ओलंपिक में लवलीना के पदक पक्का करने वाले पंच के पीछे नैनीताल के अभिषेक

नैनीताल, 30 जुलाई। टोक्यो में आयोजित ओलम्पिक गेम्स में असम की 23 साल की मुक्केबाज लवलीना बोरगोहोन सबको चौंकाते हुए सेमीफाइनल में पहुंचकर एक और पदक पक्का कर चुकी हैं। लवलीना की इस बड़ी सफलता पर नैनीताल और उत्तराखंड में खुशी का माहौल है। यह इसलिए कि लवलीना की कड़ी मेहनत और इस सफलता के पीछे नैनीताल के अभिषेक साह का भी योगदान है। अभिषेक लवलीना को गुवाहाटी में इंटरमीडिएट ट्रेंनिग के दौरान कोचिंग दे चुके हैं। उन्होंने लवलीना के प्रदर्शन पर खुशी जताते हुए विश्वास जताया है कि वह देश के लिए स्वर्ण पदक भी जीत सकती हैं।

अभिषेक ने कहा कि लवलीना ने जिस तरह पूर्व में दो बार हारने के बाद चीनी ताइपे की खिलाड़ी को हराकर क्वार्टर फाइनल जीता है, उसके बाद सेमीफाइनल में उनका मुकाबला विश्व चैंपियन खिलाड़ी से है। यदि वह सेमीफाइनल मुकाबला भी जीत लेती हैं तो फिर उनका फाइनल जीतना भी तय है।

वर्तमान में राष्ट्रीय कोच तथा पूर्व में सांई सेंटर गुवाहाटी में असिस्टेंट कोच रहे अभिषेक ने बताया कि 2014 से 2019 के बीच पांच वर्ष लवलीना को उन्होंने इंटरमीडिएट यानी माध्यमिक स्तर की कोचिंग दी है। उनमें काफी क्षमताएं हैं। वह शिवा थापा के बाद गुवाहाटी क्षेत्र से मैरीकॉम मणीपुर क्षेत्र से आती हैं।

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उल्लेखनीय है कि अभिषेक नगर के तल्लीताल के निवासी हैं। उनके पिता दीप लाल साह जिला न्यायालय में प्रशासनिक अधिकारी के पद पर कार्यरत रहे। वह देश के लिए खेलते हुए जर्मनी भी गए। उनकी यूपी पुलिस में नौकरी भी लग गई थी, लेकिन वह नौकरी छोड़ साई यानी स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया से जुड़े। वर्तमान में वह साईं के नेशनल सेंटर ऑफ एक्सीलेंस रोहतक में बॉक्सिंग कोच है। उन्होंने अपना बॉक्सिंग कैरियर 1996 में महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज देहरादून से शुरू किया था। यहां से निकलने वाले अभिषेक पहले अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी रहे। वह ऑल इंडिया इंटर युनिवर्सिटी के गोल्ड मेडलिस्ट भी रह चुके हैं। उन्होंने 3 बार एलाइट नेशनल चैंपियनशिप में भी पदक जीते हैं। वह 2008 में नेशनल कैम्प के कोर ग्रुप में भी भागीदारी कर चुके हैं।

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