नई दिल्ली में चौथा वैश्विक मंच: AI इम्पैक्ट समिट 2026 की मेजबानी करेगा भारत

देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर वैश्विक कूटनीति और तकनीकी नेतृत्व का केंद्र बनने जा रही है। 16 से 20 फ़रवरी 2026 तक राजधानी के प्रतिष्ठित कन्वेंशन सेंटर भारत मंडपम में आयोजित होने वाला AI इम्पैक्ट समिट 2026 दुनिया के सामने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य की नई दिशा तय करने का प्रयास करेगा।

देश की राजधानी दिल्ली एक बार फिर वैश्विक कूटनीति और तकनीकी नेतृत्व का केंद्र बनने जा रही है। 16 से 20 फ़रवरी 2026 तक राजधानी के प्रतिष्ठित कन्वेंशन सेंटर भारत मंडपम में आयोजित होने वाला AI इम्पैक्ट समिट 2026 दुनिया के सामने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के भविष्य की नई दिशा तय करने का प्रयास करेगा। भारत सरकार इस आयोजन को एक अहम वैश्विक मंच के रूप में प्रस्तुत कर रही है, जिसका उद्देश्य समावेशी, जिम्मेदार और प्रभावशाली एआई विकास को बढ़ावा देना है।

तीन वैश्विक समिट के बाद चौथा पड़ाव

अब तक दुनिया में तीन बड़े एआई समिट आयोजित हो चुके हैं:
2023 में यूके के ऐतिहासिक स्थल ब्लेचली पार्क में एआई सेफ्टी समिट आयोजित हुआ था।
इसके बाद दक्षिण कोरिया की राजधानी सोल में एआई सोल समिट आयोजित किया गया।
वर्ष 2025 में फ्रांस की राजधानी पेरिस में एआई एक्शन समिट संपन्न हुआ।
नई दिल्ली में होने वाला एआई इम्पैक्ट समिट इस श्रृंखला का चौथा और सबसे व्यापक मंच माना जा रहा है, जहां नीति, तकनीक और नैतिकता पर गहन चर्चा होगी।

समिट के तीन स्तंभ: पीपल, प्लैनेट और प्रोग्रेस

AI इम्पैक्ट समिट 2026 को तीन मुख्य स्तंभों पर आधारित किया गया है:

People (पीपल): AI का उपयोग आम नागरिकों के जीवन को बेहतर बनाने, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को सुलभ बनाने तथा डिजिटल समावेशन बढ़ाने के लिए।

Planet (प्लैनेट): जलवायु परिवर्तन, ऊर्जा प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण में एआई की भूमिका को मजबूती देना।

Progress (प्रोग्रेस): आर्थिक विकास, नवाचार और तकनीकी सहयोग के जरिए वैश्विक प्रगति को गति देना।
20 देशों के शीर्ष नेता शामिल होंगे।

आपको बता दें कि इस समिट में 20 देशों के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उपराष्ट्रपति हिस्सा लेंगे प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:

भूटान – शेरिंग टोबगे, प्रधानमंत्री
बोलिविया – एडमंडो लारा मोंटानो, उपराष्ट्रपति
ब्राज़ील – लुइज़ इनासियो लूला डा सिल्वा, राष्ट्रपति
क्रोएशिया – आंद्रेय प्लेंकोविच, प्रधानमंत्री
एस्टोनिया – अलार कारिस, राष्ट्रपति
फ़िनलैंड – पेट्टेरी ऑरपो, प्रधानमंत्री
फ़्रांस – इमैनुएल मैक्रों, राष्ट्रपति
ग्रीस – क्यिरियाकोस मित्सोटाकिस, प्रधानमंत्री
गुयाना – भरत जगदेव, उपराष्ट्रपति
कज़ाख़स्तान – ओल्झास बेक्टेनोव, प्रधानमंत्री
लिकटेंस्टाइन – प्रिंस एलोइस
मॉरीशस – डॉ. नवीनचंद्र रामगुलाम, प्रधानमंत्री
सर्बिया – अलेक्सांदर वुचिच, राष्ट्रपति
स्लोवाकिया – पीटर पेलेग्रिनी, राष्ट्रपति
स्पेन – पेद्रो सांचेज़
श्रीलंका – अनुरा कुमार दिसानायके, राष्ट्रपति
सेशेल्स – सेबास्टियन पिल्ले, उपराष्ट्रपति
स्विट्ज़रलैंड – गी पारमेलिन, राष्ट्रपति
नीदरलैंड्स – डिक स्कोफ़, प्रधानमंत्री
यूएई – शेख ख़ालिद बिन मोहम्मद बिन ज़ायेद अल नाहयान, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस
व्यापक वैश्विक भागीदारी

भारत के विदेश मंत्रालय के मुताबिक, 45 से अधिक देशों के मंत्रीस्तरीय प्रतिनिधिमंडल भी इस समिट में शामिल होंगे। साथ ही संयुक्त राष्ट्र के महासचिव और कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों के वरिष्ठ अधिकारी भी विचार-विमर्श में भाग लेंगे।

भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका

जी20 शिखर सम्मेलन की सफल मेजबानी के बाद भारत एक बार फिर यह संदेश देना चाहता है कि वह उभरती हुई तकनीकों—विशेषकर एआई—के नैतिक और जिम्मेदार उपयोग में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने के लिए तैयार है। एआई इम्पैक्ट समिट 2026 न केवल तकनीकी चर्चा का मंच होगा, बल्कि यह वैश्विक सहयोग, नीतिगत समन्वय और डिजिटल भविष्य की दिशा तय करने का एक निर्णायक अवसर भी साबित हो सकता है। नई दिल्ली में होने वाला यह आयोजन भारत को एआई शासन और वैश्विक तकनीकी कूटनीति के केंद्र में स्थापित करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

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