कलश से पानी गिरना शुभ संकेत या अपशकुन? शकुन शास्त्र में छिपे हैं भविष्य के बड़े संकेत, जानिए पूरा अर्थ

नई दिल्ली: भारतीय संस्कृति में पौराणिक काल से ही शकुन–अपशकुन का विशेष महत्व रहा है। हमारे पूर्वजों ने प्रकृति और रोजमर्रा की घटनाओं का गहन अध्ययन कर कुछ संकेत तय किए, जिन्हें आज हम शुभ और अशुभ के रूप में जानते हैं। यह केवल अंधविश्वास नहीं, बल्कि प्रतीकों के माध्यम से जीवन को समझने की एक पारंपरिक पद्धति मानी जाती है। कई बार अनजाने में पानी से भरा कलश हाथ से छूटकर गिर जाता है या उसका पानी फैल जाता है, जिसे लोग सामान्य घटना मानकर टाल देते हैं, लेकिन शकुन शास्त्र में ऐसी घटनाओं के विशेष अर्थ बताए गए हैं। ऐसे में आइए जानते हैं कलश से पानी गिरने सहित अन्य प्रमुख शकुन–अपशकुनों का संकेत क्या होता है।

मंगल कलश का विशेष महत्व
कलश को पूर्णता, समृद्धि और ऐश्वर्य का प्रतीक माना गया है। घर में जल से भरा कलश या पूजा स्थल पर स्थापित मंगल कलश सुख-समृद्धि का सूचक होता है। मान्यताओं के अनुसार यदि कलश का पानी अचानक सूख जाए या कलश गिरकर उसका पानी बह जाए, तो इसे आर्थिक नुकसान या सकारात्मक ऊर्जा में कमी का संकेत माना जाता है। ऐसी स्थिति में कलश को तुरंत शुद्ध जल से भरकर दोबारा विधिवत स्थापित करना शुभ माना जाता है।

हाथी दंत से जुड़े संकेत
हाथी को भगवान गणेश का स्वरूप माना जाता है, जो बुद्धि, शक्ति और विघ्नों के नाश का प्रतीक हैं। घर में हाथी दांत का प्रतीकात्मक रूप रखना सौभाग्यवर्धक माना जाता है। यदि यह अचानक टूट जाए या उसमें दरार आ जाए, तो इसे आने वाली बाधाओं और कठिनाइयों का पूर्व संकेत माना जाता है। ऐसे में क्षतिग्रस्त वस्तु को घर से हटाना उचित माना गया है।

सुपारी के शकुन–अपशकुन
धार्मिक अनुष्ठानों में सुपारी को गणेश जी का प्रतीक मानकर पूजा जाता है। यह जीवन में आने वाले उतार–चढ़ाव का भी संकेत मानी जाती है। मांगलिक कार्यों में सुपारी का दान शुभ फल देता है, लेकिन शास्त्रों के अनुसार सूर्यास्त के बाद सुपारी का सेवन करना अशुभ माना गया है, क्योंकि इसे आर्थिक प्रगति में बाधा उत्पन्न करने वाला माना जाता है।

काले टीके का संकेत
नजर दोष से बचाव के लिए काला टीका लगाने की परंपरा सदियों पुरानी है। इसे नकारात्मक ऊर्जा से सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। पूजा या शुभ कार्य के बाद साफ और स्पष्ट तिलक या टीका शुभ फल देता है, लेकिन यदि टीका फैला हुआ या धुंधला हो जाए, तो यह मानसिक अस्थिरता या नकारात्मक प्रभाव की ओर इशारा करता है।

लाल चूड़ियों का महत्व
लाल रंग ऊर्जा, प्रेम और सुहाग का प्रतीक है। विवाहित महिलाओं के लिए लाल चूड़ियां पहनना शुभ माना जाता है। मान्यता है कि यदि चूड़ियां अचानक टूट जाएं या चटक जाएं, तो यह वैवाहिक जीवन में तनाव या स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में टूटे कांच को संभालकर सुरक्षित तरीके से विसर्जित करना चाहिए।

खंडित वस्तुएं क्यों मानी जाती हैं अपशकुन
शकुन शास्त्र के अनुसार घर में पूर्ण और सही स्थिति वाली वस्तुएं ही सकारात्मक ऊर्जा बनाए रखती हैं। टूटे दर्पण, चटके हुए बर्तन या खराब फर्नीचर को घर में रखना बड़ा अपशकुन माना जाता है। ऐसी वस्तुएं दरिद्रता और रुकावटों को आमंत्रित करती हैं, इसलिए इन्हें तुरंत हटा देना ही शुभ माना गया है।

स्वप्न में शव दिखने का संकेत
स्वप्न शास्त्र के अनुसार सपनों में दिखने वाले दृश्य भी भविष्य के संकेत देते हैं। यदि सपने में किसी पूर्वज या किसी व्यक्ति का शव दिखाई दे, तो इसे अक्सर शुभ संकेत माना जाता है और पितरों के आशीर्वाद का प्रतीक समझा जाता है। वहीं यदि व्यक्ति खुद की मृत्यु या अपना ही शव देखे, तो यह मानसिक तनाव या चिंता का द्योतक माना जाता है। ऐसे में ईश्वर का स्मरण और दान–पुण्य करने की सलाह दी जाती है।

 

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