यूपी बजट सत्र के आखिरी दिन भी हुई तीखी बहस, विधायकों का आरोप, फोन नहीं उठाते डीएम-एसपी

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा बजट सत्र 2026-27 के आज आखिरी दिन भी सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस और हंगामा हुआ। हालांकि, इस दौरान कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा भी हुई। विधानसभा में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट पर अपनी अंतिम टिप्पणी रखी, जबकि विधान परिषद में अधिकारियों द्वारा विधायकों-एमएलसी के फोन न उठाने का मामला गरमाया। सत्र के दौरान महंगाई, बेरोजगारी, पलायन, आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सुरक्षा, इजरायल में यूपी के मजदूरों की स्थिति और अखिलेश यादव की सुरक्षा जैसे मुद्दों पर जोरदार बहस हुई।

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पीआरओ ने खुद को बताया एमडी

आज विधान परिषद में शिक्षक विधायक ध्रुव कुमार त्रिपाठी ने शून्यकाल में जिलाधिकारियों (डीएम) द्वारा फोन न उठाने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि डीएम फोन नहीं उठाते, उनके अर्दली फोन रिसीव कर बहस करने लगते हैं। एक अन्य एमएलसी उमेश द्विवेदी ने भी अपना दर्द बयां किया, कहा कि उन्होंने डीएम को पांच बार फोन किया, लेकिन हर बार मैडम व्यस्त हैं का जवाब मिला। उन्होंने तंज कसा, दुर्गा नाग कहां बिजी हैं, जहां जन प्रतिनिधि से बात नहीं हो सकती?

जासमीर अंसारी

जासमीर अंसारी ने कहा कि, जब सत्ता पक्ष के तीन विधायकों और एक मंत्री को अधिकारियों के खिलाफ धरना देना पड़ा, तो विपक्ष की क्या सुनेंगे अधिकारी। सुरेंद्र चौधरी ने भी बिजली विभाग के एमडी को फोन करने की घटना बताई, जहां पीआरओ ने खुद को एमडी बताकर बात की और बाद में कहा कि, एमडी साहब से बात नहीं हो सकती।

उच्च शिक्षा मंत्री की अनुपस्थित पर हंगामा

इसके बाद उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा कि, वे खुद इन सदस्यों के जिलों के अधिकारियों से बात करेंगे और समस्या का हल निकालेंगे। सभापति ने कहा, यह समस्या सभी जिलों में है और अधिकतर सदस्यों की शिकायत यही है कि अधिकारी उनका फोन नहीं उठाते। उन्होंने सरकार को सभी से बात करने का निर्देश दिया।

विधान परिषद में उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय की अनुपस्थिति पर भी हंगामा हुआ। भाजपा एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह के सवाल पर मंत्री सदन में नहीं थे। सभापति ने दो बार उनका नाम पुकारा, लेकिन कोई जवाब नहीं आया। केशव मौर्य ने लिखित जवाब पढ़ा। जब मंत्री पहुंचे और आगरा से सीधे आने की बात कही, तो सभापति ने नाराजगी जताई, कहा कि यह कोई स्पष्टीकरण नहीं है।

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अखिलेश यादव की सुरक्षा पर सपा एमएलसी आशुतोष सिन्हा ने सुरक्षा कर्मियों की सूची मांगी। सभापति ने टिप्पणी की, क्या आप अटेंडेंस लेंगे? केशव प्रसाद मौर्य ने जवाब दिया कि, अखिलेश यादव पूर्व मुख्यमंत्री हैं और रहेंगे। उनकी सुरक्षा में 185 कर्मी हैं, जिसमें 24 कोबरा कमांडो शामिल हैं।

आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को हटाने का मुद्दा उठा

डिप्टी सीएम ने तंज कसा, मुंगेरी लाल के हसीन सपने हैं, कोई भी देख सकता है। इस पर सपा विधायक राजेंद्र चौधरी ने कहा, 15 मार्च 2027 के बाद अखिलेश यादव इसी सदन में बतौर मुख्यमंत्री बैठे होंगे। विधानसभा में रागिनी सोनकर ने आउटसोर्सिंग कर्मचारियों को निकाले जाने का मुद्दा उठाया। मंत्री अनिल राजभर ने स्पष्ट किया कि सरकार ने तय किया है कि, किसी भी कर्मचारी को नहीं निकाला जाएगा। कई बार कंपनियां बदलती हैं, लेकिन कर्मचारी पहले वाले ही रखे जाते हैं। महंगाई पर सपा विधायक आशु मलिक कविता पढ़ने लगे, जिस पर स्पीकर सतीश महाना ने टोका, प्रश्न पूछिए, सदन में कुछ भी मत बोलिए।

काम का विरोध कर रहा विपक्ष- राजभर

मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि विपक्ष का काम विरोध करना है, वरना चुनाव में वोट कौन देगा। मदरसा शिक्षकों के मानदेय और एटीएस जांच पर मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि जांच इसलिए हो रही क्योंकि कई जगह नोट छापे जाते हैं। श्रम मंत्री अनिल राजभर ने बेरोजगारी भत्ते पर कहा कि सपा-कांग्रेस सरकारों ने कभी पूरा नहीं दिया, हम नौकरी पर फोकस करते हैं। 2017 से अब तक 8.45 लाख सरकारी नौकरियां दी गईं।

कांग्रेस विधायक आराधना मिश्रा (मोना) ने इजरायल में यूपी के 6 हजार मजदूरों की सुरक्षा पर सवाल किया। उन्होंने कहा कि, खतरे की स्थिति में क्यों भेजा जा रहा है। श्रम मंत्री ने कहा कि, पलायन अब उचित शब्द नहीं, यूपी के कामगारों की डिमांड सबसे ज्यादा है। इजरायल या अन्य जगहों पर यूपी के लोग सबसे ज्यादा मांगे जाते हैं। हम स्किल गैप भर रहे हैं और 6 जोन में ट्रेनिंग सेंटर बना रहे हैं।

सीधे खाते में जा रही एमएसपी राशि

सपा विधायक संग्राम सिंह यादव ने जौनपुर-आजमगढ़ से 15 हजार से ज्यादा लोगों के पलायन का मुद्दा उठाया। भाजपा एमएलसी देवेंद्र प्रताप सिंह ने मिर्जापुर के जिला विद्यालय निरीक्षक के भ्रष्टाचार पर जांच में देरी का मामला उठाया। सभापति ने कहा कि, उच्च अधिकारी भेजकर जांच कराई जाए और जिला निरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई हो। विधानसभा में सपा विधायकों ने महंगाई पर हंगामा किया तो वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने कहा कि गेंहू-धान की एमएसपी राशि सीधे खाते में जा रही है। स्पीकर ने डॉ. आरके वर्मा को टोका, आप पढ़े-लिखे हैं, डॉक्टर हैं, बैठ जाइए।

सीएम ने राज्य की प्रगति पर दिया जोर

मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने महंगाई पर कहा कि पेट्रोल-डीजल-यूरिया के दाम केंद्र तय करता है। यह बजट सत्र 11 फरवरी को 9 लाख 12 हजार करोड़ के रिकॉर्ड बजट पेश होने के साथ शुरू हुआ था। सत्र में कई बार हंगामा हुआ, लेकिन आज आखिरी दिन पर चर्चा और बहस के साथ समापन हुआ। विपक्ष ने सरकार पर महंगाई, बेरोजगारी और अधिकारियों की मनमानी के आरोप लगाए, जबकि सत्ता पक्ष ने विकास, रोजगार और कानून-व्यवस्था में सुधार का दावा किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सदन में बजट की सफलता और राज्य की प्रगति पर जोर दिया।

 

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