हमने दुनिया को दिखाया कि वायु शक्ति कुछ ही दिनों में सैन्य परिणाम तय कर सकती है: वायुसेना प्रमुख

हिंडन । वायुसेना प्रमुख ए.पी. सिंह ने बुधवार को कहा कि आॅपरेशन सिंदूर के दौरान दुश्मन के ठिकानों पर भारतीय वायुसेना के साहसिक और सटीक हमलों ने राष्ट्रीय चेतना में आक्रामक हवाई कार्वाई के उचित स्थान को बहाल किया। वायु सेना प्रमुख ने कहा कि उनकी सेना ने दुनिया के समक्ष यह साबित कर दिया कि वायु शक्ति का उपयोग कुछ ही दिनों में सैन्य परिणामों को आकार देने में कैसे प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।

एयर चीफ मार्शल सिंह ने हिंडन एयरबेस पर वायुसेना दिवस के अवसर पर वायु योद्धाओं को संबोधित करते हुए कहा, आॅपरेशन सिंदूर के दौरान हमारे प्रदर्शन ने हमें पेशेवर स्तर पर गौरवान्वित किया। हमने दुनिया के समक्ष यह साबित कर दिया कि वायु शक्ति का इस्तेमाल कुछ ही दिनों में सैन्य परिणामों को आकार देने में कैसे प्रभावी ढंग से किया जा सकता है।

वायुसेना प्रमुख ने आपरेशन सिंदूर को इस बात का एक शानदार उदाहरण बताया कि सावधानीपूर्वक बनाई गई योजना, अनुशासित प्रशिक्षण और दृढ़ निश्चयी कार्यान्वयन के जरिए क्या हासिल किया जा सकता है।उन्होंने कहा, भारत के साहसिक और सटीक हमलों ने राष्ट्रीय चेतना में आक्रामक हवाई कार्वाई को उचित स्थान दिलाया।

एयर चीफ मार्शल सिंह ने कहा, हमारी मजबूत वायु रक्षा संरचना और सतह से हवा में मार करने वाली लंबी दूरी की मिसाइल प्रणालियों के आक्रामक इस्तेमाल ने दुश्मन की क्षमता को सीमित कर दिया और हमारी महत्वपूर्ण संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित की। उन्होंने कहा, स्वदेशी रूप से विकसित और एकीकृत हथियारों ने दुश्मन के इलाके में गहराई तक सटीक और विनाशकारी प्रहार किए। उनका प्रदर्शन स्वदेशी रूप से विकसित क्षमताओं में हमारे विश्वास को पुष्ट करता है।

एयर चीफ मार्शल सिंह ने कहा कि भारतीय वायुसेना की अभियानगत योजनाओं में नयी प्रणालियों, हथियारों और उपकरणों के एकीकरण की बढ़ती गति एक महत्वपूर्ण सफलता रही है। उन्होंने कहा, मैं देख सकता हूं कि वायु योद्धाओं में जवाबदेही, सुरक्षा और संरक्षा की संस्कृति बढ़ी है और यह हमारी कम हुई दुर्घटनाओं में प्रत्यक्ष रूप से परिलक्षित होता है।उन्होंने कहा, सभी स्तरों पर नेता आगे बढ़कर नेतृत्व कर रहे हैं और असाधारण दूरदर्शिता एवं सहानुभूति का प्रदर्शन कर रहे हैं। वे यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रत्येक व्यक्ति को आवश्यक प्रशिक्षण मिले और वह प्रेरित हो।

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