सोमनाथ। हाड़ कंपा देने वाली ठंड के बावजूद सोमनाथ मंदिर परिसर में शनिवार को आयोजित भव्य आयोजनों को देखने के लिए रिकॉर्ड तोड़ भीड़ उमड़ पड़ी। सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के तहत हुई आतिशबाजी, आकर्षक सजावट और भव्य ड्रोन शो ने श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार शाम सोमनाथ मंदिर में ‘ओंकार मंत्र’ के उच्चारण में भाग लिया, विधिवत दर्शन किए और इसके बाद 3,000 ड्रोन से सजे भव्य ड्रोन शो का अवलोकन भी किया। प्रधानमंत्री के आगमन के साथ ही मंदिर परिसर और उसके आसपास लोगों का जनसैलाब उमड़ पड़ा, जबकि सुरक्षा बल पूरे क्षेत्र में मुस्तैद नजर आए।
इस आयोजन को देखने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से लोग सोमनाथ पहुंचे। पड़ोसी राज्य महाराष्ट्र के मुंबई से आईं 24 वर्षीय प्रीति करेलिया ने बताया कि वह अन्य महिलाओं के साथ खासतौर पर इस समारोह को देखने आई हैं। उन्होंने कहा, “हम आज सोमनाथ मंदिर देखने और अपने प्रधानमंत्री से मिलने आए हैं। मंदिर की परंपराओं और उसकी दृढ़ता का उत्सव मनाने वाला यह अवसर हमारे लिए अविस्मरणीय है। आतिशबाजी, मंदिर तक जाने वाली सड़कों की सजावट और शानदार ड्रोन शो ने इस पूरे अनुभव को और दिव्य बना दिया है।”
प्रीति करेलिया और उनके साथ आई महिलाओं ने खुद को मुंबई की ‘भजन मंडली’ बताया। शंख सर्कल से वीर हमीरजी गोहिल सर्कल तक मंदिर की ओर जाने वाली मुख्य सड़क को फूलों और रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया था। त्रिशूल, ओम और डमरू के आकार की लाइटिंग ने पूरे इलाके को आध्यात्मिक वातावरण से भर दिया। इसके अलावा सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के पोस्टर और फूलों से बने शिवलिंग भी जगह-जगह लगाए गए थे।
शहर भर में बड़े-बड़े बैनर लगाए गए थे, जिन पर ‘अखंड सोमनाथ, अखंड भारत’ जैसे नारे और ‘प्रहार से पुनरुत्थान का साक्षी, मैं स्वयंभू सोमनाथ हूं’ जैसी पंक्तियां लिखी थीं। प्रधानमंत्री के मंदिर परिसर में पहुंचते ही मुख्य द्वारों के पास श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जमा हो गई।
शनिवार रात को मंदिर पहुंचे श्रद्धालुओं में भावनगर से आए धार्मिक व्यक्तित्व भारद्वाज गिरि और पड़ोसी जिले जूनागढ़ से आए वरिष्ठ नेता गिरीश एम. कोटेचा भी शामिल थे। वीर हमीरजी गोहिल सर्कल के पास बातचीत में भारद्वाज गिरि ने कहा कि वीर हमीरजी जैसे योद्धाओं ने “हमारे हिंदू तीर्थस्थलों के गौरव की रक्षा” के लिए अपने प्राणों की आहुति दी। वीर हमीरजी 16वीं शताब्दी के राजपूत योद्धा थे, जिन्हें आक्रमणकारियों के खिलाफ सोमनाथ मंदिर की रक्षा के लिए याद किया जाता है।गिरीश एम. कोटेचा ने कहा, “यह सोमनाथ की भावना का उत्सव है। इस अवसर पर लोगों के चेहरों पर जो खुशी और गर्व दिख रहा है, वही इस आयोजन की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
दर्शन के बाद कई श्रद्धालु लौट गए, लेकिन सांस्कृतिक कार्यक्रमों और ड्रोन शो के चलते देर रात तक लोगों का आना-जाना जारी रहा। खास तौर पर बड़ी संख्या में महिलाएं जनवरी की ठंड की परवाह किए बिना पूरे उत्साह के साथ मंदिर परिसर में पहुंचती रहीं।
करीब 15 मिनट तक चले ड्रोन शो में भगवान शिव, विशाल शिवलिंग और विभिन्न धार्मिक व ऐतिहासिक विषयों पर आधारित आकृतियां आकाश में उकेरी गईं। इसके साथ ही सोमनाथ मंदिर का भव्य 3डी रूपांकन भी प्रस्तुत किया गया। ड्रोन शो के बाद हुई शानदार आतिशबाजी ने पूरे कार्यक्रम को यादगार बना दिया और श्रद्धालुओं के बीच उत्साह का माहौल बना रहा।
Sarkari Manthan Hindi News Portal & Magazine