दुधवा नेशनल पार्क में हाथी की सवारी नहीं कर सकेंगे इस बार पर्यटक

लखनऊ/लखीमपुर-खीरी। दुधवा नेशनल पार्क के नवीन सत्र का आगाज 15 नवंबर से होगा। कोविड 19 के चलते इस बार पर्यटकों पर कई शर्ते लागू होंगी व अतिरिक्त खर्च भी करना होगा। परिसर में पर्यटकों की  कोविड थर्मल स्कैनिंग होगी। लक्षण हुए तो प्रवेश नही होगा। पर्यटन के लिए हाथी का उपयोग नही होगा। सफारी पर गाइड, ड्राईवर व डिस्टनसिंग निश्चित करने के किये चार पर्यटक ही होंगे। मास्क व सेनीटाइजेशन अनिवार्य रहेगा। मास्क न पहनने पर  500 रुपये जुर्माना होगा। सफारी हर चक्र में सेनेटाइज होगी। हट में दो लोग रहेंगे। 10 वर्ष से कम,65 से ज्यादा, गर्भवती महिलाओं,बीमार पर्यटकों का प्रवेश नही होगा।

दुधवा नेशनल पार्क

शासन की गाइड लाइन का पालन होगा

कोरोना ने दुधवा नेशनल पार्क के खुलने की तिथि के साथ ही पार्क भ्रमण को लेकर बड़े बदलाव किए हैं। पार्क प्रशासन ने शासन की गाइड लाइन का पालन करते हुए पार्क भ्रमण के लिए नए दिशा-निर्देश जारी कर दिए हैं। जिसमें भी सभी बातों का ध्यान रखा गया है। यहां तक कि सैलानियों के भ्रमण, भोजन, रहन-सहन सभी को ध्यान में रखते हुए गाइड लाइन का पालन कराकर एक नवंबर से पार्क के द्वार प्रशासन खोलने की तैयारी कर रहा है।

हर साल दुधवा नेशनल पार्क 15 नवंबर को सैलानियों के लिए खोला जाता था लेकिन इस बार कोरोना काल में दुधवा को खोलने की तिथि के साथ ही पूरी रूपरेखा को बदल दिया गया है। सैलानियों को कड़ाई से नियम पालन कराने के लिए पार्क प्रशासन की तरफ से गाइड लाइन भी जारी कर दी गई है। जिसके तहत एक नवंबर से खुल रहे दुधवा नेशनल पार्क में गाइड, जिप्सी चालकों, सैलानियों के लिए नियम बनाए गए हैं जिनका पालन करने के बाद ही सैलानियों को पार्क का भ्रमण कराया जाएगा।

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