प्रयागराज में सामूहिक हत्याकांड, एक ही परिवार के तीन बुजुर्गों को दौड़ा-दौड़ा कर उतारा मौत के घाट

प्रयागराज। प्रयागराज में सामूहिक हत्याकांड की घटना ने पूरे जिले को सनसनी और दहशत में डाल दिया है। यूपी के प्रयागराज जिले के मेजा थाना क्षेत्र अंतर्गत कुकुरकटवा गांव में सोमवार देर रात एक ही परिवार के तीन बुजुर्ग सदस्यों की बेहद नृशंस और क्रूर तरीके से हत्या कर दी गई। इस घटना की सूचना मिलते ही पूरे इलाके में मातम छा गया और ग्रामीणों में आक्रोश फैल गया। मंगलवार सुबह जब लोगों को इस वारदात का पता चला, तो गांव में चीख-पुकार मच गई और सैकड़ों ग्रामीण घटनास्थल पर जमा हो गए।

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दारोगा तत्काल प्रभाव से निलंबित

पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए रामनगर पुलिस चौकी के दरोगा राम विलास को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। साथ ही घटना के खुलासे के लिए एसओजी, क्राइम ब्रांच और स्थानीय पुलिस की विशेष टीमों को लगाया गया है। प्रारंभिक जांच में यह मामला प्रेम प्रसंग और पुरानी रंजिश से जुड़ा होने के संकेत मिले हैं।

Prayagraj Murder

वारदात सोमवार रात करीब एक बजकर तीस मिनट के आसपास हुई। तीन-चार युवकों के एक गिरोह ने धारदार हथियार लेकर परिवार के सदस्यों पर अचानक हमला बोल दिया। सो रहे बुजुर्गों को उठाकर दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया और निर्ममता से हत्या कर दी गई।

मृतकों की पहचान अमरावती देवी (65 वर्ष), इंद्रावती देवी (62 वर्ष) और श्याम लाल गुप्ता उर्फ कल्लू गुप्ता (65 वर्ष) के रूप में हुई है। तीनों एक ही परिवार के थे और घर से महज बीस मीटर की दूरी पर उनके शव बिखरे पड़े मिले। घटनास्थल पर मौजूद खून के निशान और स्थिति से साफ पता चलता है कि, पीड़ितों ने जान बचाने के लिए भागने की कोशिश की थी, लेकिन हमलावरों ने उन्हें बख्शा नहीं।’

परिवार में मातम

श्याम लाल गुप्ता पांच भाइयों में सबसे बड़े थे। उनके दो भाई दूधनाथ और मंजेश पहले ही गुजर चुके हैं। घर में श्याम लाल अपनी पत्नी फूलकली के साथ रहते थे, जो मानसिक रूप से विक्षिप्त हैं। साथ में नींबूलाल की पत्नी अमरावती देवी और दिवंगत दूधनाथ की पत्नी इंद्रावती देवी भी उसी घर में रहती थीं।

हमले के दौरान श्याम लाल की पत्नी फूलकली को कोई चोट नहीं आई, जो इस घटना को और भी रहस्यमयी बनाता है। पुलिस और परिजनों के अनुसार,  पूरे परिवार को खत्म करने के मकसद से हमलावर सोते हुए लोगों पर टूट पड़े। इस भयावह घटना ने पूरे कुकुरकटवा गांव को झकझोर कर रख दिया है। घटना की खबर मिलते ही परिवार में मातम छा गया। महिलाओं का रो-रो कर बुरा हाल है, वहीं घर के पुरुषों में गुस्सा भर गया है, वे पुलिस से तत्काल कार्रवाई करने की मांग कर रहे हैं।

परिवार के सदस्यों ने पुलिस को अहम जानकारी देते हुए गांव के ही युवक हिमांशु यादव पर सीधा आरोप लगाया है। परिजनों का कहना है कि, हिमांशु यादव मंजेश गुप्ता की बेटी प्रिया गुप्ता से जबरन शादी करना चाहता था। जब परिवार ने इस रिश्ते के लिए मना कर दिया तो हिमांशु ने पूरे परिवार को खत्म करने की खुली धमकी दी थी।

हर एंगल से हो रही जांच

करीब एक सप्ताह पहले भी उसने परिवार को धमकाया था। आरोप है कि, इसी पुरानी रंजिश और प्रेम प्रसंग के चलते हिमांशु ने अपने साथियों के साथ मिलकर यह नृशंस कांड किया। घटना की सूचना मिलते ही प्रयागराज पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। उच्च अधिकारियों के निर्देश पर तुरंत फॉरेंसिक टीम, डॉग स्क्वॉड और फील्ड यूनिट को मौके पर भेजा गया। प्रयागराज एडिशनल पुलिस कमिश्नर लॉ एंड ऑर्डर डॉ. अजय पाल शर्मा खुद घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पूरी स्थिति का जायजा लिया और जांच अधिकारियों को तेजी से काम करने तथा सभी एंगल से छानबीन करने के सख्त निर्देश दिए।

Prayagraj Murder

शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के कई पहलू सामने आए हैं। प्रेम प्रसंग के अलावा पुरानी रंजिश, जमीन विवाद और अन्य व्यक्तिगत शत्रुता की भी जांच की जा रही है। अभी तक पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि, दोषी चाहे कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा और जल्द ही गिरफ्तारी हो जाएगी। गांव में दहशत का माहौल है और लोग रात में घरों से बाहर निकलने में भी डर महसूस कर रहे हैं।यह घटना प्रयागराज के ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ती हिंसा और सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी को उजागर करती है।

पहले भी इलाके में हो चुकी हैं घटनाएं 

मेजा इलाके में पिछले कुछ वर्षों में प्रेम प्रसंग, पारिवारिक विवाद और जमीन संबंधी रंजिश को लेकर कई हिंसक घटनाएं हो चुकी हैं। बुजुर्गों और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर स्थानीय स्तर पर सवाल उठ रहे हैं। परिवार के सदस्य न्याय की मांग कर रहे हैं और कह रहे हैं कि अगर पुलिस ने हिमांशु की दी गई धमकी को गंभीरता से लिया होता तो शायद यह घटना रोकी जा सकती थी। वर्तमान में पूरे जिले में पुलिस अलर्ट पर है। आसपास के गांवों में गश्त बढ़ा दी गई है, ताकि कोई और अप्रिय घटना न हो।

फॉरेंसिक टीम सबूत जुटाने में जुटी हुई है। डीएनए सैंपल, फिंगरप्रिंट और अन्य वैज्ञानिक सबूतों के आधार पर पुलिस आरोपी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। हिमांशु यादव और उसके साथियों की तलाश तेज कर दी गई है। माना जा रहा है कि जल्द ही उन्हें दबोच लिया जाएगा।

 

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