Urine Leak Problem: खांसते या छींकते समय निकल जाता है पेशाब, घबराएं नहीं…, करें ये उपाय, जल्द मिलेगी राहत

कुछ कई महिलाओं को खांसते या छींकते समय यूरिन लीक होने की समस्या होती है। इस समस्या के पीछे कई कारण हैं, जिनमें सबसे बड़ा कारण होता हर डिलीवरी के साथ महिला की पेल्विक मसल्स धीरे-धीरे कमजोर और ढीली होना। एक्सपर्ट्स का कहना है कि, महिलाओं को कई हेल्थ प्रॉब्लम्स का सामना करना पड़ता है, जिसमें खांसते या छींकते समय यूरिन लीक होना भी शामिल है। इस स्थिति में, महिलाएं चाहकर भी अपने यूरिनेशन को कंट्रोल नहीं कर पाती हैं, जिससे उन्हें परेशानी और शर्मिंदगी होती है।

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हेल्थ चिकित्सक कहते हैं कि, 40 की उम्र के बाद महिलाओं में खांसते या छींकते समय यूरिन लीक होने के पीछे कई कारण होते हैं। जैसे-जैसे महिलाओं की उम्र बढ़ती है, पेल्विक मसल्स धीरे-धीरे कमजोर होती जाती है। इसके अलावा, यह समस्या तब भी हो सकती है जब डिलीवरी बिना डॉक्टर की सलाह के या घर पर हो या मेनोपॉज आदि। आइए विस्तार समझते हैं इस समस्या को और कैसे इससे राहत पाई जा सकती है।

तनावजन्य मूत्र असंयम क्या है

Urine Leak Problem

तनावजन्य मूत्र असंयम तब होता है जब पेट या मूत्राशय पर अचानक दबाव पड़ने से मूत्र रिसाव हो जाता है। यह दबाव खांसने, छींकने, हंसने, भारी सामान उठाने, दौड़ने, कूदने या व्यायाम करने से आता है। इसमें मूत्राशय पूरी तरह भरने की जरूरत नहीं पड़ती, बस थोड़ा-सा दबाव पड़ते ही यूरिन पास हो जाती है। यह समस्या मुख्य रूप से पेल्विक फ्लोर मसल्स (पेल्विक तल की मांसपेशियां) के कमजोर होने से होती है। ये मांसपेशियां मूत्राशय, गर्भाशय और मलाशय को सहारा देती हैं और मूत्रमार्ग को बंद रखती हैं। जब ये कमजोर हो जाती हैं, तो दबाव पड़ने पर मूत्र लीक हो जाता है।

क्या है कारण
 गर्भावस्था और प्रसव

गर्भावस्था में बच्चे का वजन और हार्मोनल बदलाव पेल्विक मसल्स को कमजोर करते हैं। नॉर्मल डिलीवरी में मसल्स और नसों पर ज्यादा दबाव पड़ता है, जिससे पेशाब लीक होने की समस्या बढ़ जाती है।

मेनोपॉज

एस्ट्रोजन हार्मोन कम होने से मसल्स और ऊतक कमजोर हो जाते हैं, जिससे जरा सा भी दबाव पड़ने पर पेशाब हो जाती है।

मोटापा

अतिरिक्त वजन से पेल्विक क्षेत्र पर लगातार दबाव रहता है। ये भी पेशाब लीक होने की मुख्य वजह बनता है।

क्रॉनिक कफ या कब्ज

लगातार खांसने या जोर लगाकर पॉटी करने से भी मसल्स और कमजोर हो जाती है और ये समस्या आने लगती  है।

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 लक्षण कैसे पहचानें?

खांसते, छींकते, हंसते या भारी सामान उठाते समय कुछ बूंदें या थोड़ा यूरिन लीक होना। हल्का या मध्यम स्तर का रिसाव, जो आमतौर पर ज्यादा मात्रा में नहीं होता। कई महिलाएं इसे छोटी समस्या समझकर नजरअंदाज कर देती हैं, लेकिन समय के साथ यह बढ़ सकती है। ऐसे में इसका समय रहते इलाज शुरू कर देना चाहिए।

एक्सपर्ट्स कहते हैं कि, 70-80% मामलों में सर्जरी के बिना ही सुधार होने लगता है, लेकिन कुछ मामलों में सर्जरी की जरूरत पड़ सकती है। कई बार व्यायाम करके भी इसे ठीक किया जा सकता है।

 मुख्य उपचार

केगेल व्यायाम:  यह सबसे प्रभावी और पहला उपचार है। केगेल व्यायाम पेल्विक फ्लोर मसल्स को मजबूत करते हैं। इसे करने के लिए सबसे पहले मसल्स को पहचानें और फिर पेशाब रोकने की कोशिश करें (बिना पेशाब किए)। वही मसल्स हैं। बैठकर या लेटकर 3-5 सेकंड तक सिकोड़ें, फिर 3-5 सेकंड रिलैक्स करें। 10-15 बार दोहराएं, दिन में 3-4 बार ऐसा करें। शॉर्ट स्क्वीज (तेज सिकोड़ना) और लॉन्ग होल्ड (10 सेकंड तक) दोनों करें। 4-6 हफ्तों में सुधार दिखने लगेगा, लेकिन इसे छोड़े नहीं, नियमित रूप से करें।

लाइफस्टाइल बदलाव

वजन कम करें, मोटापा कम होने से दबाव घटता है। कैफीन, शराब, कार्बोनेटेड ड्रिंक्स और एसिडिक फूड्स कम करें, जो ब्लैडर को इरिटेट करते हैं। धूम्रपान न करें क्योंकि इससे कफ बनता है, जो मसल्स पर दबाव डालता है। फाइबर युक्त आहार लें, ताकि कब्ज न बने।

 व्यायाम

Urine Leak Problem

“द नैक” तकनीक: छींकने या खांसने से पहले पेल्विक मसल्स सिकोड़ें। इसके अलावा पिलाटेस या योग (जैसे ब्रिज पोज, चाइल्ड पोज) करें। इससे भी पेल्विक कोर मजबूत होती है। अगर समस्या ज्यादा है, तो हाई-इम्पैक्ट एक्सरसाइज (जंपिंग) कम करें।

मेडिकल उपचार

अगर व्यायाम से फायदा न हो तो फिजियोथेरेपी या बायोफीडबैक कर सकते हैं। दवाएं (एस्ट्रोजन क्रीम मेनोपॉज में) पेसरी (एक डिवाइस जो सपोर्ट देती है) ले सकती हैं, लेकिन कई बार गंभीर मामलों में सर्जरी भी करनी पड़ सकती है।

रोकथाम के उपाय

गर्भावस्था के दौरान और बाद में केगेल व्यायाम शुरू करें। स्वस्थ वजन बनाए रखें। भारी वजन उठाते समय पेल्विक मसल्स सिकोड़ें।
नियमित व्यायाम करें, लेकिन हाई-इम्पैक्ट से बचें अगर समस्या है

डॉक्टर से बात करें

यह समस्या न सिर्फ जीवनशैली को प्रभावित करती है, बल्कि कई बार शर्मिंदगी भी उठानी पड़ती है, लेकिन सही दृष्टिकोण से इसे नियंत्रित किया जा सकता है। अगर समस्या बढ़ रही है, दर्द/संक्रमण है, तो बिना समय गवाएं यूरोगायनेकोलॉजिस्ट या यूरोलॉजिस्ट से मिले परामर्श लें। स्वस्थ पेल्विक फ्लोर से न सिर्फ यूरिन कंट्रोल बेहतर होता है, बल्कि सेक्सुअल हेल्थ और कोर स्ट्रेंथ भी मजबूत रहती है।

 

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