मुंबई । रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर मुकेश डी. अंबानी ने वित्त वर्ष 2026 की तीसरी तिमाही के प्रदर्शन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि कंपनी के सभी व्यवसायों में मजबूत फाइनेंशियल डिलीवरी और ऑपरेशनल मजबूती बनी हुई है। उन्होंने विशेष रूप से जियो के डिजिटल इकोसिस्टम की सराहना करते हुए बताया कि मोबाइल और ब्रॉडबैंड उत्पादों के माध्यम से रिलायंस अब भारतीय घरों में और भी गहराई से अपनी जगह बना रहा है। स्वदेशी टेक्नोलॉजी स्टैक और आकर्षक ऑफर्स के दम पर जियो ने न केवल अपना सब्सक्राइबर बेस बढ़ाया है, बल्कि इस तिमाही में EBITDA में 16.4% की शानदार ग्रोथ भी दर्ज की है। कनेक्टिविटी और मीडिया प्लेटफॉर्म्स के मेल ने कस्टमर एंगेजमेंट को नए स्तर पर पहुँचा दिया है।

रिटेल सेक्टर के प्रदर्शन पर चर्चा करते हुए मुकेश अंबानी ने बताया कि नए ब्रांड्स और विस्तृत प्रोडक्ट रेंज ने पोर्टफोलियो को और अधिक सशक्त बनाया है। इसी तिमाही में कंज्यूमर प्रोडक्ट्स बिजनेस का डीमर्जर हुआ, जिससे अब यह वर्टिकल एक फोकस्ड स्ट्रक्चर के साथ तेज विकास की ओर अग्रसर है। देशव्यापी ओम्नी-चैनल मौजूदगी और हाइपरलोकल क्विक डिलीवरी ने रिटेल सेगमेंट को जबरदस्त मजबूती दी है। वहीं, O2C (ऑयल टू केमिकल) बिजनेस में बेहतर फ्यूल मार्जिन और अनुकूल डिमांड-सप्लाई वातावरण के कारण अच्छी ग्रोथ देखी गई है। जियो-बीपी नेटवर्क के विस्तार के साथ फ्यूल रिटेलिंग में भी कंपनी लगातार अपनी पकड़ मजबूत कर रही है, हालांकि अपस्ट्रीम सेगमेंट पर कम वॉल्यूम और कीमतों का आंशिक असर जरूर पड़ा है।
रिलायंस की वित्तीय स्थिरता को वैश्विक स्तर पर भी पहचान मिली है, जहाँ S&P ग्लोबल रेटिंग्स ने कंपनी के विदेशी मुद्रा ऋण (Debt) को ‘A-’ की रेटिंग दी है। भविष्य की योजनाओं का जिक्र करते हुए अंबानी ने कहा कि रिलायंस अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और न्यू एनर्जी के क्षेत्र में नई वैल्यू क्रिएशन के दौर में प्रवेश कर रहा है। उन्होंने भरोसा जताया कि ये तकनीकें भविष्य की दिशा तय करेंगी और रिलायंस भारत व दुनिया के लिए बड़े पैमाने पर सस्टेनेबल सॉल्यूशंस (टिकाऊ समाधान) प्रदान करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
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