
चंदौली। उत्तर प्रदेश के चंदौली जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने कानून व्यवस्था की पोल खोल दी है। खबर है कि, सपा की जिलाध्यक्ष गार्गी पर जानलेवा हमला हुआ। उन्होंने पूर्व ग्राम प्रधान वीरेंद्र यादव पर गला दबाकर मारने की कोशिश और छेड़खानी करने का गंभीर आरोप लगाया है। वहीं वीरेंद्र यादव ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह से बेबुनियाद करार दिया है। दोनों पक्षों ने इस मामले को लेकर मुगलसराय कोतवाली में अलग-अलग तहरीर देकर पुलिस से कार्रवाई की मांग की है।
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गार्गी सिंह पटेल का आरोप
गार्गी सिंह पटेल का कहना है कि, यह पूरी घटना मंगलवार की शाम करीब सात बजे की है, जब बहादुरपुर के पूर्व प्रधान वीरेंद्र यादव उनके घर पहुंचे थे। गार्गी सिंह पटेल का आरोप है कि, इससे पहले हुई एक मारपीट की घटना को लेकर वीरेंद्र यादव कथित तौर पर लोगों के बीच उनके खिलाफ गलत और भ्रामक बातें फैला रहे थे। जब इसी मुद्दे को लेकर दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई, तो विवाद इतना बढ़ गया कि, वीरेंद्र यादव ने उनका गला दबाकर उन्हें जान से मारने की कोशिश की। इसके साथ ही उन्होंने उनके साथ छेड़खानी भी की।

गार्गी सिंह पटेल का आरोप है कि, इस दौरान उनकी चीख पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और वीरेंद्र यादव को पकड़ कर पीटा, तब जाकर पूरा मामला किसी तरह शांत हो पाया।
वीरेंद्र यादव बोले- बेबुनियाद आरोप
उधर, बहादुरपुर के पूर्व प्रधान वीरेंद्र यादव ने गार्गी सिंह पटेल द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। वीरेंद्र यादव का कहना है कि, असल घटनाक्रम इससे बिल्कुल अलग था। उन्होंने बताया कि, कुछ लोगों ने उन्हें जानकारी दी थी कि, उन पर यह आरोप लगाया जा रहा है कि, वे गार्गी सिंह पटेल पर पहले हुए हमले के आरोपियों से जेल में जाकर मिले थे। वीरेंद्र यादव का कहना है कि इसी बात की सच्चाई स्पष्ट करने और अपना पक्ष रखने के मकसद से वे खुद गार्गी सिंह पटेल से मिलने उनके घर गए थे, लेकिन बातचीत के दौरान अचानक से माहौल बिगड़ गया और जिस व्यक्ति ने उन्हें पहले यह जानकारी दी थी, वहां मौजूद लोग उसे पीटने लगे।
वीरेंद्र यादव का कहना है कि, जब उन्होंने उस व्यक्ति को बचाने की कोशिश की, तो इसी दौरान उन्हें भी चोटें आईं। उन्होंने साफ तौर पर कहा है कि, उन पर लगाए गए हत्या के प्रयास और छेड़खानी जैसे सभी गंभीर आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद और झूठे हैं।
दोनों पक्षों ने दी तहरीर
इस पूरे विवाद को लेकर गार्गी सिंह पटेल और वीरेंद्र यादव दोनों ने ही अपनी-अपनी तरफ से मुगलसराय कोतवाली में अलग-अलग तहरीर दर्ज कराई है। पुलिस प्रशासन ने दोनों पक्षों से तहरीर मिलने की पुष्टि की है और इस पूरे मामले की गहनता से जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि, जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
मुगलसराय थाना अध्यक्ष विजय प्रताप सिंह ने भी इस मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि, दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग तहरीरें प्राप्त हुई हैं और पुलिस पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि, जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि वास्तविक घटनाक्रम क्या था और किस पक्ष का दावा सही है।
दो महीने पहले भी हुआ था विवाद
गौरतलब है कि, यह पहली बार नहीं है जब गार्गी सिंह पटेल के साथ इस तरह की कोई विवादित घटना सामने आई हो। करीब दो महीने पहले भी गार्गी सिंह पटेल के घर में कुछ लोगों के घुसकर उनके साथ मारपीट करने का मामला सामने आया था। उस समय हुई इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ था, जिसके बाद इस मामले ने काफी तूल पकड़ लिया था।
वायरल वीडियो के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था और उन्हें जेल भेज दिया गया था। इस पुरानी घटना के मद्देनजर अब यह ताजा विवाद और भी अधिक संवेदनशील हो गया है, क्योंकि दोनों घटनाओं में गार्गी सिंह पटेल का नाम जुड़ा हुआ है।
जिले की राजनीति के हलचल
इस पूरे घटनाक्रम ने चंदौली जिले की स्थानीय राजनीति में हलचल मचा दी है। समाजवादी पार्टी की महिला जिलाध्यक्ष होने के नाते गार्गी सिंह पटेल का यह मामला पार्टी के भीतर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। वहीं वीरेंद्र यादव भी सपा से जुड़े कार्यकर्ता और बहादुरपुर के पूर्व प्रधान रह चुके हैं, ऐसे में यह विवाद पार्टी के भीतर के आंतरिक मतभेदों को भी उजागर करता नजर आ रहा है।

स्थानीय लोगों में भी इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। कुछ लोग गार्गी सिंह पटेल के आरोपों का समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ वीरेंद्र यादव के पक्ष में खड़े नजर आ रहे हैं। हालांकि, दोनों पक्षों के आरोप-प्रत्यारोप के बीच सच्चाई क्या है, यह पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
कार्रवाई पर टिकी निगाहें
फिलहाल मुगलसराय पुलिस इस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है और दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। घटनास्थल के आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि वास्तविक घटनाक्रम को लेकर स्पष्टता आ सके। पुलिस जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर ही यह तय होगा कि इस मामले में किसके खिलाफ क्या कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे जिले में इस घटना को लेकर सरगर्मी बनी हुई है और आम जनता की निगाहें अब पुलिस की आगे की कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।



