
सुल्तानपुर। कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़े मानहानि मामले में सुल्तानपुर की एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश हुए। यहां उन्होंने अदालत में अपना बयान दर्ज कराया और करीब 20 मिनट बाद बाहर निकल आए।
इसे भी पढ़ें- राहुल गांधी और 25 कांग्रेस सांसदों को गोली मारने की धमकी, आरोपी गिरफ्तार, BJP ने झाड़ा पल्ला
कोर्ट के बाहर यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय, राज्यसभा सांसद प्रमोद तिवारी और अन्य कांग्रेस नेता मौजूद रहे। राहुल गांधी ने कोर्ट से निकलते हुए कहा कि, उन पर जो भी आरोप लगाएं गये हैं, वे निराधार हैं और राजनीति से प्रेरित हैं, वे निर्दोष हैं।
चाक चौबंद थी सुरक्षा व्यवस्था

राहुल गांधी आज सुबह लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे, जहां से वे सड़क मार्ग से सुल्तानपुर के लिए रवाना हुए। एयरपोर्ट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। कोर्ट परिसर में उनकी पेशी के लिए सुरक्षा व्यवस्था अत्यधिक कड़ी रही। डॉग स्क्वायड ने पहले परिसर की तलाशी ली। जब राहुल गांधी कोर्ट में तब तक एक एएसपी, चार सीओ और भारी पुलिस बल वहां तैनात रहा। कोर्ट के बाहर ‘सत्यमेव जयते’ के पोस्टर भी लगाए गए थे, जो न्यायिक प्रक्रिया की निष्पक्षता पर जोर देते नजर आए।
2018 का है मामला
आपको बता दें कि, ये मामला वर्ष 2018 का है, जब कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान राहुल गांधी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस या सभा में अमित शाह पर कथित रूप से अपमानजनक टिप्पणी की थी। आरोप है कि, राहुल गांधी ने कहा था कि, जो पार्टी ईमानदारी की बात करती है, उसका अध्यक्ष हत्या का आरोपी है।
नेता विपक्ष श्री @RahulGandhi का लखनऊ एयरपोर्ट पर कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने आत्मीय स्वागत किया।
📍 उत्तर प्रदेश pic.twitter.com/LkJPPDP6ld
— UP Congress (@INCUttarPradesh) February 20, 2026
इस बयान को अमित शाह के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी मानते हुए सुल्तानपुर के पूर्व जिला सहकारी बैंक अध्यक्ष और भाजपा नेता विजय मिश्र ने अगस्त 2018 में दीवानी न्यायालय में उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा दायर करा दिया था। याचिका में दावा किया गया कि, राहुल गांधी की इस टिप्पणी से अमित शाह की छवि को ठेस पहुंची है।मामले की सुनवाई लंबे समय से चल रही है।
इसे भी पढ़ें- राहुल ने ट्रेड डील पर फिर साधा निशाना, कहा- सरकार ने छिपाई सच्चाई, गिरिराज सिंह ने किया पलटवार
CrPC की धारा 313 के तहत दर्ज हुआ बयान
इससे पहले 26 जुलाई 2024 को राहुल गांधी कोर्ट में पेश हुए थे, जहां उन्होंने अपना पहला बयान दर्ज कराया था और उन पर लगे आरोपों से इनकार करते हुए इसे राजनीतिक साजिश करार दिया था। इसके बाद कई सुनवाईयों में वे व्यक्तिगत रूप से अनुपस्थित रहे। 19 जनवरी 2026 को जब वे हाजिर नहीं हुए, तो अदालत ने उन्हें 20 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का अंतिम अवसर दिया था। कोर्ट ने स्पष्ट चेतावनी दी थी कि, इस तारीख पर बयान दर्ज नहीं होने पर सख्त कार्रवाई हो सकती है। आज राहुल गांधी ने इस आदेश का पालन करते हुए बयान दर्ज कराया। कोर्ट में CrPC की धारा 313 के तहत बयान दर्ज हुआ, जिसमें आरोपी से स्पष्टीकरण मांगा जाता है।
जमा हुआ सैकड़ों कार्यकर्ता

राहुल गांधी के वकील काशी प्रसाद शुक्ला ने पहले ही संकेत दिए थे कि, वे आज कोर्ट में पेश होंगे। राहुल के सुल्तानपुर आने की खबर मिलने के बाद सैकड़ों कांग्रेस नेता कोर्ट के बाहर एकत्र हो ये और उन्होंने कहा कि यह मुकदमा राजनीतिक प्रतिशोध का हिस्सा है, कांग्रेस न्यायपालिका का सम्मान करती है।
प्रमोद तिवारी ने आरोप लगाया कि, भाजपा झूठे मुकदमों से कांग्रेस नेताओं को फंसाने की कोशिश कर रही है। यह मामला राजनीतिक रूप से काफी संवेदनशील है, क्योंकि यह राहुल गांधी और अमित शाह जैसे प्रमुख नेताओं के बीच टकराव को दर्शाता है। 2018 के कर्नाटक चुनाव के दौरान राहुल गांधी की यह टिप्पणी सोशल मीडिया और राजनीतिक बहस का विषय बनी थी। भाजपा ने तब इसे गंभीर आरोप मानकर कांग्रेस पर हमला बोला था, जबकि कांग्रेस ने इसे चुनावी भाषण का हिस्सा बताया था।
सुल्तानपुर कोर्ट की यह सुनवाई अब आगे बढ़ेगी। अगली तारीख पर गवाहों की पेशी या अन्य प्रक्रिया हो सकती है। राहुल गांधी की पेशी के बाद वे दिल्ली लौट गए। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कोर्ट के बाहर नारेबाजी की और राहुल गांधी का समर्थन जताया।
इसे भी पढ़ें- फिर गरमाया सदन का तापमान, निशिकांत दुबे ने की राहुल गांधी की सदस्यता रद्द करने की मांग



