बंगाल चुनाव: प्रचार पर चल सकता है चुनाव आयोग का चाबुक, ले सकती है बड़ा फैसला

पूरे देश की तुलना में पश्चिम बंगाल में कोविड-19 महामारी अधिक तेजी से फैलती जा रही है। इसकी वजह है कि विधानसभा चुनाव के समय यहां बड़ी मात्रा में जनसभाएं और रोड शो हो रहे हैं। इस वजह से चुनाव आयोग राज्य में बाकी तीन चरणों के चुनाव प्रचार पर रोक लगा सकता है।

चुनाव आयोग ने बुलाई सर्वदलीय बैठक

शुक्रवार को चुनाव आयोग ने महामारी रोकथाम के लिए सर्वदलीय बैठक बुलाई है जिसमें सभी की निगाहें टिकी हुई हैं। चुनाव प्रचार पर रोक संबंधी आशंका के मद्देनजर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में सातवें और आठवें चरण के चुनाव के लिए भी अभी से ही प्रचार शुरू कर दिया है।

गुरुवार को वह व्हीलचेयर पर बैठकर कोलकाता की सड़कों पर रोड शो करने निकली हैं। खास बात यह है कि सातवें और आठवें चरण में कोलकाता में वोटिंग होनी है। उसके पहले मुख्यमंत्री ने आलोछाया सिनेमा हॉल से बउबाजार तक रोड शो निकाला है जिसमें भारी भीड़ उमड़ी है।

खास बात यह है कि ममता के रोड शो में शामिल कई लोगों के चेहरे पर मास्क नहीं है और शारीरिक दूरी के प्रावधान का तो बिल्कुल भी पालन नहीं हो रहा। इससे महामारी के और अधिक बढ़ने की आशंका है। खास बात यह है कि बढ़ती महामारी के बावजूद नेताओं की जनसभाओं को लेकर लगातार आलोचनाएं हो रही हैं लेकिन चुनाव और वोट के भूखे जनप्रतिनिधियों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि लोग महामारी की चपेट में आ रहे हैं या मर रहे हैं।

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गुरुवार अपराह्न 2:00 बजे के करीब मुख्यमंत्री रोड शो के लिए निकलीं। व्हीलचेयर पर उन्हें लेकर सुरक्षा गार्ड चल रहे हैं जबकि उनके पीछे हजारों की संख्या में लोगों की भीड़ ममता बनर्जी जिंदाबाद, तृणमूल कांग्रेस जिंदाबाद, मां माटी मानुष जिंदाबाद, जय बांग्ला जैसे नारे लगाते हुए भारी उत्साह से आगे बढ़ रही है।

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