
लखनऊ। उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने आज बजट सत्र की शुरुआत से ठीक पहले विधान भवन परिसर में एक विशेष स्वास्थ्य शिविर का उद्घाटन किया। यह शिविर विधानसभा और विधान परिषद के सभी सदस्यों के स्वास्थ्य परीक्षण के लिए स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा आयोजित किया गया है। शिविर में किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के अनुभवी चिकित्सकों की टीम द्वारा जांच की जा रही है। उद्घाटन के अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना स्वास्थ्य परीक्षण कराया।
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तनावमुक्त जीवन जीने की सलाह

चिकित्सा शिविर के उद्घाटन के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा, “स्वस्थ दिनचर्या हर नागरिक का अधिकार है। सरकार इस दिशा में पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्यरत है। उन्होंने कहा, बजट सत्र की व्यस्तता और तनावपूर्ण माहौल के बीच खुद के स्वास्थ्य का ध्यान रखना आवश्यक है। उन्होंने सलाह दी कि, हर किसी को जीवन में आने वाले उतार चढ़ाव के बीच तनावमुक्त रहकर उन्मुक्त वातावरण में दिनचर्या अपनानी चाहिए। उन्होंने कहा, तनावमुक्त जीवन से रोग खुद ब खुद दूर भाग जाते हैं।
शिविर का लाभ लेने की अपील
सीएम ने कहा कि हर व्यक्ति की बात महत्वपूर्ण होती है। नेता विकास, डॉक्टर स्वास्थ्य और जो जिस व्यक्ति क्षेत्र का विशेषज्ञ है, वह उस विषय की बात करेगा, तो इसका प्रभाव आमजन मानस पर अधिक पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने सभी सदस्यों से शिविर का लाभ लेने की अपील की। बता दें कि, ये शिविर न केवल सदस्यों बल्कि विधान भवन में कार्यरत कर्मचारियों और वहां आने वाले हर सदस्य के लिए भी खुला रहेगा। उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने शिविर की व्यवस्था के लिए सभी का आभार व्यक्त किया।
उत्तर प्रदेश विधान मंडल के बजट सत्र 2026-27 के अवसर पर आज मुख्यमंत्री @myogiadityanath जी ने विधान भवन परिसर में माननीय सदस्यों के लिए आयोजित ‘विशेष स्वास्थ्य शिविर’ का उद्घाटन किया।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने मीडिया के माध्यम से सभी सदस्यों से सदन की गरिमा बनाए रखते हुए… pic.twitter.com/3g8BFQE1DM
— CM Office, GoUP (@CMOfficeUP) February 9, 2026
9 से 20 फरवरी तक चलेगा शिविर
उन्होंने कहा कि यह पहल विधायकों और जनप्रतिनिधियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने का प्रतीक है। केजीएमयू और अन्य चिकित्सा संस्थानों के सहयोग से शिविर में ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, कोलेस्ट्रॉल, बॉडी मास इंडेक्स, आंखों की जांच, ईसीजी और अन्य आवश्यक टेस्ट उपलब्ध हैं। यह स्वास्थ्य शिविर बजट सत्र के दौरान, 9 फरवरी से 20 फरवरी तक चलेगा। सरकार का मानना है कि स्वस्थ और ऊर्जावान विधायक ही बेहतर कानून, नीतियां और निर्णय ले सकते हैं।
जनप्रतिनिधियों ने की सराहना
मुख्यमंत्री की यह पहल ‘स्वास्थ्य पहले’ की नीति को मजबूत करती है, जो प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना, मिशन इंद्रधनुष और अन्य स्वास्थ्य कार्यक्रमों से जुड़ी हुई है। मौके पर मौजूद जनप्रतिनिधियों ने मुख्यमंत्री की इस संवेदनशील पहल की सराहना की। यह कदम न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक स्वास्थ्य पर भी फोकस करता है, क्योंकि सीएम ने तनाव प्रबंधन और संतुलित जीवनशैली पर विशेष जोर दिया। बजट सत्र के बीच यह स्वास्थ्य शिविर विधानमंडल की कार्यवाही को स्वस्थ और उत्पादक बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, विधान परिषद सभापति कुंवर मानवेंद्र सिंह, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक, कैबिनेट मंत्री सुरेश खन्ना, स्वतंत्र देव सिंह, राकेश सचान, उद्यान मंत्री दिनेश प्रताप सिंह, राज्यमंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह, बलदेव सिंह औलख सहित कई अन्य मंत्रियों और जनप्रतिनिधियों ने भी जांच कराई। केजीएमयू की कुलपति प्रो. सोनिया नित्यानंद और एसजीपीजीआई के निदेशक आरके धीमन भी मौजूद रहे। वहां मौजूद उप मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री ब्रजेश पाठक ने सभी का आभार जताया।
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