संत परंपरा राष्ट्र चेतना की आधारशिला, सनातन मूल्य सदैव प्रासंगिक: मुख्यमंत्री धामी

भारत माता मंदिर की स्थापना कर उन्होंने राष्ट्रभक्ति और सनातन मूल्यों को जनमानस तक पहुंचाया, जो आज भी करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का केन्द्र है।

हरिद्वार (उत्तराखंड)। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि संत परंपरा भारतीय सभ्यता की आत्मा और राष्ट्र चेतना की मूल आधारशिला है। हरिद्वार के सप्तऋषि आश्रम मैदान में मां गंगा के पावन तट पर आयोजित विराट संत सम्मेलन में उन्होंने कहा कि संत समाज ने सदैव भारत को सांस्कृतिक, सामाजिक और राष्ट्रीय रूप से एक सूत्र में पिरोने का कार्य किया है। मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि ब्रह्मगिरी महाराज का जीवन इस बात का सशक्त उदाहरण है कि आध्यात्म केवल साधना तक सीमित नहीं होता, बल्कि जब वह सेवा और करुणा से जुड़ता है, तो समाज को दिशा देता है।

भारत माता मंदिर की स्थापना कर उन्होंने राष्ट्रभक्ति और सनातन मूल्यों को जनमानस तक पहुंचाया, जो आज भी करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का केन्द्र है। वर्ष 1998 के कुंभ मेले में आचार्य महामंडलेश्वर बनाये जाने के बाद उन्होंने व्यापक स्तर पर नागा साधु परंपरा को सुदृढ़ किया और लाखों साधुओं को दीक्षा प्रदान की। मुख्यमंत्री ने कहा कि ब्रह्मगिरी महाराज की प्रतिमा स्थापना भावी पीढ़ी को आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने का माध्यम बनेगी। परंपरा किसी एक संप्रदाय या वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि वसुधैव कुटुंबकम के भाव के साथ सम्पूर्ण मानवता को जोड़ती है।

सनातन धर्म शाश्वत है, समय के साथ स्वयं को सुदृढ़ करता है और किसी भी परिस्थिति में अपनी प्रासंगिकता नहीं खोता। राज्य सरकार की नीतियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि उत्तराखंड में सामाजिक समरसता और कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए धर्मांतरण विरोधी कानून, सख्त दंगारोधी कानून तथा विभिन्न प्रकार की कट्टर और विघटनकारी मानसिकताओं के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की गई है। समान नागरिक संहिता लागू कर राज्य ने समान अधिकार और समान कर्तव्यों की दिशा में ऐतिहासिक पहल की है। वहीं, नकल विरोधी कानून से युवाओं के भविष्य को सुरक्षित किया गया है, जिसके चलते अब तक 28 हजार से अधिक युवाओं को पारदर्शी ढंग से सरकारी सेवाओं में अवसर मिला है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश सांस्कृतिक पुनर्जागरण के एक नए युग से गुजर रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण और बद्रीनाथ धाम मास्टर प्लान जैसे कार्य भारत की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत को वैश्विक पहचान दिला रहे हैं। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि हरिद्वार स्थित भारत माता मंदिर राष्ट्र की चेतना का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2027 में प्रस्तावित कुंभ मेले की तैयारियां प्रारंभ हो चुकी हैं और ब्रह्मगिरी महाराज का जीवन निरंतर साधना, सेवा और सद्कर्म का प्रेरक उदाहरण रहा है।जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने कहा कि बीते एक दशक में भारत ने अभूतपूर्व प्रगति की है और आज विश्व की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हो चुका है। उन्होंने कहा कि अवसंरचना विकास और युवा शक्ति के सामूहिक प्रयास देश को विकसित भारत के लक्ष्य की ओर अग्रसर कर रहे हैं। संत समाज भारतीय संस्कृति की रक्षा के साथ-साथ राष्ट्रीय एकता को मजबूत कर रहा है।

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