यूपी बजट सत्र शुरू, राज्यपाल के अभिभाषण में विपक्ष का हंगामा, वित्त मंत्री ने पेश किया आर्थिक सर्वेक्षण

लखनऊ। उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र आज से शुरू हो गया। सत्र के पहले ही दिन विपक्ष ने जमकर हंगामा काटा। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण के दौरान विपक्षी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी (एसपी) के विधायकों ने जबर्दस्त नारेबाजी और शोर-शराबा किया। अभिभाषण के तुरंत बाद वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने राज्य का आर्थिक सर्वेक्षण पेश किया।

पहली बार ऐसा हुआ है जब किसी राज्य की सरकार ने इस तरह से अपनी आर्थिक उपलब्धियों को सदन के समक्ष पेश किया है। हंगामे की वजह से सदन मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। सत्र की शुरुआत से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पत्रकारों से बातचीत की।

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राज्यपाल ने गिनाईं सरकार की उपलब्धियां

सीएम योगी ने कहा कि यह सरकार का 10वां बजट सत्र है, जो 9 से 20 फरवरी तक चलेगा। उन्होंने सदस्यों से अपील की, कि विधानमंडल लोकतंत्र का महत्वपूर्ण आधार स्तंभ है। मुद्दे उठाने हैं, लेकिन संवाद से उठाएं, शोर शराबा करके सदन की कार्यवाही बाधित न करें।

उन्होंने कहा, “सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। पिछले नौ सालों में विधानसभा में कार्यवाही के नए कीर्तिमान स्थापित हुए हैं। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने संयुक्त सदन (विधानसभा और विधान परिषद) को संबोधित करते हुए योगी सरकार की प्रमुख उपलब्धियां गिनाईं। अभिभाषण में उन्होंने प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर जीरो टॉलरेंस नीति का जिक्र किया।

माफियाओं के खिलाफ हुई कार्रवाई

राज्यपाल ने कहा, नवंबर 2019 से अब तक माफियाओं के खिलाफ की गई प्रभावी कार्रवाई में 35 माफिया और 94 सह-अपराधियों को सजा दिलाई जा चुकी है। इसमें भी 129 को उम्र कैद या अन्य सजाएं हुई हैं। दो को मृत्युदंड मिला, जबकि 2017 से अब तक 267 अपराधी मुठभेड़ में मारे गए है और 977 को रासुका के तहत निरुद्ध किया गया। माफिया से 4,137 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध संपत्ति जब्त की गई।

शिक्षा क्षेत्र में सरकार की उपलब्धियां भी प्रमुखता से उल्लेखित हुईं। सभी 75 जिलों में दो-दो मुख्यमंत्री मॉडल कम्पोजिट विद्यालय और एक-एक अभ्युदय विद्यालय विकसित किए जा रहे हैं। 2022-23 से 2024-25 तक परिषदीय स्कूलों में 2.61 लाख से अधिक टैबलेट वितरित किए गए। 2025-26 में दुर्बल वर्ग के 1.40 लाख से अधिक बच्चों को निजी स्कूलों में निःशुल्क प्रवेश दिलाया गया।

‘एक जिला-एक व्यंजन’ योजना का शुभारंभ

प्रोजेक्ट अलंकार के तहत 275 करोड़ से 590 सरकारी सहायता प्राप्त विद्यालयों का नवीनीकरण किया गया। राज्यपाल ने कहा कि प्रदेश अब ‘बीमारू’ राज्य नहीं रहा, बल्कि आर्थिक रूप से मजबूत हो रहा है। छह करोड़ लोगों को गरीबी से बाहर निकाला गया। ‘विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश @2047 ‘ विजन डॉक्यूमेंट पर विधानमंडल में उपयोगी चर्चा हुई।

अहिल्याबाई होल्कर की त्रिशताब्दी समारोह, उत्तर प्रदेश दिवस पर सरदार पटेल इम्प्लॉयमेंट जोन और ‘एक जिला-एक व्यंजन’ योजना का शुभारंभ हुआ। प्रयागराज में 2025 में आयोजित हुए महाकुंभ में 66 करोड़ से अधिक और 2026 माघ मेला में 21 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र संगम में स्नान किया।

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पहली बार पेश हुआ आर्थिक सर्वेक्षण

आर्थिक सर्वेक्षण पेश करते हुए वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने कहा कि उत्तर प्रदेश का राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में योगदान अब 9% से अधिक हो गया है, जो 2016-17 में लगभग 8% था। चालू वित्त वर्ष में प्रति व्यक्ति आय 1.20 लाख रुपये होने की संभावना है। सीएम योगी ने इसे ऐतिहासिक कदम बताया, क्योंकि पहली बार कोई राज्य सरकार अपनी आर्थिक उपलब्धियां इस तरह सदन में रख रही है। सर्वे में प्रति व्यक्ति आय वृद्धि, रोजगार सृजन, राजस्व सरप्लस और वित्तीय प्रबंधन की सुधार पर जोर दिया गया।

विपक्ष ने लगाए गो बैक के नारे

हालांकि, विपक्ष ने राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान जमकर हंगामा किया। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के विधायकों ने “गवर्नर गो बैक” और अन्य नारे लगाए, प्लेकार्ड दिखाए। अभिभाषण से पहले सपा विधायकों ने विधानसभा के मुख्य द्वार पर चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के सामने धरना दिया। एमएलसी आशुतोष सिन्हा साइकिल से पहुंचे, जिसके आगे अहिल्याबाई होल्कर की तस्वीर लगी थी।

यूपी बजट सत्र

उन्होंने कहना है कि सरकार सदन में “झूठ का पुलिंदा” पेश करेगी। एसपी विधायक राकेश वर्मा ने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी, किसानों को सही मूल्य न मिलना, स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली और कानून-व्यवस्था पर सरकार नाकाम है। अहिल्याबाई होल्कर की मूर्तियां तोड़ने का मुद्दा भी उठाया। विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने विपक्ष के सवाल पर कहा कि आर्थिक सर्वेक्षण पर निश्चित रूप से चर्चा होगी। सदन मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित किया गया।

11 को पेश होगा बजट

रिपोर्ट की मानें तो, सर्वदलीय बैठक में विपक्ष ने हंगामा न करने का आश्वासन दिया था, लेकिन अभिभाषण के दौरान ही विरोध प्रदर्शन, नारेबाजी और हंगामा हुआ। 11 फरवरी को वित्त मंत्री 2026-27 का बजट पेश करेंगे, जो 9 लाख करोड़ से अधिक का होने का अनुमान है। सत्र में पूर्वांचल-बुंदेलखंड विकास, इंफ्रास्ट्रक्चर, महिला-युवा कल्याण और सामाजिक सुरक्षा पर फोकस रहेगा।

विपक्ष के हंगामे से महत्वपूर्ण चर्चाएं प्रभावित हो रही हैं, लेकिन सरकार का दावा है कि विकास और संवाद से प्रदेश आगे बढ़ेगा।  सदन शुरू होने से पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मीडिया से बात की और विपक्ष से सदन को सुचारू रूप से चलाने की अपील की। उन्होंने कहा, सरकार हर मुद्दे पर चर्चा करने को तत्पर है, संवाद से हर समस्या का समाधान होता है। मुद्दा उठाना है तो उठाइए, लेकिन कार्यवाही बाधित करने की बजाय स्वस्थ संवाद कीजिये।

 

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