
हरिद्वार। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी आज शनिवार को हरिद्वार पहुंचे। यहां उन्होंने कुंभ मेला-2027 की तैयारियों की समीक्षा की और कुंभ मेला नियंत्रण भवन (सीसीआर) में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए।
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सीएम धामी ने कहा, गंगा घाट क्षेत्र सहित मेले से जुड़े सभी निर्माण, मेंटेनेंस और विकास कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे कर लिए जाएं। करोड़ों श्रद्धालुओं के संभावित आगमन को देखते हुए स्नान, आवागमन, ठहराव, ट्रैफिक मैनेजमेंट, पार्किंग, वैकल्पिक मार्ग और अतिक्रमण हटाने जैसे सभी पहलुओं पर ठोस और चरणबद्ध कार्ययोजना तैयार की जाए।
अतिक्रमण मुक्त अभियान चलाने के निर्देश

बैठक में सीएम धामी ने कहा, कुंभ मेला विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक आयोजन है। 2027 का कुंभ भव्य, दिव्य और ऐतिहासिक होगा। इसके लिए हमारी सरकार प्रतिबद्ध है। सभी कार्यों की गुणवत्ता और समयबद्धता पर खुद मॉनिटरिंग करूंगा। उन्होंने अखाड़ों को भूमि आवंटन से जुड़े प्रकरणों की मेलाधिकारी द्वारा स्वयं सतत निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने पुलों का सेफ्टी एवं संरचनात्मक ऑडिट तत्काल कराने, आवश्यक मरम्मत कार्य पूरे करने तथा घाटों के सुदृढ़ीकरण, सुरक्षा रेलिंग, फिसलन-रोधी व्यवस्थाओं और गंगा तट क्षेत्र के मेंटेनेंस कार्यों को समयबद्ध रूप से पूरा करने पर जोर दिया। ट्रैफिक और पार्किंग प्रबंधन के लिए वैकल्पिक मार्गों की पहचान और अतिक्रमण मुक्त अभियान चलाने की सख्त हिदायत दी गई।
आज हरिद्वार में कुंभ मेला-2027 की तैयारियों को लेकर आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में अधिकारियों को गंगा घाट क्षेत्र सहित मेले से जुड़े सभी निर्माण एवं मेंटेनेंस कार्य निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों को निर्देशित किया कि कुंभ में करोड़ों श्रद्धालुओं के… pic.twitter.com/SyEoeB1qpB
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) February 21, 2026
कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी- धामी
सीएम ने बैठक में कहा कि, कुंभ क्षेत्र में आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा सर्वोपरि है। सभी विभाग समन्वय से काम करें। कोई भी कमी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने साधु-संतों और अखाड़ों के साथ बेहतर समन्वय पर भी बल दिया।
बैठक के बाद मुख्यमंत्री ने कुंभ मेला नियंत्रण भवन से 234.55 करोड़ रुपये की लागत वाली 34 प्रमुख स्थायी अवसंरचना परियोजनाओं का शिलान्यास किया। ये परियोजनाएं कुंभ मेले को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और भव्य बनाने के साथ ही हरिद्वार शहर को लंबे समय तक लाभ पहुंचाने वाली हैं। इनमें घाटों का सौंदर्यीकरण, सड़कें, पुल, पार्किंग, लाइटिंग, जल निकासी और अन्य बुनियादी ढांचे शामिल हैं।
सरकार का दावा है कि, ये कार्य न केवल कुंभ-2027 के दौरान उपयोगी साबित होंगे, बल्कि हरिद्वार के स्थायी विकास में योगदान देंगे। सीएम धामी ने कहा, ये परियोजनाएं कुंभ के बाद भी शहर की पहचान मजबूत करेंगी।
शिलान्यास समारोह
इस उच्चस्तरीय बैठक और शिलान्यास समारोह में सांसद त्रिवेंद्र सिंह रावत, कैबिनेट मंत्री सतपाल महाराज (पर्यटन), सुबोध उनियाल, विधायक प्रदीप बत्रा, आदेश चौहान, रेनू बिष्ट, हरिद्वार मेयर अनीता भारती, मेलाधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

बता दें कि 2027 में हरिद्वार में कुंभ मेला अर्धकुंभ के रूप में आयोजित होगा, लेकिन उत्तराखंड सरकार की योजना इसे पूर्ण कुंभ की तर्ज पर भव्य बनाने की है। इस कुंभ में पेशवाई, शाही स्नान, धर्मध्वजा और छावनियां प्रमुख आकर्षण होंगी। पिछले कुछ महीनों में इसे लेकर सीएम धामी ने कई समीक्षा बैठकें की हैं, जिसमें अक्टूबर तक सभी व्यवस्थाएं पूरी करने का लक्ष्य रखा गया है।
सरकार चारधाम यात्रा के साथ कुंभ की तैयारियों को एक साथ संभाल रही है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि, सभी कार्यों में गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए और कोई भी देरी न हो। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की इस यात्रा और बैठक से कुंभ-2027 की तैयारियों को नई गति मिलेगी। राज्य सरकार का प्रयास है कि विश्व भर से आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतरीन सुविधाएं मिलें और मेला सुरक्षित, सुव्यवस्थित तथा यादगार बने।
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