गोभी ही नहीं, इन चीजों से भी हो सकता है ‘दिमाग का कीड़ा’, एम्स की न्यूरोलॉजिस्ट ने किया अलर्ट, बताए गंभीर लक्षण

नई दिल्ली। अक्सर लोगों के बीच यह धारणा रहती है कि पत्तागोभी खाने से दिमाग में कीड़े चले जाते हैं और इससे इंसान पागल हो सकता है या जान तक जा सकती है। लेकिन क्या यह सच है? इस सवाल पर एम्स की न्यूरोलॉजिस्ट ने बड़ी और जरूरी जानकारी साझा करते हुए लोगों को सतर्क किया है।

क्या सच में गोभी से दिमाग में चला जाता है कीड़ा?
डॉक्टरों के मुताबिक, पत्तागोभी खेतों में उगती है, जहां मिट्टी और नमी के कारण इसमें कीड़े आसानी से पनप सकते हैं। इसकी परतदार पत्तियों के अंदर छोटे कीड़े या उनके अंडे छिपे रह सकते हैं। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि गोभी खाने से सीधे कीड़े दिमाग में पहुंच जाते हैं। असल खतरा कुछ खास परिस्थितियों और खानपान की गलत आदतों से होता है।

दिमाग का कीड़ा क्या है, डॉक्टर ने आसान भाषा में समझाया
एम्स की न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. प्रियंका शेहरावत के अनुसार, दिमाग के कीड़े को मेडिकल भाषा में न्यूरोसिस्टीसरकोसिस कहा जाता है। इसमें ‘न्यूरो’ यानी दिमाग, ‘सिस्टी’ यानी सिस्ट और ‘सरकोसिस’ उस कीड़े के लिए इस्तेमाल होता है, जिसका नाम टीनिया सोलियम (Taenia Solium) है। यह कोई ऐसा कीड़ा नहीं है जो दिमाग में रेंगता रहता है, बल्कि इसके अंडे शरीर में पहुंचकर सिस्ट बना लेते हैं।

कहां-कहां से शरीर में जाते हैं कीड़े के अंडे
डॉक्टर के मुताबिक, टीनिया सोलियम के अंडे मिट्टी, गंदी या ठीक से न धोई गई सब्जियों, अधपके मांस और खासतौर पर पोर्क में पाए जाते हैं। जब इंसान इन्हें खा लेता है, तो पेट का एसिड इन अंडों को खत्म नहीं कर पाता। इसके बाद ये अंडे खून के जरिए दिमाग, आंखों, लिवर, फेफड़ों और मांसपेशियों तक पहुंच सकते हैं। दिमाग में पहुंचने पर शरीर की प्रतिक्रिया से सूजन हो जाती है।

दिमाग में कीड़ा जाने के प्रमुख लक्षण
दिमाग में सूजन आने से तेज सिरदर्द, बार-बार उल्टी, चक्कर आना और दौरे पड़ने लगते हैं। भारत में बच्चों में दौरे आने का सबसे बड़ा कारण न्यूरोसिस्टीसरकोसिस माना जाता है। हालांकि, यह बीमारी किसी भी उम्र के व्यक्ति को हो सकती है। राहत की बात यह है कि करीब 98 प्रतिशत मरीज दवाओं से ठीक हो जाते हैं और सिर्फ 2 प्रतिशत मामलों में सर्जरी की जरूरत पड़ती है।

दिमाग के कीड़े से कैसे करें बचाव
विशेषज्ञों का कहना है कि कच्चा या अधपका मांस और पोर्क खाने से पूरी तरह परहेज करें। सब्जियों को हमेशा बहते पानी में अच्छी तरह धोएं और धोने के बाद उन्हें पूरी तरह सूखने दें, क्योंकि नमी में भी कीड़े पनप सकते हैं। सब्जियों को मीडियम आंच पर अच्छी तरह पकाएं, ताकि कीड़े के अंडे नष्ट हो जाएं। कच्ची सब्जियों, सलाद और गंदी चीजों के सेवन से बचना ही सबसे सुरक्षित उपाय है।

 

Related Articles

Back to top button