ममता बनर्जी ने ईडी छापेमारी को बताया राजनीतिक दबाव, आई-पीएसी प्रमुख के घर पहुंचीं

ममता बनर्जी ने ईडी छापेमारी को बताया राजनीतिक दबाव, आई-पीएसी प्रमुख के घर पहुंचीं

कोलकाता।  पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी बृहस्पतिवार को आई-पीएसी प्रमुख प्रतीक जैन के आवास पर पहुंचीं, जहां प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) तलाश अभियान चला रहा है। बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के आंतरिक दस्तावेजों, हार्ड डिस्क और संवेदनशील डिजिटल डाटा को जब्त करने का प्रयास कर रही थी। उन्होंने कहा कि मेरे आईटी प्रकोष्ठ के प्रभारी जैन के आवास पर छापेमारी राजनीतिक रूप से प्रेरित और असंवैधानिक है।

बनर्जी कोलकाता पुलिस आयुक्त मनोज वर्मा के वहां पहुंचने के कुछ ही मिनट बाद दोपहर के आसपास जैन के आवास पहुंचीं। वह लगभग 20-25 मिनट तक वहां रहीं और फिर हाथ में हरे रंग का एक फोल्डर लेकर बाहर निकलीं।बनर्जी ने पत्रकारों से कहा,ईडी ने मेरे आईटी सेक्टर (प्रकोष्ठ) कार्यालय पर छापा मारा और मेरे आईटी सेक्टर (प्रकोष्ठ) के प्रभारी के आवास की तलाशी ली। वे मेरी पार्टी के दस्तावेज और हार्ड डिस्क जब्त कर रहे थे, जिनमें विधानसभा चुनाव के लिए हमारी पार्टी के उम्मीदवारों का विवरण था।

मैंने इन्हें वापस ले लिया है। उन्होंने ईडी पर सत्तारूढ़ पार्टी की हार्ड डिस्क, मोबाइल फोन, उम्मीदवारों की सूची और आंतरिक रणनीति संबंधी दस्तावेजों को जब्त करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री ने पूछा,क्या राजनीतिक दलों के आंकड़े एकत्र करना ईडी का काम है?टीएमसी के लिए राजनीतिक परामर्श के अलावा, आई-पीएसी पार्टी के आईटी और मीडिया प्रकोष्ठ का भी कामकाज संभालता है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर तीखा हमला बोलते हुए बनर्जी ने इन तलाश अभियानों को बदले की राजनीति बताया और कहा कि विपक्षी दलों को डराने-धमकाने के लिए संवैधानिक एजेंसियों का दुरुपयोग किया जा रहा है। बनर्जी ने आरोप लगाया, यह कानून लागू करना नहीं, बल्कि बदले की राजनीति है।

गृह मंत्री एक सबसे खराब गृह मंत्री की तरह व्यवहार कर रहे हैं, न कि देश की रक्षा करने वाले किसी व्यक्ति की तरह। जैन के नेतृत्व वाली परामर्श फर्म इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (आई-पीएसी) के कार्यालय में भी सुबह से तलाश अभियान जारी है। घर से निकलते समय अपने हाथ में पकड़ी फाइल की ओर इशारा करते हुए बनर्जी ने दावा किया कि ईडी के अधिकारी दस्तावेज लेकर जा रहे थे और उन्होंने लैपटॉप भी छीनने की कोशिश की थी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियां चुनिंदा रूप से राजनीतिक जानकारी एकत्र कर रही हैं और पश्चिम बंगाल के 15 लाख से अधिक लोगों के नाम बिना पर्याप्त स्पष्टीकरण के मतदाता सूची से हटा दिये गये। बनर्जी बाद में सॉल्ट लेक स्थित आई-पीएसी के सेक्टर-वी कार्यालय पहुंचीं, जहां डीजीपी राजीव कुमार भी मौजूद हैं।

इस घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए पश्चिम बंगाल विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पर संवैधानिक एजेंसियों के कामकाज में बार-बार हस्तक्षेप करने और जांच में बाधा डालने का आरोप लगाया।उन्होंने कहा कि बनर्जी के खिलाफ कार्वाई पर विचार किया जाना चाहिए और सवाल उठाया कि टीएमसी के दस्तावेज कथित तौर पर एक निजी परामर्श फर्म के पास क्यों थे। अधिकारी ने पत्रकारों से कहा, मुझे लगता है कि मुख्यमंत्री और कोलकाता पुलिस आयुक्त का दौरा अनैतिक, असंवैधानिक और केंद्रीय एजेंसी की जांच में सीधा हस्तक्षेप था। ईडी ने इस अभियान के संबंध में अब तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

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