
चंपावत। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार को चंपावत जिले के टनकपुर पहुंचे। यहां उन्होंने उत्तर भारत के प्रसिद्ध मां पूर्णागिरि मेले-2026 के शुभारंभ से पहले विधिवत पूजन किया। यह मेला धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण है, जो लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित करता है। मुख्यमंत्री धामी ने ठुलीगाड़ क्षेत्र में पहुंचकर मां पूर्णागिरि की आराधना की और मेले के सफल आयोजन एवं प्रदेश की समृद्धि के लिए आशीर्वाद मांगा।
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मन्दिर में की विशेष पूजन-अर्चना

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार सुबह ठुलीगाड़ हेलीपैड पर उतरे, जहां बड़ी संख्या में स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और श्रद्धालु उन्हें स्वागत करने के लिए मौजूद थे। हेलीपैड से सीधे वे पूर्णागिरि मेला स्थल के निकट ठुलीगाड़ पहुंचे। यहां उन्होंने मां पूर्णागिरि के मंदिर में विशेष पूजन-अर्चना की। पूजन के दौरान मुख्यमंत्री ने मां के चरणों में नतमस्तक होकर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि, शांति और विकास की कामना की।
पूजन में स्थानीय पुजारियों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हवन और आरती की व्यवस्था की गई थी। यह पूजन मेले के औपचारिक शुभारंभ से ठीक पहले किया गया, जो परंपरा के अनुसार श्रद्धा और भक्ति का प्रतीक माना जाता है। पूजन के बाद मुख्यमंत्री ने कहा कि मां पूर्णागिरि की कृपा से उत्तराखंड का हर क्षेत्र तरक्की कर रहा है और सरकार देवी के आशीर्वाद से ही विकास की नई ऊंचाइयों को छू रही है। उन्होंने मेले को उत्तराखंड की सांस्कृतिक धरोहर बताते हुए कहा कि यह मेला केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और आर्थिक गतिविधियों का भी केंद्र है।
मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की होती है पूजा
मां पूर्णागिरि धाम चंपावत जिले में काली नदी के किनारे ऊंची पहाड़ी पर स्थित एक प्राचीन शक्तिपीठ है। यह 108 शक्तिपीठों में से एक माना जाता है और यहां मां दुर्गा के विभिन्न रूपों की पूजा की जाती है। पूर्णागिरि मेला मुख्य रूप से चैत्र नवरात्रि के आसपास शुरू होता है और कई महीनों तक चलता है। इस वर्ष ये मेला 27 फरवरी से शुरू होकर 15 जून तक चलेगा।
पिछले वर्षों में यह मेला तीन महीने तक चलता रहा है, लेकिन सरकार अब इसे वर्ष भर चलाने की दिशा में प्रयासरत है ताकि पर्यटन को निरंतर बढ़ावा मिले। मेले में श्रद्धालु दूर-दूर से पैदल, वाहनों से और यहां तक कि नेपाल के सीमावर्ती क्षेत्रों से भी आते हैं। मेले का मुख्य आकर्षण मंदिर तक पहुंचने वाली चढ़ाई है, जहां भक्त सीढ़ियां चढ़ते हुए मां के दर्शन करते हैं। मेले में सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक नृत्य, हस्तशिल्प प्रदर्शनी, व्यापारिक स्टॉल और धार्मिक प्रवचन आयोजित होते हैं। यह मेला स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करता है, क्योंकि यहां हजारों दुकानें लगती हैं और रोजगार के अवसर बढ़ते हैं।
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मुख्यमंत्री का स्वागत और सुरक्षा व्यवस्था
टनकपुर पहुंचने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का जोरदार स्वागत हुआ। सड़कों पर फूलों की वर्षा की गई, ढोल-नगाड़ों की थाप गूंजी और भक्तों ने ‘जय माता दी’ के नारे लगाए गये। प्रशासन ने मेले के शुभारंभ को लेकर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है। पुलिस, पीएसी, होमगार्ड और एसडीआरएफ की टीमें तैनात हैं। यातायात प्रबंधन के लिए विशेष पुलिसकर्मी लगाए गए हैं ताकि श्रद्धालुओं को कोई असुविधा न हो। स्वास्थ्य विभाग ने मेडिकल कैंप स्थापित किए हैं, जहां आपातकालीन सेवाएं उपलब्ध हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने पूजन के बाद संक्षिप्त संबोधन में कहा, मां पूर्णागिरि का यह मेला हमारी आस्था का केंद्र है। सरकार ने मेले को और भव्य बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं। सड़कें, पार्किंग, शौचालय और पेयजल जैसी सुविधाओं में सुधार किया गया है। हमारा प्रयास है कि यह मेला हर की पौड़ी की तरह राष्ट्रीय स्तर का बन जाए। उन्होंने श्रद्धालुओं से अपील की कि वे मेले में अनुशासन बनाए रखें और स्वच्छता का विशेष ध्यान दें।
विकास योजनाओं का जिक्र
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर चंपावत जिले के विकास पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि, हाल ही में शारदा रिवर फ्रंट परियोजना, सरस कॉर्बेट महोत्सव और अन्य योजनाओं का शिलान्यास किया गया है, जिनसे क्षेत्र में पर्यटन और रोजगार बढ़ेगा। पूर्णागिरि मेले को वर्ष भर चलाने की योजना पर काम चल रहा है, जिससे सीमावर्ती क्षेत्रों में आर्थिक क्रांति आएगी। उन्होंने कहा कि, देवी के आशीर्वाद से ही राज्य में डबल इंजन की सरकार सुचारू रूप से काम कर रही है और केंद्र-राज्य के सहयोग से विकास की गति तेज हुई है।
श्रद्धालुओं में उत्साह
मेले के पहले दिन ही हजारों श्रद्धालु पहुंच चुके हैं। एक श्रद्धालु ने बताया, मां के दर्शन के लिए हम हर साल आते हैं। इस बार मुख्यमंत्री का आना और पूजन करना हम सबके लिए सौभाग्य की बात है। मेले में महिलाओं और युवाओं की बड़ी संख्या देखी गई, जो सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग ले रही हैं।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का टनकपुर दौरा और पूर्णागिरि मेले का शुभारंभ प्रदेश में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। पूजन के बाद मुख्यमंत्री लोहाघाट के लिए रवाना हुए, जहां वे छमनिया स्पोर्ट्स मैदान हेलीपैड से अन्य कार्यक्रमों में शामिल होंगे। मां पूर्णागिरि का यह मेला न केवल आस्था का प्रतीक है, बल्कि उत्तराखंड की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने वाला आयोजन भी है। उम्मीद है कि इस वर्ष का मेला रिकॉर्ड संख्या में श्रद्धालुओं को आकर्षित करेगा और क्षेत्र के विकास में योगदान देगा।
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