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वाराणसी में शिक्षक-स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए हुए महासम्मेलन में भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में बोले मुख्यमंत्री योगी
वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि समाजवादी पार्टी ने शिक्षा, शिक्षकों और युवाओं के हितों की कभी परवाह नहीं की। शिक्षा से उसका कोई सरोकार नहीं रहा। वह हमेशा माफिया के साथ खड़ी रही और उनके मरने पर कब्र पर जाकर फातिहा पढ़ती है। ऐसे लोगों से शिक्षकों के हित की अपेक्षा रखना बेमानी है।
उन्होंने कहा कि सपा के शासन में शिक्षकों के पद खाली पड़े रहे, भर्ती आयोगों पर सैफई सिंडिकेट हावी था और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ होता रहा। भाजपा सरकार ने भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के साथ शिक्षकों की समस्याओं का निराकरण किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षक केवल छात्र का भविष्य नहीं संवारता, बल्कि समाज, राष्ट्र और युग को गढ़ता है।
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मुख्यमंत्री वाराणसी में शिक्षक एवं स्नातक विधान परिषद चुनाव के लिए भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में आयोजित महासम्मेलन को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि शिक्षक और स्नातक समाज के जागरूक प्रहरी हैं और एक-दूसरे के पूरक हैं। शिक्षक युवाओं को राह दिखाता है और युवा देश का भविष्य तय करते हैं। शिक्षकों व स्नातकों की समस्याओं का समाधान किया जा चुका है, और अगर कोई मुद्दा बचा है तो सरकार उसका भी रास्ता निकालेगी।
राज्यसभा चुनाव में कहां खो गया सपा का पीडीए
राज्यसभा चुनाव का जिक्र करते हुए योगी ने कहा कि दस में से आठ सीटें भाजपा के खाते में गईं और दो सपा को मिलीं। भाजपा ने विभिन्न समाजों को प्रतिनिधित्व दिया, जबकि पीडीए की बात करने वाली सपा ने एक सीट चाचा रामगोपाल यादव को सौंप दी और दूसरी मुंबई के एक धन्नासेठ को।

उन्होंने सवाल किया कि सपा को काशी, गाजीपुर या बलिया में कोई यादव, दलित या मुस्लिम प्रत्याशी क्यों नहीं मिला। पीडीए को उन्होंने ‘परिवार डेवलपमेंट अथॉरिटी’ और ‘पराया धन अपना’ करार देते हुए कहा कि सपा की कथनी और करनी में अंतर है।
सपा पर लगाया वादों से मुकरने का आरोप
सपा पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए योगी ने कहा कि उस पर भरोसा करना मगरमच्छ के सहारे नदी पार करने की आस लगाने जैसा है। मगरमच्छ बीच धारा में ले जाकर क्या करेगा, यह सब जानते हैं। सपा नेताओं पर बार-बार रंग बदलने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि इन्हें देखकर गिरगिट भी खुश होता होगा कि इंसानों में उसकी बिरादरी का कोई आ गया। उन्होंने कहा कि सपा को प्रदेश की नहीं, बस अपने परिवार की फिक्र रही है। समाज में भेदभाव और बंटवारे की राजनीति से सावधान रहने की जरूरत है।
सैफई सिंडिकेट ने किया युवाओं के भविष्य से खिलवाड़
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि सपा सरकार में भर्ती आयोगों और बोर्डों पर सैफई सिंडिकेट का कब्जा था और चाचा-भतीजे की जोड़ी वसूली पर निकलती थी। वर्ष 2017 में बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों में शिक्षकों के 1.60 लाख पद रिक्त थे। भाजपा सरकार ने इन पर नियुक्तियां कीं और सेवानिवृत्ति से खाली हो रहे पदों पर भी भर्ती जारी है। प्रदेश में साढ़े नौ लाख से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्र मिल चुके हैं और अगले छह महीने में एक लाख और नियुक्तियां देने का संकल्प है। बुधवार को ही उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती में 32 हजार युवाओं का परिणाम घोषित हुआ है।
शिक्षकों की बात उठाने वाला हो प्रतिनिधि
योगी ने कहा कि विधान परिषद में ऐसा प्रतिनिधि भेजा जाना चाहिए जो शिक्षकों की समस्याओं को सरकार के सामने प्रभावी ढंग से रख सके। उन्होंने बताया कि सर्वोच्च न्यायालय के टीईटी संबंधी फैसले के बाद पुराने शिक्षकों के लिए विशेष टीईटी कराने की व्यवस्था की जा रही है। बेसिक से विश्वविद्यालय स्तर तक के शिक्षकों को पांच लाख रुपये तक की स्वास्थ्य सुविधा मिल रही है, जिसमें स्ववित्तपोषित संस्थानों के शिक्षक भी शामिल हैं। वित्तपोषित विद्यालयों के शिक्षकों को 40 लाख से डेढ़ करोड़ रुपये तक का बीमा कवर भी दिया जा रहा है।
नौकरी मांगने नहीं, देने वाले बन रहे युवा
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले प्रदेश में सिर्फ 120 स्टार्टअप थे, जबकि आज 24 हजार से ज्यादा स्टार्टअप सक्रिय हैं। प्रदेश का युवा अब केवल नौकरी मांगने वाला नहीं, बल्कि दूसरों को रोजगार देने वाला बन रहा है। निजी क्षेत्र में 65 लाख युवाओं को नौकरी मिली है और तीन करोड़ से अधिक लोग रोजगार व स्वरोजगार से जुड़े हैं। 62 लाख युवाओं को टैबलेट और स्मार्टफोन दिए जा चुके हैं और दो करोड़ युवाओं तक इसे पहुंचाने का लक्ष्य है।
अब यूपी की पहचान दंगा-कर्फ्यू नहीं, धार्मिक पर्यटन
योगी ने कहा कि पहले प्रदेश में त्योहारों से पहले ही दंगे भड़कने लगते थे और उत्सव से पहले उपद्रव यूपी की पहचान बन गया था। खराब कानून-व्यवस्था की वजह से निवेशक यहां आने से बचते थे। आज काशी विश्वनाथ धाम में रोजाना औसतन एक लाख श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। अब प्रदेश की पहचान दंगा, कर्फ्यू और माफिया से नहीं, बल्कि काशी विश्वनाथ धाम, अयोध्या के राम जन्मभूमि मंदिर, प्रयागराज महाकुंभ और मथुरा-वृंदावन से बन रही है।
पेंशन खातों के लिए दस हजार करोड़ का इंतजाम
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि 2005 से 2017 के बीच शिक्षकों और कर्मचारियों की नई पेंशन योजना की राशि जमा नहीं की गई, यहां तक कि खाते भी नहीं खोले गए।

2017 में सरकार बनने के बाद 14 लाख कार्मिकों के खाते खुलवाने के लिए दस हजार करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई। नई पेंशन योजना में सरकार का अंशदान भी दस प्रतिशत से बढ़ाकर 14 प्रतिशत कर दिया गया है।
शिक्षित मतदाताओं का रुख देगा संकेत: सुरेश खन्ना
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि विधानसभा चुनाव से पहले शिक्षक और स्नातक मतदाताओं का रुझान एक अहम संकेत देगा। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी के नेतृत्व में प्रदेश में आए बदलावों का उल्लेख किया। अखिलेश यादव को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के जवाब के बाद सपा प्रमुख की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
ये नेता रहे मौजूद
सम्मेलन में मंत्री सुरेश कुमार खन्ना, रवींद्र जायसवाल, दयाशंकर मिश्र ‘दयालु’, हंसराज विश्वकर्मा, भाजपा काशी क्षेत्र के अध्यक्ष अशोक चौरसिया, प्रदेश उपाध्यक्ष शंकर गिरि, महापौर अशोक तिवारी, जिला अध्यक्ष राम सकल पटेल, महानगर अध्यक्ष प्रदीप अग्रहरि और अरुण पाठक के साथ शिक्षक संगठनों के पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।
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