
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज एआई इंडिया इम्पैक्ट समिट के शुभारंभ से पहले कहा कि भारत विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और दुनिया जल्द ही देश की इस सामर्थ्य को देखेगी। इस बारे में एक्स पर पोस्ट करते हुए पीएम ने कहा कि 1.4 अरब भारतीयों की सामूहिक ताकत, मजबूत डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, फलते-फूलते स्टार्टअप इकोसिस्टम और अत्याधुनिक शोध के बल पर भारत कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) परिवर्तन की अग्रिम पंक्ति में खड़ा है।
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भारत मंडपम में शुरू हुआ आयोजन
यह ऐतिहासिक आयोजन आज से नई दिल्ली के भारत मंडपम में शुरू हो गया है, जहां दुनिया भर के प्रमुख टेक लीडर्स, नीति निर्माता, इनोवेटर्स और विशेषज्ञ एकत्र हुए हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने एआई इम्पैक्ट समिट के साथ आयोजित होने वाले ‘एआई इंडिया इम्पैक्ट एक्सपो’ का उद्घाटन शाम को किया। यह एक्सपो 16 से 20 फरवरी तक चलेगा और इसे एआई के व्यावहारिक उपयोगों का राष्ट्रीय प्रदर्शन माना जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने एक्स पर वैश्विक प्रतिनिधियों का स्वागत करते हुए लिखा, दुनिया को एक साथ लाकर एआई पर चर्चा! आज से भारत दिल्ली के भारत मंडपम में एआई इम्पैक्ट समिट की मेजबानी कर रहा है। दुनिया भर से लोगों का यहां आना हमारे लिए गर्व की बात है। यह हमारे देश के युवाओं की क्षमता को दर्शाता है। यह अवसर इस बात का प्रमाण है कि, हमारा देश विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और वैश्विक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है।
एआई परिवर्तन के फ्रंटलाइन पर है भारत
उन्होंने आगे कहा कि, 1.4 अरब भारतीयों की सामूहिक शक्ति के कारण भारत आज एआई परिवर्तन के फ्रंटलाइन पर है। डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (जैसे आधार, यूपीआई आदि), मजबूत स्टार्टअप इकोसिस्टम और विश्वस्तरीय शोध भारत की एआई प्रगति की मुख्य ताकत हैं। प्रधानमंत्री ने जोर दिया कि एआई में भारत की तेज प्रगति केवल महत्वाकांक्षा नहीं, बल्कि जिम्मेदारी का भी प्रतीक है। उन्होंने ‘सर्वजना हिताय, सर्वजना सुखाय’ (सभी के हित और सुख के लिए) के सिद्धांत पर जोर देते हुए कहा कि एआई का विकास मानव कल्याण, समावेशी विकास और पर्यावरण संरक्षण के लिए होना चाहिए।
क्यों जरूरी है एआई इम्पैक्ट समिट और एक्सपो
एआई इंडिया इम्पैक्ट समिट ग्लोबल साउथ में आयोजित पहला बड़ा अंतरराष्ट्रीय एआई समिट है, जिसका उद्देश्य समावेशी, जिम्मेदार और प्रभावशाली एआई भविष्य की दिशा तय करना है। यह ‘पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस’ (लोग, ग्रह और प्रगति) थीम पर आधारित है, जो एआई को मानवता के लिए लाभकारी बनाने पर फोकस करता है।
Bringing the world together to discuss AI!
Starting today, India hosts the AI Impact Summit at Bharat Mandapam in Delhi. I warmly welcome world leaders, captains of industry, innovators, policymakers, researchers and tech enthusiasts from across the world for this Summit. The…
— Narendra Modi (@narendramodi) February 16, 2026
समिट और एक्सपो 16 से 20 फरवरी तक चलेंगे। एक्सपो करीब 70,000 वर्ग मीटर क्षेत्र में फैला है और इसमें 10 से अधिक थीमेटिक एरिना हैं। यहां वैश्विक टेक कंपनियां, स्टार्टअप्स, शिक्षण संस्थान, शोध संगठन, केंद्रीय मंत्रालय, राज्य सरकारें और अंतरराष्ट्रीय साझेदार भाग ले रहे हैं। एक्सपो में 13 देशों के पवेलियन लगे हैं, जिनमें ऑस्ट्रेलिया, जापान, रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, नीदरलैंड, स्विट्जरलैंड, सर्बिया, एस्टोनिया, ताजिकिस्तान और कई अफ्रीकी देश शामिल हैं। ये पवेलियन एआई इकोसिस्टम में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को प्रदर्शित कर रहे हैं।
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3000 हज़ार से अधिक वक्ता होंगे शामिल
आयोजकों के अनुसार, एक्सपो में 300 से अधिक क्यूरेटेड प्रदर्शनी पवेलियन और लाइव डेमो होंगे। 600 से अधिक हाई-पोटेंशियल स्टार्टअप्स हिस्सा ले रहे हैं, जो जनसंख्या स्तर पर लागू होने वाले एआई समाधानों पर काम कर रहे हैं। इनमें स्वास्थ्य, कृषि, शिक्षा, सार्वजनिक सेवाएं और अन्य क्षेत्र शामिल हैं। पूरे आयोजन में 2.5 लाख से अधिक आगंतुकों के आने की उम्मीद है। 500 से ज्यादा सत्रों में 3,250 से अधिक वक्ता और पैनलिस्ट भाग लेंगे। ओपनएआई के सीईओ सैम ऑल्टमैन, गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई, एंथ्रोपिक के सीईओ डैरियो अमोडी और अन्य प्रमुख टेक लीडर्स भी मौजूद हैं। कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष और नीति निर्माता भी शामिल हो रहे हैं।
AI today is transforming several sectors, including healthcare, education, agriculture, governance and enterprise. The AI Impact Summit will enrich global discourse on diverse aspects of AI, such as innovation, collaboration, responsible use and more. I am confident that the…
— Narendra Modi (@narendramodi) February 16, 2026
Thanks to the 1.4 billion people of India, our nation stands at the forefront of the AI transformation. From digital public infrastructure to a vibrant StartUp ecosystem and cutting-edge research, our strides in AI reflect both ambition and responsibility.
— Narendra Modi (@narendramodi) February 16, 2026
इंडिया एआई मिशन की प्रमुख उपलब्धियां
यह समिट भारत सरकार के इंडिया एआई मिशन के तहत हो रहा है, जिसके तहत देश ने एआई इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए 10,372 करोड़ रुपये का निवेश किया है। मिशन के तहत 38,000 से अधिक जीपीयू शेयरड कंप्यूट के लिए उपलब्ध कराए गए हैं।समिट में इंडिया एआई मिशन के तहत 12 स्वदेशी फाउंडेशन मॉडल पेश किए जा रहे हैं। ये मॉडल भारतीय डेटा सेट्स पर प्रशिक्षित हैं और देश की 22 आधिकारिक भाषाओं के अनुरूप तैयार किए गए हैं। ये बड़े भाषा मॉडल (एलएलएम) और मल्टीमॉडल मॉडल हैं, जो भारत की भाषाई विविधता को ध्यान में रखते हुए विकसित किए गए हैं।
यह हमारे लिए अत्यंत गर्व की बात है कि India AI Impact Summit के लिए दुनियाभर से लोग भारत आ रहे हैं। इससे हमारे देश के युवाओं के सामर्थ्य का भी पता चलता है। यह अवसर इस बात का भी प्रमाण है कि हमारा देश विज्ञान और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है और वैश्विक विकास… pic.twitter.com/7gxXJEtpOz
— Narendra Modi (@narendramodi) February 16, 2026
वैश्विक नेता बन रहा भारत
विशेषज्ञों का मानना है कि, भारत का एआई बाजार 2027 तक 17 अरब डॉलर से अधिक का हो सकता है। यह समिट वैश्विक साझेदारी, नवाचार और तकनीकी नेतृत्व की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत न केवल एआई का उपभोक्ता है, बल्कि इसका निर्माता और वैश्विक नेता भी बन रहा है। युवाओं की क्षमता पर भरोसा जताते हुए उन्होंने कहा कि भारत के युवा नौकरी मांगने से आगे बढ़कर कल की क्षमताएं खुद बना रहे हैं।
यह आयोजन भारत को एआई गवर्नेंस, सहयोग और जिम्मेदार विकास में अग्रणी भूमिका निभाने का अवसर प्रदान कर रहा है। दुनिया भर से आए मेहमान भारत की डिजिटल क्रांति और एआई क्षमता को प्रत्यक्ष देख रहे हैं, जो देश की वैश्विक छवि को और मजबूत करेगा।
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