वेंकैया नायडू के बाद मोहन भागवत पर चला ट्विटर का चाबुक, हंगामें के बाद पेश की सफाई

केन्द्र की सत्तारूढ़ मोदी सरकार और सोशल नेटवर्किंग वेबसाइट ट्विटर के बीच जारी विवाद को एक बड़ी वजह और मिल गई है। अभी जहां उपराष्ट्रपति वेकैया नायडू के ट्विटर अकाउंट से ब्लू टिक हटने के बाद ट्विटर सवालों में घिर गया था। वहीं, अब आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के भी ट्विटर अकाउंट को अनवैरीफाई कर दिया है।

मोहन भागवत का भी ट्विटर अकाउंट हुआ अनवेरीफाइड

आपको बता दें कि शनिवार सुबह वेंकैया नायडू के ट्विटर अकाउंट से ब्लू टिक हट गया था, जिसको लेकर केंद्र ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए थे। हालांकि इस मामले में ट्विटर ने सफाई देते हुए कहा था कि अकाउंट में लॉग इन हुए 6 महीने से ज्यादा वक्त बीत गया था, इस वजह से ब्लू टिक हट गया था।

हालांकि ब्लू टिक हटने के दो घंटे के बाद ही वेंकैया नायडू के ट्विटर अकाउंट को दोबारा वेरिफाई कर दिया गया था।

उम्मीद जताई जा रही है कि मोहन भागवत के भी ट्विटर अकाउंट के अनवेरीफिकेशन होने की वजह भी वही हो सकती है, जिस वजह से वेंकैया नायडू के अकाउंट से ब्लू टिक हटा था। बताया जा रहा है कि मोहन भागवत का ट्विटर अकाउंट मई 2019 में बना था, लेकिन अभी उनके ट्विटर पर एक भी ट्वीट नहीं दिखा रहा है।

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मोहन भागवत से पहले आरएसएस के कई बड़े नेताओं के अकाउंट को भी ट्विटर ने अनवेरिफाई कर दिया था। इनमें सुरेश सोनी, सुरेश जोशी और अरुण कुमार जैसे नेता शामिल हैं।

ट्विटर के नियम कहते हैं कि पिछले 6 महीने में लॉग इन करना जरूरी है, तभी उसे एक्टिव अकाउंट माना जाएगा। हालांकि, इसके लिए जरूरी नहीं है कि आप ट्वीट, रिट्वीट, लाइन, फॉलो, अनफॉलो करें। लेकिन अकाउंट एक्टिव रखने के लिए 6 महीने में एक बार लॉग इन करना जरूरी है और प्रोफाइल अपडेट रखना जरूरी है।

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