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पीडीए की बात करने वालों ने राज्यसभा में चाचा और धन्ना सेठ को भेजा- योगी
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चुनाव के बाद फिर बंटेंगे टैबलेट, अब तक 62 लाख युवाओं को दिए जा चुके हैं
मिर्जापुर। समाजवादी पार्टी विकास और जनसमस्याओं के समाधान के रास्ते में सबसे बड़ी बाधा है। सही जनप्रतिनिधि चुनने से आधी से ज्यादा समस्याएं सुलझ जाती हैं, जबकि गलत चुनाव समाधान का रास्ता रोक देता है। ये बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी खंड शिक्षक एवं स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए मिर्जापुर में आयोजित सम्मेलन को संबोधित करने के दौरान कही।
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सपा ने विकास काम में लगाए अड़ंगे
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि, सपा ने मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर, विश्वविद्यालयों, मेडिकल कॉलेजों, पुलों और घाटों के निर्माण में अड़ंगे लगाए। उन्होंने कहा, इनका काम ही विकास में रुकावट डालना है। ऐसे लोगों को बैरियर ही रहने दीजिए, चुनकर मत भेजिए। इस बैरियर को हम एक झटके में उखाड़ फेंकेंगे।
शिक्षक सीट से भाजपा प्रत्याशी डॉ. प्रमोद मिश्रा और स्नातक सीट से केदारनाथ सिंह के समर्थन में हुए इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि पिछला चुनाव हारने के बाद भी दोनों प्रत्याशी शिक्षकों और स्नातकों की समस्याएं लेकर लगातार उनके पास आते रहे। उन्होंने 23 अक्टूबर को सुबह आठ से शाम चार बजे तक होने वाले मतदान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की और भरोसा दिलाया कि इन प्रत्याशियों के जरिये आने वाली समस्याओं का समाधान सरकार करेगी।
पीडीए का नारा, टिकट परिवार और धन्ना सेठ को
सपा के पीडीए नारे पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि, राज्यसभा चुनाव में उसकी असलियत सामने आ गई। दो प्रत्याशी उतारने थे तो एक टिकट चाचा को और दूसरा मुंबई के एक धन्ना सेठ को दे दिया गया। न दलित को मौका मिला, न पिछड़े को, न मुसलमान को।

इसके उलट भाजपा ने आठ टिकटों में से तीन सामान्य वर्ग, तीन पिछड़े वर्ग और दो अनुसूचित जाति को दिए और आठों प्रत्याशी जीते। उन्होंने कहा कि, परिवार और धन्ना सेठ को तरजीह देने से पीडीए की हवा निकल गई। कांग्रेस को नेहरू परिवार और सपा को सैफई परिवार तक सीमित बताते हुए उन्होंने कहा कि दोनों ने प्रदेश को बेगाना किया, तो जनता ने भी उन्हें बेगाना कर दिया।
जो माफिया के आगे झुकते थे,आज वे नसीहत दे रहे हैं
योगी ने कहा कि, जिन लोगों ने प्रदेश की पहचान पर संकट खड़ा किया और जो माफिया के सामने गिड़गिड़ाते और घुटने टेकते थे, वे आज कानून-व्यवस्था पर उपदेश दे रहे हैं। उनके मुताबिक सपा शासन में न सड़क थी, न बिजली, न पानी और न शिक्षा की ठीक व्यवस्था। नवरात्र में दुर्गा प्रतिमा स्थापित करने के लिए भी श्रद्धालुओं को जूझना पड़ता था, और मंदिरों में गंदगी व अव्यवस्था रहती थी। उन्होंने कहा कि आज सरकार जनता के साथ खड़ी है। सेवा संकल्प अभियान में हर ब्लॉक में शिविर लगाकर पात्र लोगों को योजनाओं से जोड़ा गया।
सैफई सिंडिकेट से मुक्त हुईं नौकरियां
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि, सपा शासन में नौकरियों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था और नौकरी उसी को मिलती थी जिसे सिंडिकेट चाहता था। तत्कालीन आयोग अध्यक्ष अनिल यादव का नाम लेते हुए उन्होंने कहा कि एक अयोग्य व्यक्ति को अध्यक्ष बना दिया गया, जिसे बाद में हाई कोर्ट ने पद से हटाया।
जनपद मीरजापुर में आयोजित शिक्षक सम्मेलन में…
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— Yogi Adityanath (@myogiadityanath) October 15, 2026
उन्होंने कहा कि युवा सड़कों पर आंदोलन करते रहे, लेकिन अखिलेश सरकार ने उनकी आवाज अनसुनी की। मौजूदा सरकार के साढ़े नौ वर्षों में साढ़े नौ लाख युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। उन्होंने बताया कि 65 लाख लोगों को रोजगार मिला और एक जिला एक उत्पाद योजना से तीन करोड़ से ज्यादा रोजगार अवसर बने हैं। अब युवा स्टार्टअप के जरिये दूसरों को नौकरी देने वाले भी बन रहे हैं।
फिर शुरू होगा टैबलेट वितरण
योगी ने कहा कि विधान परिषद चुनाव खत्म होने के बाद बड़े आयोजन कर स्नातक युवाओं को फिर से टैबलेट दिए जाएंगे। सरकार का लक्ष्य दो करोड़ युवाओं तक टैबलेट पहुंचाना है, जबकि अब तक 62 लाख को मिल चुके हैं। डिजिटल अभियान को और गति दी जाएगी। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना में नीट, आईआईटी-जेईई, यूपीएससी समेत कई प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क तैयारी कराई जा रही है, जिसका लाभ युवा ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से ले सकते हैं।
15 लाख शिक्षकों को स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा
मुख्यमंत्री ने कहा कि, 2017 से पहले शिक्षकों को न सम्मान मिलता था, न स्वास्थ्य सुविधाएं। अब बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा और स्ववित्तपोषित संस्थानों के 15 लाख शिक्षकों को परिवार सहित हर साल पांच लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर मिल रहा है। दुर्घटना होने पर 40 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक की सामाजिक सुरक्षा की गारंटी है। प्रोजेक्ट अलंकार के तहत माध्यमिक विद्यालयों में नए भवन, पुस्तकालय, स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी और कंप्यूटर लैब बनाई जा रही हैं। कांग्रेस और सपा को शिक्षा विरोधी बताते हुए उन्होंने कहा कि उनके शासन में शिक्षण संस्थान उपेक्षित रहे और युवाओं को पलायन करना पड़ा।
सपा सरकार के पास नहीं था विकास का एजेंडा
योगी ने कहा कि सपा को चार बार सरकार चलाने का मौका मिला, फिर भी विकास उसके एजेंडे में नहीं रहा। 2017 से पहले मीरजापुर मंडल के तीनों जिलों में न कोई मेडिकल कॉलेज था, न विश्वविद्यालय।
अब मीरजापुर और सोनभद्र में मेडिकल कॉलेज चल रहे हैं, मीरजापुर में मां विंध्यवासिनी विश्वविद्यालय और भदोही में काशी नरेश विश्वविद्यालय शुरू हो चुके हैं। उन्होंने कहा कि आस्था के केंद्र अब आर्थिक समृद्धि का जरिया बन रहे हैं, जिसके उदाहरण प्रयागराज महाकुंभ, काशी विश्वनाथ धाम और अयोध्या हैं। उन्होंने कहा कि राम मंदिर का विरोध करने वाले आज अयोध्या पर नसीहत दे रहे हैं।
पहले विकास का पैसा जमीन कब्जाने में लगता था
मुख्यमंत्री ने कहा कि मां विंध्यवासिनी कॉरिडोर और त्रिकोण क्षेत्र के विकास से श्रद्धालुओं को सुविधाएं मिली हैं और रोज दो लाख श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं। गंगा के पक्के घाट बनने से हादसों की समस्या खत्म हुई है। उन्होंने आरोप लगाया कि, पहले विकास का यही पैसा गरीबों की जमीनें हड़पने में खर्च होता था। नवरात्र की पंचमी पर उन्होंने मां विंध्यवासिनी के दर्शन किए और विकास कार्यों व श्रद्धालुओं की सुविधाओं की समीक्षा भी की।
योगी के नेतृत्व में बदली यूपी की छवि- नंदी
कैबिनेट मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की पहचान और छवि बदली है। पहले “एक जिला, एक माफिया” की पहचान थी, अब “एक जिला, एक उत्पाद” से प्रदेश जाना जाता है। परिवारवाद और तुष्टीकरण की जगह सख्त कानून-व्यवस्था और औद्योगिक विकास ने ले ली है। उन्होंने कहा कि विकास अब सैफई और रायबरेली तक सीमित नहीं, हर जिला और गांव विकास की नई कहानी लिख रहा है।
निष्पक्ष भर्ती सरकार की पहचान- आशीष पटेल
कैबिनेट मंत्री आशीष पटेल ने कहा कि शिक्षक और स्नातक विधान परिषद चुनाव अहम है और सरकार के कामों पर मुहर लगाने का मौका है। उन्होंने बताया कि हाल ही में पुलिस और होमगार्ड भर्ती के नतीजे आए, लेकिन गड़बड़ी का कोई सवाल नहीं उठा। पारदर्शी भर्ती ही सरकार की पहचान है।
ये रहे मौजूद
सम्मेलन में राज्यमंत्री संजीव कुमार गोंड, सांसद डॉ. विनोद बिंद, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के उपाध्यक्ष सोहन लाल श्रीमाली और भाजपा जिलाध्यक्ष लाल बहादुर सरोज के साथ बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, शिक्षक और स्नातक मौजूद रहे।
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