Shattila Ekadashi Vrat Paran 2026: हिंदू धर्म में एकादशी तिथि का विशेष महत्व माना जाता है। हर माह कृष्ण और शुक्ल पक्ष की एकादशी व्रत-पूजन के लिए शुभ होती है। माघ मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को षटतिला एकादशी कहा जाता है। मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने और विधिवत पारण करने से पापों से मुक्ति और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है। वर्ष 2026 में षटतिला एकादशी व्रत 14 जनवरी को रखा गया था, जबकि इसका पारण 15 जनवरी को किया जाएगा।

कब किया जाएगा षटतिला एकादशी व्रत का पारण
षटतिला एकादशी का पारण द्वादशी तिथि में किया जाता है। पंचांग के अनुसार द्वादशी तिथि की शुरुआत 14 जनवरी 2026 को शाम 5 बजकर 55 मिनट से हो जाएगी, लेकिन उदयातिथि के अनुसार व्रत का पारण 15 जनवरी 2026 को ही मान्य होगा।
षटतिला एकादशी व्रत पारण का शुभ मुहूर्त
षटतिला एकादशी व्रत के पारण के लिए 15 जनवरी 2026 को सुबह 7 बजकर 14 मिनट से 9 बजकर 21 मिनट तक का समय शुभ बताया गया है। इसी समय में व्रत खोलना उत्तम माना जाता है।
षटतिला एकादशी व्रत पारण की सही विधि
द्वादशी तिथि के दिन प्रातः स्नान-ध्यान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें। इसके बाद पूजा स्थल में धूप-दीप जलाकर भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की विधिवत पूजा करें। मंत्रों का जप करें और भगवान को भोग अर्पित करें। पूजा के बाद प्रसाद का वितरण करें और स्वयं भी प्रसाद ग्रहण कर व्रत का पारण करें। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी पारण में आंवला, चावल आदि का सेवन शुभ फलदायी माना जाता है।
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