोनों देशों की ओर से जारी संयुक्त बयान के अनुसार, भारत ने अगले पांच वर्षों में अमेरिका से लगभग 500 अरब डॉलर के ऊर्जा उत्पाद, विमान और विमान कलपुर्जे, कीमती धातु, प्रौद्योगिकी उत्पाद और कोकिंग कोयला खरीदने का इरादा जताया है। बयान में कहा गया कि यह रूपरेखा पारस्परिक और द्विपक्षीय रूप से लाभकारी व्यापार को मजबूती देगी।

रूसी तेल पर लगाया गया अतिरिक्त शुल्क हटाया गया

इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक कार्यकारी आदेश के जरिए रूस से तेल आयात को लेकर भारत पर अगस्त 2025 में लगाया गया 25 प्रतिशत अतिरिक्त आयात शुल्क हटा लिया है। यह आदेश सात फरवरी 2026 से प्रभावी होगा। ट्रंप ने कहा कि भारत ने इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं और रूस से प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से तेल आयात बंद करने की प्रतिबद्धता जताई है।

मोदी बोले – मेक इन इंडिया को मिलेगी मजबूती

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस अंतरिम व्यापार समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि यह किसानों और उद्यमियों के लिए नए अवसर खोलेगा, मेक इन इंडिया को मजबूत करेगा और महिलाओं व युवाओं के लिए रोजगार सृजन में मददगार साबित होगा।

30,000 अरब डॉलर का बाजार खुलेगा: गोयल

वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि इस समझौते से भारतीय निर्यातकों, विशेषकर एमएसएमई, किसानों और मछुआरों के लिए लगभग 30,000 अरब अमेरिकी डॉलर का बाजार खुलेगा। उन्होंने कहा कि शुल्क में भारी कटौती से वस्त्र, परिधान, चमड़ा, जूते, प्लास्टिक, रबर, जैविक रसायन, गृह सज्जा और हस्तशिल्प जैसे श्रम-प्रधान क्षेत्रों को बड़ा लाभ मिलेगा।इसके अलावा, जेनेरिक दवाइयों, रत्न और हीरों तथा विमान कलपुर्जों पर शुल्क शून्य होने से भारत की निर्यात प्रतिस्पर्धा और मजबूत होगी। 

गोयल ने स्पष्ट किया कि यह समझौता किसानों के हितों की रक्षा को प्राथमिकता देता है। मक्का, गेहूं, चावल, सोया, डेयरी उत्पाद, मुर्गी पालन, एथेनॉल, तंबाकू, कुछ सब्जियां और मांस जैसे संवेदनशील कृषि उत्पादों को पूरी तरह संरक्षित रखा गया है।

संयुक्त बयान में कहा गया कि दोनों देश इस रूपरेखा को शीघ्र लागू करेंगे और इसे पारस्परिक रूप से लाभकारी द्विपक्षीय व्यापार समझौते में बदलने की दिशा में काम करेंगे। उम्मीद है कि मार्च के मध्य तक इस पर हस्ताक्षर हो जाएंगे।अमेरिका 2021-25 के दौरान भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा है। 2024-25 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 186 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि भारत का व्यापार अधिशेष 41 अरब डॉलर रहा।

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