सीएम धामी ने लॉन्च किया TMS पोर्टल, क्षेत्रीय जरूरत के हिसाब से दी जाएगी ट्रेनिंग, रुकेगा पलायन

देहरादून। उत्तराखंड की पुष्कर सिंह धामी सरकार ने राज्य के निर्माण श्रमिकों के कौशल विकास और रोजगार सृजन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। मुख्यमंत्री धामी ने आज श्रमिक प्रशिक्षण प्रबंधन प्रणाली (Training Management System – TMS) नामक एक डिजिटल पोर्टल का शुभारंभ किया। यह पोर्टल उत्तराखण्ड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (UKBOCW) और श्रम विभाग द्वारा विकसित किया गया है।

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ट्रेनिंग में आएगी पारदर्शिता

इस पोर्टल का मुख्य उद्देश्य पंजीकृत श्रमिकों और उनके परिवार के सदस्यों को आधुनिक, गुणवत्तापूर्ण और पारदर्शी प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज 10 फरवरी को देहरादून में इस पोर्टल को लॉन्च करते हुए कहा कि, यह पहल श्रमिकों की ट्रेनिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही लाने के उद्देश्य से तैयार की गई है।

सीएम धामी

उन्होंने स्पष्ट किया कि, अब प्रशिक्षण से लेकर उपस्थिति, मूल्यांकन और प्रमाणन तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन और डिजिटल तरीके से होगी। इससे किसी भी प्रकार की गड़बड़ी, पक्षपात या फर्जीवाड़े की गुंजाइश समाप्त हो जाएगी। सीएम धामी ने कहा, हमारा लक्ष्य है कि, सही लोगों तक सही लाभ पहुंचे और श्रमिकों का हुनर मजबूत हो जिससे उन्हें बेहतर रोजगार मिले।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि प्रशिक्षण देकर श्रमिकों को अकेला न छोड़ा जाए। ट्रेनिंग के बाद उनकी रोजगार संबंधी जरूरतों पर भी फोकस किया जाए ताकि वे इस प्रशिक्षण का इस्तेमाल बेहतर तरीके से करके अपने जीवन स्तर को सुधार सकें।

पलायन पर लगेगा अंकुश

उन्होंने कहा कि, प्रशिक्षण कार्यक्रमों को बाजार की मांगों के साथ जोड़ना आवश्यक है। इसके लिए राज्य के उद्यमियों, उद्योगपतियों और विभिन्न क्षेत्रों से नियमित फीडबैक लिया जाएगा, ताकि ट्रेनिंग को व्यावहारिक और रोजगारोन्मुख बनाया जा सके। उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में कौशल की मांग अलग-अलग है। पहाड़ी इलाकों में प्लंबर, इलेक्ट्रीशियन, कारपेंटर और मेसन की जरूरत ज्यादा है, जबकि मैदानी क्षेत्रों में अन्य स्किल्स की मांग हो सकती है। मुख्यमंत्री ने जोर दिया कि प्रशिक्षण क्षेत्रीय आवश्यकताओं के अनुसार दिया जाए। इससे स्थानीय श्रमिकों को अपने ही इलाके में काम मिलेगा और पलायन की समस्या पर भी अंकुश लगेगा।

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खत्म  होगी बिचौलियों की भूमिका

कार्यक्रम में सीएम धामी ने श्रम विभाग द्वारा चलाई जा रही डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) योजनाओं की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि DBT से लाभ सीधे श्रमिकों के बैंक खाते में पहुंच रहा है, जिससे भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका खत्म होगी। साथ ही उन्होंने UKBOCW को अपनी आय बढ़ाने के नए स्रोत तलाशने के निर्देश दिए ताकि भविष्य में श्रमिक कल्याण की और अधिक योजनाएं चलाई जा सकें।

श्रम विभाग के सचिव डॉ. श्रीधर बाबू अद्दंकी ने बताया कि, TMS पोर्टल को मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार पूरी तरह पारदर्शी और परिणाम-उन्मुख बनाया गया है। इस पोर्टल के माध्यम से प्रशिक्षण देने वाली संस्थाएं, प्रशिक्षक और मूल्यांकनकर्ता केवल भारत सरकार द्वारा इम्पैनल्ड और प्रमाणित संस्थाओं में से ही चुने जाएंगे। चयन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी, जिससे किसी भी तरह की अनियमितता पर रोक लगेगी। श्रमायुक्त पी.सी. दुमका ने पोर्टल की कार्यप्रणाली पर विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि TMS से ट्रेनिंग प्रोग्राम में पूर्ण पारदर्शिता आएगी।

तय होगी अधिकारियों की जवाबदेही

फर्जी नामांकन, डुप्लीकेसी और कम गुणवत्ता वाली ट्रेनिंग पर अंकुश लगेगा। प्रशिक्षण की गुणवत्ता में सुधार होगा और प्रशिक्षित श्रमिकों का एक केंद्रीकृत डेटाबेस तैयार होगा। इससे श्रमिकों की स्किल ट्रैकिंग आसान होगी और अधिकारियों की जवाबदेही भी सुनिश्चित होगी।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, श्रम विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी और UKBOCW के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कार्यक्रम के दौरान श्रमिक कल्याण बोर्ड की विभिन्न योजनाओं पर भी चर्चा हुई, जिसमें DBT के माध्यम से हाल ही में 24 करोड़ 85 लाख रुपये से अधिक की राशि श्रमिकों के खातों में ट्रांसफर की गई। यह पोर्टल उत्तराखंड के लाखों निर्माण श्रमिकों के लिए एक नई उम्मीद है।

कुशल श्रमिकों की कमी बनी चुनौती

आपको बता दें कि, राज्य में निर्माण क्षेत्र तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन कुशल श्रमिकों की कमी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। TMS पोर्टल से न केवल श्रमिकों का कौशल विकास होगा, बल्कि उन्हें बेहतर मजदूरी, स्थिर रोजगार और सम्मानजनक जीवन मिलेगा। मुख्यमंत्री धामी की इस पहल को राज्य सरकार की ‘आत्मनिर्भर उत्तराखंड’ और ‘विकसित भारत’ की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। ये पोर्टल श्रमिकों के  जीवन स्तर को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाएगा।

 

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