
नई दिल्ली। देश की राजधानी में आज एक बड़ा कूटनीतिक आयोजन शुरू हो गया है। यहां भारत मंडपम में भारत की मेजबानी में 18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन शुरू हुआ है। इस सम्मेलन में रूस, चीन और ईरान समेत दुनिया के सदस्य और साझेदार देशों के दर्जन भर से अधिक शीर्ष नेता शामिल हो रहे हैं। सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई देशों के प्रमुखों के साथ द्विपक्षीय बातचीत की, वहीं सात साल बाद भारत पहुंचे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ उनकी बैठक पर सबकी नजरें टिकी हैं।
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वैश्विक और क्षेत्रीय मुद्दों साझा होंगे विचार
भारत की अध्यक्षता में इस वर्ष अब तक देश के 25 से अधिक शहरों में 350 से ज्यादा बैठकें और उच्चस्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जा चुके हैं। इन बैठकों के माध्यम से ब्रिक्स की रणनीतिक साझेदारी को राजनीतिक-सुरक्षा, आर्थिक-वित्तीय और सांस्कृतिक-जनसंपर्क जैसे तीन प्रमुख क्षेत्रों में आगे बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया है। शिखर सम्मेलन के दौरान व्यावहारिक और विकासोन्मुखी नतीजों के साथ सहयोग को आगे बढ़ाने पर फोकस रहने की उम्मीद है।
कई देशों के प्रमुखों से मिले पीएम मोदी
सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई देशों के शीर्ष नेताओं के साथ द्विपक्षीय बातचीत की। उन्होंने नई दिल्ली स्थित हैदराबाद हाउस में मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के साथ बैठक कर दोनों देशों के बीच रिश्तों को और मजबूत करने और अहम क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के उपायों पर विचार-विमर्श किया। इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने इथियोपिया के प्रधानमंत्री अबिय अहमद के साथ भी द्विपक्षीय बैठक की।
वियतनाम के प्रधानमंत्री ले मिन्ह हंग भी शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दिल्ली पहुंच चुके हैं। प्रधानमंत्री मोदी आज इथियोपिया, मलेशिया और वियतनाम के प्रधानमंत्रियों के अलावा अबू धाबी के क्राउन प्रिंस से भी मुलाकात करेंगे। इसके साथ ही शाम करीब पौने छह बजे भारत मंडपम में चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से उनकी अहम मुलाकात प्रस्तावित है।
7 साल बाद भारत आएंगे शी जिनपिंग
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग बीजिंग से भारत रवाना हो चुके हैं। करीब सात साल बाद वे भारत यात्रा पर आ रहे हैं। वह नई दिल्ली में आयोजित 18वें ब्रिक्स नेताओं के शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने पहुंच रहे हैं। बताया जा रहा है कि, प्रधानमंत्री मोदी और राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच होने वाली आमने-सामने की बैठक इस सम्मेलन की सबसे महत्वपूर्ण बैठकों में से एक मानी जा रही है। इस बातचीत में भारत-चीन संबंधों को स्थिर करने, वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर सीमा विवाद और दोनों देशों के बीच बड़े व्यापार घाटे जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम समेत कई बड़े नेता पहले ही नई दिल्ली पहुंच चुके हैं। शिखर सम्मेलन में कुल 12 राष्ट्राध्यक्ष या सरकार प्रमुख तथा 17 अन्य उच्चस्तरीय अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल शामिल हो रहे हैं। दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा, मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी और ब्राजील के विदेश मंत्री माउरो विएरा भी प्रमुख प्रतिनिधियों में शामिल हैं। प्रधानमंत्री मोदी इस सम्मेलन की मेजबानी करते हुए इससे इतर कम से कम 15 द्विपक्षीय बैठकें करेंगे।
ईरानी राष्ट्रपति का पहला आधिकारिक भारत दौरा
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान भी भारत दौरे पर हैं और मौजूदा वैश्विक तनाव के बीच उनकी इस यात्रा पर दुनिया भर की निगाहें टिकी हैं। राष्ट्रपति बनने के बाद यह पेजेशकियान का पहला आधिकारिक भारत दौरा है।
दक्षिण अफ्रीकी राष्ट्रपति की अडानी से मुलाकात
दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा ने दिल्ली में अडानी समूह के चेयरमैन गौतम अडानी से भी मुलाकात की। यह बैठक 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से इतर दक्षिण अफ्रीका के व्यापारिक जुड़ाव कार्यक्रम का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य दक्षिण अफ्रीका और भारत के बीच व्यापारिक और निवेश संबंधों को और सुदृढ़ करना है।
दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम
शिखर सम्मेलन के मद्देनजर राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से कड़ा किया गया है। भारत मंडपम पर बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैनात किया गया है और दिल्ली पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (सीएपीएफ) तथा एनएसजी कमांडो सहित करीब 25 हजार सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है। भारत मंडपम और हैदराबाद हाउस के बीच के मार्ग पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। वहीं विश्व नेताओं की आवाजाही के लिए चिन्हित 35 प्रमुख सड़कों पर भी कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई है।

12 सितंबर को सुबह साढ़े नौ बजे से रात साढ़े नौ बजे तक भारत मंडपम और प्रगति मैदान के आसपास 35 से अधिक सड़कों पर यातायात डायवर्जन लागू रहेगा। दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने इसके लिए 22 डायवर्जन प्वाइंट बनाए हैं, जहां सामान्य और व्यावसायिक वाहनों की आवाजाही पर पाबंदी रहेगी। पुलिस ने आम लोगों को सलाह दी है कि, अत्यावश्यक न होने पर इन मार्गों से बचें और वैकल्पिक रास्तों का प्रयोग करें।
आज का कार्यक्रम
ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की औपचारिक शुरुआत आज दोपहर दो बजे से होगी। इसके बाद समावेशी वैश्विक शासन व्यवस्था और बहुपक्षवाद को मजबूत करने से जुड़ा पहला सत्र आयोजित होगा। प्रधानमंत्री मोदी और ब्रिक्स नेता ‘इंडिया इनोवेट्स’ प्रदर्शनी का भी दौरा करेंगे, जिसके बाद नेताओं की सामूहिक तस्वीर और संयुक्त पौधारोपण कार्यक्रम होगा। शाम साढ़े सात बजे प्रधानमंत्री मोदी की मेजबानी में सभी नेताओं के लिए गाला डिनर आयोजित किया जाएगा।
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