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बेटियों को सहारा देने के बजाय अपने राजनीतिक कुनबे को पालने में लगी थीं पिछली सरकारें: मुख्यमंत्री
लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जगतजननी मां भगवती के स्कंदमाता स्वरूप को वात्सल्य, ममता और पोषण की अधिष्ठात्री देवी कहा। उन्होंने कहा कि मां स्कंदमाता की आराधना का पावन संदेश यही है कि जब नारीशक्ति स्वस्थ, शिक्षित और समर्थ होती है, तभी राष्ट्र का वर्तमान सुरक्षित और भविष्य उज्ज्वल बनता है।
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2017 से पहले सिर्फ उपेक्षा और भ्रष्टाचार
मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर लिखा कि 2017 से पहले की सरकारें बेटियों को संबल देने के बजाय केवल अपने राजनीतिक कुनबे को पोषित करने में जुटी रहीं। उनके मुताबिक प्रदेश में माताओं का स्वास्थ्य और बेटियों की शिक्षा घोर उपेक्षा और भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ गई थी। अस्पतालों की बदहाली, दवाओं की कमी और संस्थागत प्रसव की कमजोर व्यवस्था के चलते मातृ-शिशु मृत्यु दर चिंताजनक स्तर पर थी।
डबल इंजन सरकार ने बनाया सुरक्षा का पूरा चक्र
योगी ने लिखा कि बीते साढ़े नौ वर्षों में डबल इंजन सरकार ने हालात बदले हैं। पहले सुविधाओं की कमी के कारण प्रदेश की लाखों बेटियां पढ़ाई छोड़ने को मजबूर थीं, जबकि अब बेटी के जन्म से लेकर उसकी शिक्षा और सुरक्षित मातृत्व तक एक समग्र सुरक्षा एवं कल्याण चक्र तैयार किया गया है।
2017 के बाद बदली तस्वीर
मुख्यमंत्री ने 2017 के बाद आए बदलावों का ब्योरा भी दिया। उन्होंने बताया कि, ऑपरेशन कायाकल्प से प्राथमिक विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता 36 फीसदी से बढ़कर 96 फीसदी से ज्यादा हो गई है, जबकि स्कूल छोड़ने की दर 20 फीसदी से घटकर तीन फीसदी से भी कम रह गई है।
अटल आवासीय विद्यालयों के जरिये श्रमिक और वंचित वर्ग की बेटियों को आधुनिक, विश्वस्तरीय आवासीय शिक्षा मिल रही है। कस्तूरबा बालिका विद्यालयों में कक्षा 12 तक पढ़ाई की सुविधा बढ़ने से बेटियों को अपनी पढ़ाई पूरी करने का मौका मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की शिक्षा पर किया गया निवेश उनके आत्मविश्वास और प्रदेश के भविष्य को सशक्त बनाने का निवेश है।
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