
वाराणसी। सरकार निर्माण जैसे बड़े काम तो करा सकती है, लेकिन उनकी हिफाजत और संरक्षण की जिम्मेदारी जागरूक समाज और जनता की होती है। अगर जनता सजग नहीं होती, तो बड़े से बड़ा निर्माण भी आसानी से ढह जाता है। प्रयागराज में माफिया ने जिस जमीन पर कब्जा जमा रखा था, अब सरकार उसे मुक्त कराकर वहां गरीबों, दलितों और वंचितों के लिए बहुमंजिला इमारतें बनवा रही है। उत्तर प्रदेश में माफिया के लिए जगह केवल मिट्टी के नीचे है। कभी उनके द्वारा कब्जाई गई जमीनों पर अब गरीबों के लिए हवेलियां खड़ी होंगी। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कही।
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स्वच्छता मित्रों पर की पुष्पवर्षा
मुख्यमंत्री यहां वाराणसी के कबीरचौरा स्थित सरोजा पैलेस में आयोजित स्वच्छता मित्र सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। समारोह में उन्होंने नगर निगम और जल निगम के स्वच्छता मित्रों को सम्मानित किया, उन पर पुष्पवर्षा की और अपने हाथों से भोजन परोसा। कार्यक्रम में जनकल्याणकारी कार्यों पर आधारित एक लघु फिल्म भी दिखाई गई। सीएम ने कहा कि, स्वच्छता मित्र स्थानीय सांसद और विश्व के सबसे लोकप्रिय नेता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ काशी संकल्प को जमीन पर उतार रहे हैं।

सीएम ने स्वच्छता कर्मियों को नींव का पत्थर’ बताया, और कहा, जो भले नजर न आएं, पर इमारत उन्हीं पर टिकी होती है। सर्दी, गर्मी, बारिश, आंधी-तूफान हो या कोई त्योहार, ये सड़कों पर उतरकर समाज को साफ-सुथरा माहौल देते हैं। पहले दूसरों के त्योहार का माहौल बनाते हैं, फिर कहीं जाकर अपने बच्चों का पर्व मना पाते हैं। कुछ लोग अपनी हरकतों से गंदगी फैलाते हैं, मगर एक बड़ा वर्ग अपनी मेहनत से आमजन को स्वच्छ वातावरण देता है। प्रयागराज महाकुंभ की स्वच्छता और भव्यता भी इन्हीं के बूते संभव हुई, जहां 66 करोड़ श्रद्धालु पहुंचे और सबने सफाई की सराहना की।
काशी का हुआ कायाकल्प
मुख्यमंत्री ने कहा कि, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में काशी का स्वरूप बदल चुका है। 2014 से पहले इसकी तंग गलियों में कूड़े के ढेर लगे रहते थे, सड़कों पर गोवंश और सांड़ घूमते थे, बिजली के लिए लोग तरसते थे और बदहाल घाट, जाम व गंदगी ही शहर की पहचान बन गए थे। 2017 से पहले माफिया गरीबों और व्यापारियों की जमीन हड़पकर दहशत फैलाते थे। आज काशी अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को सहेजते हुए नई आभा और नए कलेवर के साथ आगे बढ़ रही है।
जनप्रतिनिधि को हमेशा सजग रहना चाहिए
विपक्ष पर निशाना साधते हुए सीएम ने कहा कि, मंथरा जैसी सोच रखने वालों का हश्र किसी से छिपा नहीं है। हर जागरूक नागरिक को सच के साथ खड़े होकर उसे जमीन पर उतारना और सुरक्षा-संरक्षण की जिम्मेदारी निभानी चाहिए। सपा का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि को भी सजग रहना चाहिए, जो प्रतिनिधि दोपहर 12 बजे सोकर उठे और केवल अपने परिवार को ही समाज व प्रदेश समझ बैठे, उसकी दुर्गति तय है। परिवर्तन वही ला सकते हैं जिन्होंने समाज, प्रदेश और देश को अपना परिवार माना।
थोड़ी से सावधानी से दूर हो सकती हैं बीमारियां
मुख्यमंत्री ने विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी की ओर से 19 जुलाई से 2 अक्टूबर तक (76 दिन) चलाए गए वार्ड प्रवास और स्वच्छता अभियान को नवनिर्माण का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि यह दौर बरसात का था, फिर भी थोड़ी सावधानी और सफाई रखी जाए तो डेंगू, कालाजार, मलेरिया और इंसेफेलाइटिस जैसी बीमारियां पास नहीं फटकेंगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि सरकार द्वारा कराए गए निर्माण की रक्षा करें और उसे किसी को नुकसान न पहुंचाने दें।
बिना भेदभाव मिले योजनाओं का लाभ
सीएम ने कहा कि असली लोकप्रिय जनप्रतिनिधि वह है जो हर घर तक पहुंचे, इसलिए जनप्रतिनिधियों को क्षेत्र में ज्यादा समय देना चाहिए। 76 दिन के वार्ड प्रवास में जरूरतमंदों को स्वास्थ्य शिविर, आयुष्मान कार्ड, आवास, पीएम विश्वकर्मा समेत कई सरकारी योजनाओं का लाभ मिला।

उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से योजनाओं की जानकारी पात्र लोगों तक पहुंचाने को कहा। बिना भेदभाव हर जरूरतमंद को योजनाओं का लाभ मिलना ही ‘सबका साथ, सबका विकास’ है।
जिम्मेदारी का अहसास
आमजन को उनके दायित्व की याद दिलाते हुए सीएम ने कहा कि हम प्रकृति से लगातार ले रहे हैं, पर लौटा क्या रहे हैं? शुद्ध पर्यावरण के लिए प्रधानमंत्री का अभियान ‘एक पेड़ मां के नाम’ सबसे उपयुक्त है। उन्होंने कहा कि स्वच्छता मित्रों का सम्मान, पर्यावरण की शुद्धता, सरकारी निर्माण का संरक्षण और जागरूकता, इस अभियान के ये चारों आयाम सबके लिए प्रेरणादायक हैं।
संवाद से ही निकलता है समाधान
मुख्यमंत्री ने कहा कि, हर समस्या का हल संवाद में है। नगर निगम, विकास प्राधिकरण, स्थानीय प्रशासन और शासन के अन्य विभाग इस अभियान से जुड़े हैं। काम करने को हर कोई तैयार है, जरूरत काम लेने वाले की है। हर बात पर शिकायत करने के बजाय काम कराने की प्रवृत्ति भी होनी चाहिए। ऐसे आयोजन दूसरे जनप्रतिनिधियों के लिए भी प्रेरणा हैं।
स्वच्छ भारत अभियान ने दी नई पहचान
सीएम ने कहा कि मोदी ने स्वच्छ भारत अभियान को नई ऊंचाई देकर देश को नई पहचान दिलाई है और उनकी प्रेरणा दुनिया के लिए मिसाल बनी है। इस अभियान से पहले गांवों और गलियों की हालत बेहद खराब थी। झाड़ू लगाने वालों को सम्मान तक नसीब नहीं था, और काम करने के बावजूद उनका पैसा काट लिया जाता था।
मानदेय काटने वालों पर होगी कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने ऐलान किया कि उत्तर प्रदेश में स्वच्छता कर्मियों का पैसा काटने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। सरकार मानदेय की गारंटी दे रही है और अब यूपी आउटसोर्स निगम इस काम को देख रहा है।

कर्मियों को कम से कम 16 हजार रुपये मानदेय मिलना चाहिए, ईएसआई के तहत अस्पताल में इलाज की सुविधा मिलनी चाहिए और हादसे की स्थिति में परिवार बेसहारा न रहे, इसके लिए सुरक्षा बीमा दिया जाएगा। पीएफ भी कटेगा, जिससे सेवानिवृत्ति पर कर्मी के पास अपनी जमा पूंजी होगी और उस पर बैंक से ब्याज भी मिलेगा। इस तरह वह बच्चों पर निर्भर नहीं रहेगा।
मुख्यमंत्री ने 10 स्वच्छता मित्रों को किया सम्मानित
मुख्यमंत्री ने मंच पर स्वच्छता मित्र वसीम, रोहित रावत, राजकुमार, पूर्णमासी, आशुतोष, दिनेश, सुनील, रेखा, अल्पना और चिंता देवी को माला पहनाई तथा अंगवस्त्र व उपहार देकर सम्मानित किया।
अतिथियों का स्वागत वाराणसी दक्षिण के विधायक डॉ. नीलकंठ तिवारी ने किया। कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के मंत्री दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’ और हंसराज विश्वकर्मा, महापौर अशोक तिवारी, विधायक सौरभ श्रीवास्तव, डॉ. अवधेश सिंह और त्रिभुवन राम, जिला पंचायत अध्यक्ष पूनम मौर्या, महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री कृपाशंकर सिंह तथा भाजपा के महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि समेत कई लोग उपस्थित रहे।
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